सोशल मीडिया पर भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन की एक तस्वीर ने लोगों का काफी ध्यान खींचा है, जिसमें वह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का आइडेंटिटी कार्ड पहने हुए नजर आ रहे हैं. क्रिकेटर को ऑफिस के कपड़ों में और गले में ऑफिशियल ID कार्ड लटकाए देखकर कई लोगों ने अंदाजा लगाया कि उन्होंने सरकारी नौकरी कर ली है. हालांकि, ईशान कई सालों से RBI के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें वहां स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी मिली है. इस वायरल तस्वीर के बाद एक बार फिर सवाल उठने लगा है कि आखिर किस भारतीय क्रिकेटर के पास सबसे बड़ा सरकारी पद है और उन्हें कितनी सैलरी मिलती है.
दिलचस्प बात यह है कि टीम इंडिया के कई स्टार खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी या बड़े सम्मान मिले हैं, लेकिन सबसे ऊंची सरकारी रैंक का मामला थोड़ा अलग है. सचिन तेंदुलकर और एमएस धोनी को देश की सशस्त्र सेनाओं में ऐसी मानद सैन्य रैंक मिली है, जिसे किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए सबसे प्रतिष्ठित सरकारी सम्मान माना जाता है.
भारतीय क्रिकेटरों में सचिन तेंदुलकर को साल 2010 में भारतीय वायुसेना ने मानद ग्रुप कैप्टन (Honorary Group Captain) की रैंक दी थी, जबकि एमएस धोनी को 2011 में भारतीय सेना ने मानद लेफ्टिनेंट कर्नल (Honorary Lieutenant Colonel) बनाया था. ये दोनों देश की सशस्त्र सेनाओं के बेहद प्रतिष्ठित मानद पद हैं, लेकिन इन्हें नियमित सरकारी नौकरी नहीं माना जाता. यही वजह है कि इन पदों के लिए सामान्य सरकारी कर्मचारियों की तरह कोई तय मासिक वेतन नहीं मिलता और न ही सार्वजनिक रूप से कोई सैलरी निर्धारित है.
दरअसल, भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन का पद Pay Level-13 के तहत आता है. नियमित सेवा में कार्यरत अधिकारियों का बेसिक वेतन ₹1.30 लाख से ₹2.15 लाख प्रति माह के बीच होता है. इसके अलावा उन्हें मिलिट्री सर्विस पे (MSP) और अन्य भत्ते भी मिलते हैं. हालांकि, किसी खिलाड़ी को मिली मानद (Honorary) रैंक पर यही वेतन और सुविधाएं स्वतः लागू हों, यह जरूरी नहीं है.
इन खिलाड़ियों के पास भी है सरकारी पद
वहीं, कई भारतीय क्रिकेटर नियमित सरकारी सेवाओं में भी कार्यरत हैं. केएल राहुल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से जुड़े रहे हैं, युजवेंद्र चहल आयकर विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त हैं, जबकि मोहम्मद सिराज को तेलंगाना सरकार ने डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) बनाया है. इसके अलावा टीम इंडिया के बल्लेबाज रिंकू सिंह को भी उत्तर प्रदेश सरकार ने रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर नियुक्त किया है. भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया. इन खिलाड़ियों का वेतन संबंधित विभाग के सरकारी वेतनमान और नियमों के अनुसार तय होता है.
स्टार खिलाड़ियों को कैसे मिलता है सरकारी पद?
दरअसल, भारत के बड़े खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी स्पोर्ट्स कोटा (Sports Quota) के तहत मिलती है. केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ भारतीय रेलवे, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, सेना, पुलिस और अन्य सरकारी संस्थान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए स्पेशल पोस्ट रिजर्व रखते हैं. खिलाड़ियों की उपलब्धियों, मेडल और प्रदर्शन के आधार पर उन्हें सीधे नियुक्ति या विशेष भर्ती प्रक्रिया के जरिए सरकारी नौकरी दी जाती है.
ये भी पढ़ें- जब एक ही मैच में 5 खिलाड़ियों पर लगा बैन! सचिन पर दाग लगते ही दो धड़ों में बंटी दुनिया, रातोंरात बदला फैसला
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं