- दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान AA और बीजेपी के विधायकों के बीच तीखी बहस से सदन का माहौल गर्म हो गया
- संजीव झा की वजह से विधानसभा की कार्यवाही बाधित हुई और उन्हें मार्शल की मदद से सदन से बाहर निकाला गया
- मंत्री परवेश वर्मा ने AAP विधायकों पर लगातार झूठ बोलने और गलत जानकारी देने का आरोप लगाया
दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान आज हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. पहले एक तरफ आम आदमी पार्टी विधायक कुलदीप कुमार और बीजेपी विधायक रवि नेगी आपस में भिड़ गए फिर AAP विधायक संजीव झा की वजह से सदन की कार्यवाही बाधित हुए. संजीव झा समेत अन्य AAP विधायकों को मार्शल की मदद से बाहर निकाला गया. वहीं दिल्ली सरकार में मंत्री परवेश वर्मा ने कहा कि संजीव झा झूठ बोलते हैं.
दिल्ली विधानसभा में हाई वोल्टेज ड्रामा
पहले आम आदमी पार्टी विधायक कुलदीप कुमार और बीजेपी विधायक रवि नेगी के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हो गई. दोनों अपनी-अपनी सीटों से उठकर आमने-सामने आ गए. जिस वजह से सदन का माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया. अन्य विधायकों और अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद दोनों शांत हुए.फिर AAP विधायक संजीव झा की वजह से एक बार फिर सदन का माहौल बिगड़ गया.

परवेश वर्मा ने AAP विधायकों पर लगाया झूठ बोलने का आरोप
दिल्ली सरकार के मंत्री परवेश वर्मा ने तीखी बहस में जवाब देते हुए कहा कि जब सरकार वास्तव में काम कर रही होती है, तभी अचानक उन्हें समस्या होने लगती है. उन्होंने आप विधायकों पर चौबीसों घंटे झूठ बोलने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ये लोग झूठ बोल रहे हैं कि 2024 में एक भी प्रश्नकाल नहीं हुआ. बीजेपी नेता ने कहा कि अगर विपक्ष को कोई समस्या है, तो विपक्ष की नेता को आकर हमसे बात करनी चाहिए. लेकिन वह खुद कहीं नजर नहीं आतीं हैं. उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष की नेता को ढूंढ कर निकाल कर लाओ.
दिल्ली की BJP सरकार जबावदेही से भाग रही है.... pic.twitter.com/hS2bo0bfO2
— Sanjeev Jha (@Sanjeev_aap) August 7, 2026
AAP विधायक संजीव झा भिड़े
गतिरोध के चलते सदन का कामकाज भी बाधित हुआ और विधानसभा की कार्यवाही लंच तक स्थगित कर दी गई. दरअसल संजीव झा कई मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही की मांग कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जब भी वह अकाउंटेबिलिटी की बात करते हैं तो उनको पिछले आंकड़े गिनवाए जाते हैं.उन्होंने कहा कि सरकार के 20 महीने के कार्यकाल में एक बार प्रश्नकाल हुआ, उसमें भी उनका एक भी जवाब नहीं आया. कहा गया कि बाद में जवाब दिया जाएगा. आप विधायक ने कहा कि उन्होंने इसे लेकर अध्यक्ष को भी लिखा था. उन्होंने पूछा कि सरकार की जवाबदेही कैसे फिक्स होगी.
तेज आवाज और अध्यक्ष को दिखाई उंगली
वह तेज आवाज में उंगली दिखाकर कह रहे थे कि सदन की जिम्मेदारी फिक्स कराना अध्यक्ष महोदय आपकी जिम्मेदारी है. उन्होंने दवा घोटाले समेत कई अन्य घोटालों का मुद्दा उठाया. अध्यक्ष बार-बार उनसे बैठने की अपील कर हे थे लेकिन संजीव झा उनकी बात सुनने को तैयार ही नहीं थे. जिसके बाद सदन में गतिरोध बढ़ गया. वहीं आप विधायक जरनैल सिंह ने खाने में मिलावट का मुद्दा उठाते हुए मंत्री से जवाब मांगा.
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