World News: यूके की टेससाइड क्राउन कोर्ट में 2 साल की एक बच्ची की हत्या का मामला सामने आया है. इस केस में बच्ची की 25 साल की मां एलेक्जेंड्रा वॉकर और उसके 22 साल के बॉयफ्रेंड हैरिसन सिम्पसन पर अदालत में मुकदमा चल रहा है. दोनों पर मासूम बच्ची को हफ्तों तक प्रताड़ित करने, उसका यौन शोषण करने और फिर सिर पर गंभीर चोट मारकर उसकी जान लेने का आरोप है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 97 जख्मों का जिक्र
द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी वकील रिचर्ड राइट ने जूरी को बताया कि 13 सितंबर को बच्ची को उठाकर बहुत बुरी तरह हिलाया गया और किसी सख्त जगह पर पटक दिया गया. इससे बच्ची की खोपड़ी टूट गई और दिमाग में गहरी चोट आई. अगले दिन सुबह अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया. डॉक्टरों ने जब पोस्टमार्टम किया तो पता चला कि बच्ची की बांह, पैर और रीढ़ की हड्डी समेत कुल 21 हड्डियां टूटी हुई थीं. इसके अलावा उसके पूरे शरीर पर चोट के 97 अलग-अलग निशान भी मिले.
ड्रग्स पार्टी के चक्कर में इलाज में देरी
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 20 अगस्त को मां वॉकर ने पहली बार अपनी बेटी को अपने बॉयफ्रेंड सिम्पसन के पास घर में अकेला छोड़ा था. जब वह वापस लौटी तो उसने देखा कि बच्ची के घुटने में चोट लगी है, लेकिन उसने दो हफ्ते तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया. जब वॉकर के माता-पिता ने दबाव बनाया तो वह डॉक्टर के पास जाने को राजी हुई, लेकिन उसमें भी एक दिन की देरी कर दी. प्रॉसिक्यूटर का आरोप है कि यह देरी इसलिए की गई ताकि वॉकर और सिम्पसन घर पर शराब और ड्रग्स की पार्टी कर सकें.
अस्पताल पर भी लापरवाही के आरोप
मौत से ठीक 11 दिन पहले बच्ची ठीक से चल नहीं पा रही थी, तब मां उसे डॉक्टर के पास ले गई थी. वहां उसने बहाना बनाया कि बच्ची का पैर पालने में फंस गया था. एक्स-रे में दाहिने पैर की हड्डी टूटी हुई निकली. लेकिन अस्पताल की ऑर्थोपेडिक और पीडियाट्रिक टीमों के बीच इस चोट को लेकर तालमेल नहीं बैठा और उन्होंने बच्ची को वापस मां के साथ घर भेज दिया. इसके बाद 9 सितंबर को एक हेल्थ वर्कर ने भी लापरवाही की. उसने बिना घर आए सिर्फ फोन पर वॉकर से बात की और अपनी रिपोर्ट में लिख दिया कि सब ठीक है.
'खुद को बचाने के लिए नहीं बुलाई एंबुलेंस'
जिस दिन बच्ची की हालत बहुत ज्यादा खराब हुई, मां ने तुरंत एंबुलेंस को फोन नहीं किया. जब उसके सौतेले पिता ने टोककर दबाव बनाया, तब जाकर काफी देर बाद एंबुलेंस बुलाई गई. जब पैरामेडिक्स की टीम घर पहुंची तो बच्ची सीढ़ियों के पास बेसुध पड़ी थी और उसकी नब्ज रुक चुकी थी. कोर्ट को बताया गया कि डॉक्टरों और इमरजेंसी सर्विसेस को बुलाने में यह देरी जानबूझकर की गई ताकि दोनों आरोपी खुद को बचाने का रास्ता निकाल सकें.
पुराना ऑफेंडर निकला बॉयफ्रेंड, फिर भी रखा रिश्तावॉकर और सिम्पसन का अफेयर साल 2025 की गर्मियों में शुरू हुआ था. कोर्ट में यह बात सामने आई कि रिश्ते की शुरुआत में ही वॉकर ने ऑनलाइन अपराधी रजिस्टर में सिम्पसन का नाम चेक किया था. उसका पिछला रिकॉर्ड जानने के बाद भी उसने सिम्पसन से रिश्ता नहीं तोड़ा. इस पूरे मामले में घर के अंदर लगा सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़ा सबूत बना है, जिसमें साफ दिख रहा है कि कुछ ही महीनों में बच्ची की सेहत कितनी खराब हो गई थी. फिलहाल, कोर्ट में दोनों आरोपियों ने हत्या, यौन शोषण और क्रूरता के आरोपों से इनकार किया है.
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