दिल्ली के नबी करीम थाना पुलिस ने लाइफ कन्विक्ट और बेल जंपर आरोपी भीम महतो को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी अपने ही भाई की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुका है और हाल के महीनों में अदालत के आदेश के बावजूद फरार चल रहा था. साल 1999 में थाना नबी करीम में दर्ज FIR के तहत भीम महतो पर अपने भाई किशन महतो की हत्या का आरोप था. मामले की सुनवाई के बाद वर्ष 2002 में तीस हजारी कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी. बाद में अपील के दौरान उसे जमानत मिल गई थी.
ये भी पढ़ें : 85 साल की बुजुर्ग महिला के साथ 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर 1.34 करोड़ की ठगी
आरोपी हो गया था फरार
30 अक्टूबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने भीम महतो की अपील खारिज करते हुए उसे 05 नवंबर 2025 तक सरेंडर करने का आदेश दिया था. लेकिन आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के बजाय फरार हो गया था, जिसे खोजा जा रहा था. इसके बाद सेशंस कोर्ट ने उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी कर दिया. फरार आरोपी को पकड़ने के लिए थाना नबी करीम में एक स्पेशल पुलिस टीम बनाई गई. टीम ने आरोपी के बिहार स्थित पैतृक गांव से लेकर दिल्ली-एनसीआर में उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी की.
ये भी पढ़ें : दिल्ली के शाहदरा में बुजुर्ग दंपति के मर्डर से सनसनी, CCTV की मदद से गुत्थी सुलझाने में लगी पुलिस
पुलिस ने आरोपी को कैसे खोजा
मोबाइल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल फुटप्रिंट की मदद से आखिरकार आरोपी की लोकेशन गुरुग्राम के सुखराली गांव में ट्रेस की गई. 2 जनवरी 2026 को पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पूजा कॉलोनी, सुखराली एन्क्लेव, सेक्टर-17, गुरुग्राम में देर रात ऑपरेशन चलाकर भीम महतो को दबोच लिया. इस कार्रवाई में स्थानीय इनपुट और तकनीकी निगरानी की अहम भूमिका रही. सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी निधिन वाल्सन ने बताया कि फरार अपराधियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है और कानून से भागने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं