- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्राइवेट स्कूलों में किताबों और स्टेशनरी की खरीद को लेकर सख्त नियम बनाए
- स्कूलों के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से लिखा जाना चाहिए कि माता-पिता कहीं से भी सामान खरीद सकते हैं
- सीएम ने कहा कि पैरेंट्स को किसी भी दुकान से खरीददारी के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है
दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में किताबों, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी की खरीद को लेकर पैरेंट्स पर किसी तरह का दबाव नहीं चलेगा. इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एकदम अपना रुख साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ी तो वे खुद स्कूलों का निरीक्षण करने पहुंचेंगी. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निजी स्कूलों को लेकर बड़ा संदेश दिया है.
I can walk into any private school in Delhi for an inspection, anytime.
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) April 30, 2026
Every school will state it clearly on its notice board, on its website, and at any store it operates that parents are free to buy uniforms, books and stationery from anywhere. There will be no coercion, no… pic.twitter.com/HvCiB8Yyqc
खुद इंस्पेक्शन के लिए पहुंच सकती हैं सीएम
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के किसी भी प्राइवेट स्कूल में वे खुद इंस्पेक्शन के लिए पहुंच सकती हैं. सीएम ने निर्देश दिए हैं कि हर स्कूल के नोटिस बोर्ड, उसकी वेबसाइट या अगर स्कूल का अपना कोई बुक स्टोर है, वहां यह बात लिखित रूप में साफ‑साफ दर्ज होनी चाहिए कि माता‑पिता अपने बच्चों के लिए किताबें, ड्रेस और स्टेशनरी कहीं से भी खरीद सकते हैं.
पैरेंट्स को नहीं किया जा सकता मजबूर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पैरेंट्स के लिए किसी एक जगह से सामान खरीदने की कोई मजबूरी नहीं होनी चाहिए. स्कूल चाहें तो लोगों की सुविधा के लिए कुछ दुकानों का रेफरेंस दे सकते हैं, लेकिन इसे किसी भी हालत में बाध्यता के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह बात हर हाल में सुनिश्चित की जाए.
दिल्ली सीएम की स्कूलों को चेतावनी
रेखा गुप्ता ने चेतावनी दी कि अगर निरीक्षण के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या नियम उल्लंघन मिला तो सख्त एक्शन लिया जाएगा. उन्होंने यह भी साफ कहा कि उनका इंस्पेक्शन पर आना कोई नौटंकी नहीं है, बल्कि स्कूलों को इस बात को गंभीरता से लेना चाहिए. दिल्ली सीएम का यह बयान उन सुझावों के आधार पर आया है, जो जनता की ओर से उन्हें भेजे गए थे.
इन सुझावों में निजी स्कूलों द्वारा किताबों और अन्य सामान की खरीद को लेकर पैरेंट्स पर दबाव बनाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं. मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद माना जा रहा है कि दिल्ली के निजी स्कूलों में अभिभावकों से जुड़े इस मुद्दे पर अब निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ेंगी.
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