रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने 6 लोगों को किया गिरफ्तार

भूपेंद्र पुलिस को दिल्ली स्टेशन के अजमेरी गेट साइड ले गया, जहां पुलिस को रिजवान मिला जो खुद टीटीई को ड्रेस में था और उसके पास टीटीई का एक फर्जी पहचान पत्र था.

रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने 6 लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस इस मामले में बाकी आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है.

नई दिल्ली:

रेलवे पुलिस ने इंडियन रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. साथ ही गिरोह में शामिल पांच नकली टीटीई को गिरफ्तार किया है. डीसीपी रेलवे हरेंद्र सिंह के मुताबिक 30 अगस्त को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कानपुर शताब्दी में रेलवे स्टाफ ने एक शख्स को पकड़ा जो खुद को टीटीई बता रहा था. उसके मोबाइल में टीटीई का एक कार्ड था और उसने टीटीई जैसी ड्रेस पहनी हुई थी.

पुलिस ने थाने लाकर उससे पूछताछ की तो उसकी पहचान भूपेंद्र चौरसिया के तौर पर हुई. उसका पहचान पत्र भी फर्जी निकला. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसे ये पहचान पत्र प्रशांत शुक्ला नाम के शख्स ने दिया था. उसने प्रशांत शुक्ला को रेलवे में नौकरी पाने के लिए पैसा दिएथे. भूपेंद्र ने आगे बताया कि उसकी तरह और भी लड़के हैं जो नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर टीटीई की ट्रेनिंग कर रहे हैं और रिजवान नाम का शख्स उनका इंचार्ज है, जो उनकी अटेंडेंस लेता है और फिर ड्यूटी लगाता है.

भूपेंद्र पुलिस को दिल्ली स्टेशन के अजमेरी गेट साइड ले गया, जहां पुलिस को रिजवान मिला जो खुद टीटीई को ड्रेस में था और उसके पास टीटीई का एक फर्जी पहचान पत्र था. रिजवान ने बताया कि वो टीटीई का ट्रेनर है और उसने ये नौकरी पाने के लिए संदीप नाम के एक शख्स को 2 लाख रुपये दिए थे और उसे सभी टीटीई को ट्रेनिंग देने के लिए कहा गया था. 

रिजवान की निशानदेही पर 3 और लोग पकड़े गए जो टीटीई की यूनिफार्म पहने नकली पहचान पत्र लेकर घूम रहे थे. उनकी पहचान गौरव कुमार, गगनदीप सिंह और अमनदीप सिंह के रूप में हुई. इन तीनों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पंजाब के होशियारपुर में सुखदेव सिंह को रेलवे में नौकरी पाने के लिए 23 लाख रुपये दिए. इस तरह इस ग्रुप से जुड़े 6 और लोग पकड़े गए जिनकी पहचान देवेश कुमार, सिद्धार्थ शर्मा, मनोज कुमार, विनय कुमार, परमिंदर सिंह और आशीष कुमार के तौर पर हुई. 

सभी 6 लोगों के पास कोई पहचान पत्र बरामद तो नहीं हुआ लेकिन इन लोगों ने बताया कि उन्हें एक मिश्रा नाम के शख्स ने रेलवे में टीटीई की नौकरी लगवाने का वादा किया था, हालांकि अभी उन्होंने कोई पैसा नहीं दिया है. पुलिस अब 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ कर रही है और इस मामले में बाकी आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है.

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