विज्ञापन

भारत के रास्ते नेपाल-श्रीलंका ड्रग कॉरिडोर दोबारा चालू, 10 करोड़ की हशीश-चरस बरामद, एक्शन में एजेंसी

ड्रग तस्करी का कारोबार कई गुना बढ़ गया है. पहले दो-तीन महीनों में एक-दो मामले सामने आते थे लेकिन अब स्थिति यह है कि केवल 2024 में श्रीलंका में 35,000 ड्रग्स जब्ती के मामले दर्ज किए गए.

भारत के रास्ते नेपाल-श्रीलंका ड्रग कॉरिडोर दोबारा चालू, 10 करोड़ की हशीश-चरस बरामद, एक्शन में एजेंसी
एआई जेनरेटेड इमेज
  • नेपाल से श्रीलंका तक ड्रग्स की तस्करी का मार्ग फिर शुरू हो गया है, जिसका उपयोग तस्करी में हो रहा है
  • नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने चेन्नई और हैदराबाद में दस करोड़ रुपये मूल्य की हशीश ऑयल और चरस बरामद की है
  • श्रीलंका में ड्रग्स की बढ़ती मांग और हिंद महासागर में इसकी भौगोलिक स्थिति इसे तस्करी के लिए अहम बनाती है

नेपाल से श्रीलंका तक भारत के रास्ते ड्रग्स की तस्करी करने वाला मार्ग सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया है. यह मार्ग, जो पिछले कुछ समय से अपेक्षाकृत शांत था, अब फिर से सक्रिय होता दिखाई दे रहा है. इसका इस्तेमाल हशीश ऑयल और चरस की तस्करी के लिए किया जा रहा है. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की चेन्नई और हैदराबाद जोनल इकाइयों द्वारा चलाए गए बहु-राज्यीय अभियान में करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य की हशीश ऑयल और चरस बरामद की गई है.

श्रीलंका में हशीश और चरस की काफी ज्यादा मांग

यह अभियान केंद्र सरकार की पहल नशामुक्त भारत अभियान के तहत चलाया गया. एक अधिकारी ने बताया कि श्रीलंका में हशीश और चरस की काफी ज्यादा मांग है. श्रीलंका में हाल के वर्षों में ड्रग्स के दुरुपयोग के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है, जिसके कारण नशीले पदार्थों की मांग बढ़ी है और ड्रग कार्टेल ने आपूर्ति भी बढ़ा दी है. अधिकारियों के अनुसार हिंद महासागर में स्थित होने के कारण श्रीलंका ड्रग तस्करी के लिए एक रणनीतिक ट्रांजिट पॉइंट बन गया है. ड्रग्स केवल नेपास से ही नहीं, बल्कि अफगानिस्तान से भी लाई जाती है, जिन्हें पाकिस्तान व ईरान के रास्ते भेजा जाता है.

ये भी पढ़ें ; कोरापुट में बड़ी ड्रग्स कार्रवाई, 200 करोड़ का हशीश ऑयल, 2 टन से ज्यादा गांजा जब्त

तस्करों ने दक्षिण भारत को इन ड्रग्स का ट्रांजिट पॉइंट बना लिया

तस्करों ने दक्षिण भारत को इन ड्रग्स का ट्रांजिट पॉइंट बना लिया है. तस्करी की खेप आमतौर पर थूथुकुडी या कोडिक्कराई के तट तक पहुंचती है. इसके बाद एक नेटवर्क के जरिए समुद्र में बीच रास्ते पर श्रीलंकाई सहयोगियों को यह खेप सौंप दी जाती है. अधिकारियों ने बताया कि ये लैंडिंग पॉइंट नए नहीं हैं बल्कि लंबे समय से उपयोग में हैं. पहले यहां अफीम जैसी ड्रग्स लाई जाती थीं और श्रीलंका के तस्कर इसके बदले बीड़ी का लेन-देन करते थे. एनसीबी अधिकारियों के अनुसार त्रिंकोमाली और गाले और कोलंबो श्रीलंका में ड्रग्स के प्रवेश और निकासी के प्रमुख बिंदु हैं.

मेथामफेटामिन की मांग भी 2019 के बाद से तेजी से बढ़ी

ड्रग तस्करी का कारोबार कई गुना बढ़ गया है. पहले दो-तीन महीनों में एक-दो मामले सामने आते थे लेकिन अब स्थिति यह है कि केवल 2024 में श्रीलंका में 35,000 ड्रग्स जब्ती के मामले दर्ज किए गए. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि श्रीलंका में केवल मारिजुआना, हशीश या चरस ही नहीं बल्कि मेथामफेटामिन की मांग भी 2019 के बाद से तेजी से बढ़ी है. जब ड्रग्स श्रीलंका पहुंचते हैं, तो तस्कर वहां के कुछ स्थानीय लोगों जिनमें अपराधी, मछुआरे और संगठित गिरोह के साथ मिलकर इन्हें पैक करते हैं और देश के अन्य हिस्सों में वितरित करते हैं.

ये भी पढ़ें ; दिल्ली में ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़: परिवार बनकर कर रहे थे हेरोइन तस्करी, 7.5 करोड़ की 1.5 किलो हेरोइन बरामद

नेपाल से श्रीलंका तक का मार्ग ज्यादा इस्तेमाल

इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में नेपाल से श्रीलंका तक का मार्ग ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है. इसका एक कारण जम्मू-कश्मीर और पंजाब में पाकिस्तान सीमा पर कड़ी सुरक्षा भी है. यह मार्ग नया नहीं है, लेकिन चिंता की बात यह है कि अब इसका उपयोग पहले से ज्यादा किया जा रहा है. भारतीय एजेंसियां इस तस्करी को रोकने के लिए नेपाल और श्रीलंका की एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय में काम कर रही हैं. इस बीच इंडियन कोस्ट गार्ड भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और दक्षिण भारत से निकलने वाली मछली पकड़ने वाली नौकाओं (फिशिंग ट्रॉलर) को रोककर जांच कर रही है.

तस्करों की कमर तोड़ने के लिए क्या कार्रवाई

एक अधिकारी ने बताया कि नेपाल से संचालित यह रैकेट एक श्रीलंकाई नागरिक द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है, जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नेपाल में मौजूद अपने सहयोगियों के साथ समन्वय कर ड्रग्स को दक्षिण भारत तक पहुंचाता है. उसने तमिलनाडु में भी एक नेटवर्क तैयार कर लिया है, जिससे ड्रग्स को आसानी से श्रीलंकाई जलक्षेत्र तक पहुंचाया जा सके. अधिकारियों के अनुसार, यह लगातार चल रहा अभियान है और एजेंसियां उन सभी संभावित खामियों की पहचान कर रही हैं, जिनका फायदा उठाकर तस्कर अपने नेटवर्क को आगे बढ़ा रहे हैं.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेखक के बारे में
img
आईएएनएस
News agency
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Drug Trafficking, Nepal Sri Lanka Route, NCB Operation, South India Transit Point, Hashish Oil Seizure, Charas Smuggling, Sri Lanka Drug Demand, Indian Coast Guard, International Drug Network, Afghanistan Pakistan Corridor
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com