दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले दो अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके कब्जे से 26 अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 8 कारतूस, 6 मोबाइल फोन, सिम कार्ड और हथियारों की सप्लाई में इस्तेमाल होने वाली 3 गाड़ियां बरामद की हैं.
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि कुमार, सुनील तंवर उर्फ चीनू, योगेश, रजत उर्फ राज्जू, सौरभ और निखिल के रूप में हुई है. जांच में सामने आया है कि ये लोग मध्य प्रदेश के बुरहानपुर और खरगोन से हथियार मंगवाकर दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात गैंगों और अपराधियों तक पहुंचाते थे. इनमें मंजीत महल गैंग, गोगी गैंग और रणदीप भाटी गैंग से जुड़े अपराधियों को भी हथियार सप्लाई किए जाने की जानकारी मिली है.
पहली कार्रवाई में 15 पिस्टल बरामद
स्पेशल सेल को 22 मई 2026 को सूचना मिली थी कि हथियारों की एक खेप दिल्ली लाई जा रही है. इसके बाद टीम ने ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के पास रवि कुमार और सुनील तंवर को पकड़ लिया. तलाशी में रवि के पास से 10 और सुनील के पास से 5 अवैध पिस्टल बरामद हुईं.
पूछताछ में पता चला कि रवि, सुनील के कहने पर मध्य प्रदेश से हथियार लेकर आया था और उन्हें आगे सप्लाई करने वाला था.
पिस्टल के साथ तीन दिन में तीन और आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान 24 मई को द्वारका सेक्टर-7 से योगेश को गिरफ्तार किया गया. उसके पास से एक लोडेड पिस्टल और 5 कारतूस मिले, जबकि उसकी गाड़ी में छिपाकर रखी गई 3 और पिस्टल बरामद हुईं. इसके बाद 26 मई को लक्ष्मी नगर इलाके से रजत उर्फ राज्जू और सौरभ को गिरफ्तार किया गया. दोनों के पास से एक-एक पिस्टल और कारतूस बरामद हुए.
दूसरी कार्रवाई में निखिल दबोचा गया
इसी दिन स्पेशल सेल ने रोहिणी हेलिपैड के पास निखिल को गिरफ्तार किया. वह हथियारों की बड़ी खेप किसी ग्राहक को देने आया था. उसके बैग से 5 अवैध पिस्टल बरामद हुईं. पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पिछले कई सालों से मध्य प्रदेश के हथियार सप्लायरों से अवैध हथियार खरीदकर दिल्ली-एनसीआर के अपराधियों को बेच रहे थे.
सुनील तंवर इस नेटवर्क का प्रमुख संचालक बताया जा रहा है, जबकि अन्य आरोपी हथियारों की खरीद, सप्लाई और वितरण का काम करते थे.
सभी आरोपी पहले से आपराधिक मामलों में शामिल
पुलिस के अनुसार, सभी गिरफ्तार आरोपी पहले से कई गंभीर मामलों में शामिल रहे हैं. सुनील तंवर पर 14, रजत पर 19, सौरभ पर 17, योगेश पर 4 और निखिल पर 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं. रवि कुमार भी हत्या और अपहरण जैसे गंभीर मामले में आरोपी रह चुका है. स्पेशल सेल का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और हथियार सप्लायरों की पहचान के लिए जांच जारी है.
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