- दिल्ली-NCR के अधिकांश रिहायशी इलाकों में साप्ताहिक बाजारों के कारण सड़क पर भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या होती है.
- हाईकोर्ट ने स्ट्रीट वेंडरों के आजीविका अधिकार को स्वीकारते हुए आवाजाही में बाधा न डालने के निर्देश दिए.
- न्यू राजेंद्र नगर के साप्ताहिक बाजार से ट्रैफिक प्रभावित होने और अतिक्रमण की शिकायत पर कोर्ट ने टिप्पणी की है.
दिल्ली-NCR के लगभग हर रिहायशी इलाके में सब्जी, फल सहित अन्य रोजमर्रा की सामानों की खरीद-बिक्री के लिए साप्ताहिक बाजारें लगती है. आम बोलचाल की भाषा में इसे दिन के नाम से संडे मार्केट, बुध बाजार, मंगल बाजार, शुक्र बाजार जैसे नामों से जाना जाता है. सड़कों पर दोनों ओर आधा से एक किलोमीटर तक फैले इस बाजार से शाम के समय में वहां जाम की भीषण समस्या से दो-चार होना पड़ता है. सड़क किनारे दोनों ओर लगी दुकानें और खरीदारी करते लोगों की भीड़ से आम राहगीरों को आवाजाही में परेशानी होती है. लेकिन जाम का यह चक्कर इतना सामान्य हो गया है कि लोग उसी से जूझते हुए 5 मिनट का रास्ता 20-25 मिनट में तय करते हैं. एक ऐसे ही साप्ताहिक बाजार को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कई पांबदियां लगाई है. हाईकोर्ट का कहना है कि रोजगार की आड़ में रास्ता रोकना गलत है.
अदालत ने खींच दी लक्ष्मण रेखा
हाईकोर्ट ने दुकानदार और प्रशासन को कहा कि यह तय किया जाए कि बाजार के कारण यातायात प्रभावित न हो. दुकानदार घरों के प्रवेश द्वार और पैदल चलने वाले रास्ते में किसी तरह का बाधा नहीं डालें. अदालत ने साफ कहा कि स्ट्रीट वेंडर (सड़क पर दुकान लगाने वाले लोगों) के लिए आजीविका कमाने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए नागरिकों की आवाजाही को बंधक नहीं बनाया जा सकता.
न्यू राजेंद्र नगर में लगने वाले बाजार से लोग परेशान
दिल्ली हाईकोर्ट ने ये निर्देश न्यू राजेंद्र नगर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार से होने वाली अव्यवस्था और अतिक्रमण के मामले में दिए हैं. मालूम हो कि न्यू राजेंद्र नगर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार से ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित होती थी. जिसके खिलाफ करोल बाग स्थित डबल स्टोरी न्यू राजेंद्र नगर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी.
इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने इन शर्तों वाले निर्देश को जारी किया है. अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो बाजार को बंद करने का आदेश देना पड़ेगा.
दिल्ली के सदर मार्केट में कैसी भीड़ होती है, देखें वीडियो
नगर निगम ने अदालत में दी ये दलील
HT की रिपोर्ट के अनुसार याचिका में RWA ने कहा था कि बाजार के कारण लोगों का घर पहुंचना मुश्किल हो जाता है. साथ ही इलाके में चोरी और छिनतई जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. याचिका पर सुनवाई करने के दौरान नगर निगम ने अदालत में कहा कि बाजार शिफ्ट करने के लिए कई अन्य जगहों का मुआयना किया गया, लेकिन कहीं लोगों के विरोध तो कई जलभराव की समस्या के कारण कोई दूसरा स्थान तय नहीं किया जा सका.
यह भी पढ़ें - 2 रुपये की लिपस्टिक 5 का काजल और लिप ग्लॉस, दिल्ली के इस बाजार में सबसे सस्ता मिलता है मेकअप का सामान
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं