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This Article is From Aug 01, 2017

उत्तरी पूर्व राज्यों की 41 लड़कियां बनी कमांडो, बेस्ट कमांडो को दिल्ली पुलिस ने बनाया पोस्टर गर्ल

ये लड़कियां 15 अगस्त पर दिल्ली की सुरक्षा के लिए तैयार हैं. खास बात ये है कि इन्हीं कमांडों में से बेस्ट कमांडों को दिल्ली पुलिस ने अपनी पोस्टर गर्ल भी चुना है.

उत्तरी पूर्व राज्यों की 41 लड़कियां बनी कमांडो, बेस्ट कमांडो को दिल्ली पुलिस ने बनाया पोस्टर गर्ल
दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो.
नई दिल्ली: "स्पेशल 41". ये उत्तरी पूर्वी राज्यों की लड़कियों का वो दस्ता है जो पहली बार दिल्ली पुलिस का हिस्सा बन स्पेशल कमांडो ट्रेनिंग ले रहा है. ये लड़कियां 15 अगस्त पर दिल्ली की सुरक्षा के लिए तैयार हैं. खास बात ये है कि इन्हीं कमांडो में से बेस्ट कमांडों को दिल्ली पुलिस ने अपनी पोस्टर गर्ल भी चुना है. नागालैंड की रहने वाली सी थेले ने कभी सोचा भी नहीं था कि वो दिल्ली पुलिस का हिस्सा बनेंगी, अपने घर से हज़ारों मील दूर थेले न सिर्फ दिल्ली पुलिस में भर्ती हुई बल्कि उन्होंने अपनी सामान्य ट्रेनिंग के बाद खुद को विशेष कमांडों ट्रेनिंग के लिए तैयार किया. ट्रेनिंग के दौरान करतब करना उनके बाएं हाथ का खेल है, कभी वो अच्छी तीरंदाज थीं तो आज अच्छी शूटर बन गई हैं.

4 महीने की कड़ी ट्रेनिंग के बाद उन्हें न सिर्फ बेस्ट कमांडो चुना गया बल्कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें अपनी पोस्टर गर्ल भी चुना है. यानि पारंपरिक तस्वीरों की बजाय दिल्ली पुलिस के पोस्टरों में अब सी थेले की तस्वीर होगी. थेले का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी तस्वीर टीवी और अखवारों में आएगी. ये देखकर वो बेहद खुश है और उनके घरवालें भी खुश हैं.
 
dp women commando poster girl
पोस्टर में नागालैंड की रहने वाली सी थेले

पोस्टर गर्ल थेले के साथ उत्तर पूर्वी राज्यों की 40 और लड़कियां विशेष कमांडो की कड़ी ट्रेनिंग से गुज़र रही हैं. कल तक इन लड़कियों के लिए दिल्ली आना एक सपना था, लेकिन आज ये उनकी हकीकत है. दिल्ली पुलिस के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में ये मर्दानी वो हर जोखिम उठा रही हैं जो इन्हें एक विशेष कमांडो बनाता है. किसी खतरे की स्थिति में ऊँची इमारत से उतरना हो या चढ़ना, इसमें इन्हें महारथ हो चुकी है. कमांडो कविता और सुराजमाली ने बताया कि ये ट्रेनिंग बेहद कठिन है लेकिन हम इसे अच्छी तरह से कर रहे हैं और अब जब हम कमांडों बन गए हैं तो हमें अलग ही खुशी मिल रही है. 
 
किसी बड़े गैंगस्टर से निपटना हो या किसी आतंकी से, इन कमांडोज़ को ऐसे तैयार किया गया है कि वो उन्हें सेकेंडों में धूल चटा दें. दिल्ली में महिला फिदायीन के हमले के खतरे को देखते हुए भी इनकी तैयारी अहम है. 

ये महिला कमांडों किसी भी तरह का हथियार चलाने में सक्षम हैं. थेले को तो निशानेबाजी में महारथ हासिल है. खास बात ये है कि इनके सभी ट्रेनर उत्तर भारतीय हैं लेकिन अब ये हिंदी भी सीख गयीं हैं और यहां के लोगों से घुल मिल भी गयीं हैं. थेले और दूसरी लड़कियों का कहना है कि हम यहां इसीलिए पुलिस में भर्ती हुए हैं कि हम दिल्ली वालों को सुरक्षा दे सकें, उन्हें ये बताएं कि हम भी आपकी तरह हैं आपके साथ हैं, कोई भेदभाव न हो. वहीं, ट्रेनिंग देने वाले एसीपी ओपी शर्मा के मुताबिक हम लोगों ने इनकी संस्कृति को समझा है और इन लोगों ने हमारी, अब 2 संस्कृतियां मिल चुकी हैं. 
VIDEO : सीआईएसएफ की महिला कमांडो 

रास्ते उबड़ खाबड़ हों, ऊंचे नीचे हों या कोई गुफा हो ये हर मुश्किल से निकलने में माहिर हैं, महिला कमांडोज़ का ये दस्ता 15 अगस्त के मौके पर पहली बार दिल्ली की सुरक्षा में तैनात रहेगा. इन लड़कियां की दिल्ली में तैनाती से शायद वो समाज भी बने जहां उत्तर पूर्व के लोगों से भेदभाव की कोई जगह न हो. 
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Delhi Police, Women Commando, Special Commando, August 15
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