- बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की
- दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 2025-26 में 5.1 लाख रुपये अनुमानित है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 2.5 गुना अधिक है
- दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का योगदान 86% से अधिक है, जबकि कृषि का योगदान मात्र 0.8 प्रतिशत है
दिल्ली सरकार ने बजट सत्र के पहले दिन आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 रिपोर्ट को सदन में पेश किया. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे पेश किया. सर्वे के मुताबिक, दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से करीब 2.5 गुना ज्यादा है. 2025-26 में दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 5.1 लाख रुपये रहने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा दिल्ली की मजबूत अर्थव्यवस्था को दिखाता है.
सर्वे के अनुसार, दिल्ली का GSDP 2025–26 में 9.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी से लगभग 13.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है. राजधानी की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का दबदबा है, जिसका योगदान 86 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि कृषि का 0.8 प्रतिशत ही योगदान है.
दिल्ली का 2025–26 का बजट 1 लाख करोड़ रुपये का रहा, जिसमें 59,300 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए. परिवहन क्षेत्र को सबसे ज्यादा, करीब 20 प्रतिशत हिस्सा मिला. इसके अलावा, सरकार ने रेवेन्यू सरप्लस बनाए रखा है और वित्तीय घाटा भी GSDP के 3 प्रतिशत के भीतर है, जो सुरक्षित स्तर माना जाता है.
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ट्रांसपोर्ट में बड़ा विस्तार
राजधानी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लगातार मजबूत किया जा रहा है. दिल्ली मेट्रो नेटवर्क फिलहाल करीब 352 किलोमीटर का है, जो फेज-IV के बाद 463 किलोमीटर तक पहुंचने की उम्मीद है. वहीं, डीटीसी और क्लस्टर बसें रोजाना लगभग 24 लाख यात्रियों को सेवा दे रही हैं. इलेक्ट्रिक बसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और मार्च 2026 तक यह 4,300 से ज्यादा हो चुकी है. महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के तहत 2025–26 में 56 करोड़ से अधिक यात्राएं की गई.

बिजली में 100% कवरेज और बढ़ती मांग
दिल्ली ने 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल कर लिया है. 2025–26 में बिजली की अधिकतम मांग 8442 मेगावाट तक पहुंच गई, जो पिछले वर्षों के मुकाबले काफी ज्यादा है. साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 509 मेगावाट तक पहुंच गई है, जिसमें सौर और कचरे से ऊर्जा उत्पादन शामिल है.
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पानी और सीवरेज में सुधार
सर्वे के अनुसार, दिल्ली के लगभग 93.5 प्रतिशत घरों में पाइप से पानी की सुविधा उपलब्ध है. सरकार हर घर को 20 किलोलीटर तक मुफ्त पानी भी दे रही है. सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता में भी इजाफा हुआ है और यह 764 MGD तक पहुंच चुकी है, जिससे स्वच्छता में सुधार हुआ है.
पर्यावरण और हरियाली पर जोर
दिल्ली में हरित क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास जारी हैं. दिल्ली का फॉरेस्ट और ट्री कवर 25.04 प्रतिशत तक पहुंच गया है. वहीं, 2025–26 में 53.7 लाख पौधे लगाए गए हैं. प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों के चलते ‘अच्छे' और ‘संतोषजनक' वायु गुणवत्ता वाले दिनों की संख्या भी बढ़ी है.
शिक्षा और स्वास्थ्य में बेहतर प्रदर्शन
दिल्ली की साक्षरता दर 86.2 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है. सरकारी स्कूलों में पास प्रतिशत भी 97–98 प्रतिशत के आसपास बना हुआ है. स्वास्थ्य क्षेत्र में राजधानी में 90 से अधिक अस्पताल और व्यापक स्वास्थ्य नेटवर्क मौजूद है. शिशु मृत्यु दर (IMR) 14 है, जो राष्ट्रीय औसत से कम है.
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