- दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 35 साल पुराने 1991 के मर्डर केस का आरोपी पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार किया
- वारदात में एक महिला की बेरहमी से हत्या हुई और उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हुआ था, लेकिन बच गया था
- आरोपी छवि लाल वर्मा ने लूटपाट के इरादे से हमला किया था और विरोध पर मां-बेटे को मारने की कोशिश की थी
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 35 साल पुराने एक खौफनाक मर्डर केस को सुलझाते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है. इंटर स्टेट सेल की टीम ने उस आरोपी को पंजाब के लुधियाना से धर दबोचा है, जो साल 1991 से अपनी पहचान छिपाकर फरार चल रहा था. दिल्ली पुलिस के इंटर स्टेट सेल ने 35 साल पुराने एक खौफनाक कत्ल के मामले को सुलझाते हुए आरोपी को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी साल 1991 से अपनी पहचान छिपाकर फरार चल रहा था.
मां की हत्या और बेटे पर जानलेवा हमला
डीसीपी क्राइम ब्रांच ने बताया कि यह घटना 2 अगस्त 1991 की है. पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके के वेस्ट विनोद नगर में एक घर के अंदर 55 साल की महिला और उनके 18–20 साल के बेटे पर जानलेवा हमला किया गया था. थाना त्रिलोकपुरी को पीसीआर कॉल के जरिए इसकी सूचना मिली थी. इस मामले में आरोपी ने बेहद बेरहम तरीके से महिला की गर्दन पर चॉपर जैसे तेज धार वाले हथियार से कई वार किए थे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस हमले में महिला का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था, हालांकि उसकी जान बच गई.
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घर के किराएदार ने दिया वारदात को अंजाम
दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया कि यह वारदात महिला के घर में रहने वाले किराएदार छवि लाल वर्मा ने अंजाम दी थी. वारदात के बाद से ही आरोपी फरार हो गया था और साल 1996 में कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था. डीसीपी के अनुसार, क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल की टीम पिछले छह महीनों से इस मामले पर लगातार काम कर रही थी. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने आरोपी के उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित गांव और उसके रिश्तेदारों के ठिकानों पर कई बार छानबीन की. आखिरकार पुख्ता जानकारी मिलने पर आरोपी की लोकेशन पंजाब के लुधियाना में ट्रेस की गई.
पूछताछ में लूट के इरादे का खुलासा
इसके बाद 10 अप्रैल को पुलिस टीम ने लुधियाना पहुंचकर स्थानीय स्तर पर जांच और निगरानी के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. दिल्ली पुलिस की पूछताछ में आरोपी छवि लाल ने कबूल किया कि उसे लगता था कि मकान मालकिन के पास काफी नकदी होगी, क्योंकि उनका पति विदेश में रहता था. इसी सोच के तहत उसने लूटपाट के इरादे से हमला किया, लेकिन विरोध होने पर उसने मां‑बेटे को मौत के घाट उतारने की कोशिश की.
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देश के कई शहरों में छिपता रहा आरोपी
फरारी के दौरान वह पिछले 35 सालों से कोलकाता, मुंबई, नागपुर और गोवा जैसे शहरों में छिपता रहा. पकड़े जाने के डर से वह कभी अपने गांव सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश भी नहीं गया. यहां तक कि उसने अपने बच्चों की शादियों से भी खुद को दूर रखा. दिल्ली पुलिस ने फिलहाल आरोपी छवि लाल वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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