
वेस्टइंडीज टीम (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच क़रार का मसला सुलझता नज़र नहीं आ रहा। ऐसे में वर्ल्ड टी-20 में दोयम दर्जे की विंडीज़ टीम के मैदान पर उतरने की संभावना बनती नज़र आ रही है। वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट बोर्ड (WICB)के सीईओ माइकल मुइरहेड ने साफ़ कर दिया कि वर्ल्ड कप के दौरान ख़िलाड़ियों की आय को दुगुना किये जाने की कोई गुंजाइश नहीं है।
पिछले साल के करार को ऐन वक्त पर नहीं बदल सकते: इंडीज बोर्ड
वेस्ट इंडीज़ बोर्ड के सीईओ मुइरहेड के मुताबिक, बोर्ड और खिलाड़ियों के संघ (WIPB)के बीच पिछले साल जो क़रार हुआ था, उसे ऐन वक्त पर नहीं बदला जा सकता। उन्होंने ये भी कहा कि अगर खिलाड़ी मौजूदा क़रार को मानने की सहमति 14 फ़रवरी तक नहीं दे देते तो उन्हें टीम की चयन प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा। मुइरहेड ने ये भी कहा कि पिछले साल क़रार तय किये जाते समय बोर्ड और खिलाड़ियों के संघ के अलावा आईसीसी और फ़िका (FICA) के सदस्य भी मौजूद थे। उनके मुताबिक तब सबने माना था कि ये क़रार बहुत ही न्यायोचित और स्वीकार करने योग्य है। उन्होंने ये भी कहा कि टी-20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले क़रार पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है
सैमी ने कहा था, करार की मौजूदा वित्तीय शर्तों को नहीं मानेंगे
इससे पहले कप्तान डैरेन सैमी ने बोर्ड को लिखा था कि वे देश के लिए खेलना चाहते हैं, लेकिन क़रार में मौजूद वित्तीय शर्तों को वे मानने से इंकार करते हैं। उनके मुताबिक बोर्ड को आईसीसी से क़रीब 8 मिलियन डॉलर की रक़म मिलती है और परंपरागत तौर पर खिलाड़ियों को 25 फ़ीसदी रक़म मिलनी चाहिए। सैमी ने ये भी कहा है कि खिलाड़ी थोड़े कम पैसे के शर्त पर भी खेलने को तैयार हैं, लेकिन फ़िलहाल विंडीज़ बोर्ड को खिलाड़ियों का रुख़ नागवार गुज़र रहा है।
पिछले साल के करार को ऐन वक्त पर नहीं बदल सकते: इंडीज बोर्ड
वेस्ट इंडीज़ बोर्ड के सीईओ मुइरहेड के मुताबिक, बोर्ड और खिलाड़ियों के संघ (WIPB)के बीच पिछले साल जो क़रार हुआ था, उसे ऐन वक्त पर नहीं बदला जा सकता। उन्होंने ये भी कहा कि अगर खिलाड़ी मौजूदा क़रार को मानने की सहमति 14 फ़रवरी तक नहीं दे देते तो उन्हें टीम की चयन प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा। मुइरहेड ने ये भी कहा कि पिछले साल क़रार तय किये जाते समय बोर्ड और खिलाड़ियों के संघ के अलावा आईसीसी और फ़िका (FICA) के सदस्य भी मौजूद थे। उनके मुताबिक तब सबने माना था कि ये क़रार बहुत ही न्यायोचित और स्वीकार करने योग्य है। उन्होंने ये भी कहा कि टी-20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले क़रार पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है
सैमी ने कहा था, करार की मौजूदा वित्तीय शर्तों को नहीं मानेंगे
इससे पहले कप्तान डैरेन सैमी ने बोर्ड को लिखा था कि वे देश के लिए खेलना चाहते हैं, लेकिन क़रार में मौजूद वित्तीय शर्तों को वे मानने से इंकार करते हैं। उनके मुताबिक बोर्ड को आईसीसी से क़रीब 8 मिलियन डॉलर की रक़म मिलती है और परंपरागत तौर पर खिलाड़ियों को 25 फ़ीसदी रक़म मिलनी चाहिए। सैमी ने ये भी कहा है कि खिलाड़ी थोड़े कम पैसे के शर्त पर भी खेलने को तैयार हैं, लेकिन फ़िलहाल विंडीज़ बोर्ड को खिलाड़ियों का रुख़ नागवार गुज़र रहा है।
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