दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग को ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है. अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी में से एक को अंजाम देते हुए करीब 48 करोड़ रुपये कीमत का 'हाइड्रोपोनिक गांजा' (मारिजुआना) जब्त किया है. इस मामले में बैंकॉक से आए दो थाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है.
ग्रीन चैनल पार करते समय दबोचे गए तस्कर
कस्टम अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई 22 मई को हुई. बैंकॉक से एयर इंडिया की फ्लाइट (AI-2356) के जरिए दो थाई नागरिक दिल्ली पहुंचे थे. खुफिया इनपुट और संदिग्ध गतिविधियों (प्रोफाइलिंग) के आधार पर कस्टम की टीम को उन पर पहले से ही शक था.
जब दोनों यात्री खुद को बचाने के लिए चुपचाप 'ग्रीन चैनल' पार कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी मुस्तैद अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया.
वैक्यूम-सील पैकेटों में छिपाया था ड्रग्स
संदेह होने पर जब अधिकारियों ने दोनों विदेशी नागरिकों के सामान की गहन तलाशी ली तो उनके बैग से कुल 6 वैक्यूम-सील पैकेट बरामद हुए. जांच करने पर पता चला कि इन पैकेट्स में गांजा छिपाकर रखा गया था.
किसके पास से क्या मिला?
- पहले यात्री के बैग से: करीब 29 किलो गांजा.
- दूसरे यात्री के बैग से: लगभग 19 किलो गांजा.
- कुल बरामदगी: 47.805 किलो मादक पदार्थ
अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हैं तार
कस्टम विभाग के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में इस जब्त किए गए हाइड्रोपोनिक गांजे की कीमत करीब 48 करोड़ रुपये आंकी गई है. शुरुआती जांच और पूछताछ से यह साफ है कि दोनों तस्कर भारत में सक्रिय किसी हाई-प्रोफाइल ड्रग नेटवर्क को यह खेप सप्लाई करने आए थे.
फिलहाल दोनों विदेशी नागरिकों से कड़ी पूछताछ की जा रही है. कस्टम और अन्य जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि दिल्ली में यह खेप किसे सौंपी जानी थी और इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं