Virender Sehwag React on Angkrish Raghuvanshi Obstructing the Field Rule: आईपीएल 2026 का 38वां मुकाबला लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच खेला जा रहा है. इस मुकाबले में केकेआर के बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' (फील्डिंग में बाधा डालने) के कारण आउट करार दिया गया. अंयापर के इस फैसले से केकेआर का खेमा काफी नाखुश नजर आया. दरअसल, यह घटना केकेआर की पारी के 5वें ओवर की आखिरी गेंद पर घटी. प्रिंस यादव की गेंद पर अंगकृष रघुवंशी ने मिड-ऑन की दिशा में शॉट खेला और रन लेने के लिए तेजी से दौड़े. हालांकि, दूसरे छोर पर खड़े कैमरून ग्रीन ने उन्हें वापस भेज दिया. क्रीज के अंदर पहुंचने के लिए अंगकृष ने डाइव लगाई. अंगकृष ने जिस समय अपना विकेट बचाने के लिए डाइव लगाई उसी वक्त फील्डर ने गेंद को थ्रो किया, जो सीधा अंगकृष के पैर में आकर लगा.
अंगकृष के गेंद लगते ही एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत और टीम के बाकी खिलाड़ियों ने अंपायर के सामने अपील कर दी. इसके बाद अंगकृष को 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' के कारण अंपायर ने आउट करार दे दिया. अंगकृष और केकेआर का पूरा खेमा अंपायर के फैसले से नाखुश नजर आया. अंगकृष ने पवेलियन लौटते समय जोर से अपना बल्ला जमीन पर मारा और हेलमेट को बाउंड्री लाइन के पास ही फेंक दिया.
थोड़ा कठोर निर्णय लिया गया
क्रिकबज पर चर्चा के दौरान सहवाग ने भी इसी तरह की राय रखते हुए कहा कि यह सच है कि अंगक्रिश ने एक बार फिल्डर की ओर देखा, स्वाभाविक था, क्योंकि हर बल्लेबाज दौड़ते समय ऐसा करता है. भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज के लिए ड्राइव लगाना भी उचित था.
"जब गेंद उनके पास जाती है तो हर बल्लेबाज फील्डर को देखता है. आप एक रन लेते हैं, आप दो रन लेते हैं और आप देखते हैं कि कौन सा छोर सुरक्षित है. अगर थ्रो गेंदबाजी छोर पर आ रहा था, तो ड्राइव लगाने की कोई जरूरत नहीं थी. लेकिन जब आप जानते हैं कि थ्रो आपके छोर पर आ रहा है, तो आप ड्राइव लगाएंगे. आपकी नजरें स्वाभाविक रूप से फिल्डर की ओर जाएंगी. ऐसा नहीं है कि उसकी नजर फिल्डर पर थी क्योंकि उसने सोचा था, 'मैं कुछ रोक रहा हूं.' उसके बाद उसने ड्राइव लगाया. इसलिए, मेरा मानना है कि यह आउट नहीं है,'' सहवाग ने कहा.
भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा, "जब वह मुड़े तो वह फील्डर की तरफ देख रहे थे कि गेंद कहां से आ रही है. लेकिन मुड़ने के बाद वह दौड़े और कूद पड़े. वह अब फील्डर की तरफ नहीं देख रहे थे और न ही उनका ध्यान सामने था. मेरी राय में, यहां थोड़ा कठोर निर्णय लिया गया है."
क्रिकेट में क्या है 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' का मतलब?
क्रिकेट में 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' (Obstructing the Field) का मतलब है मैदान पर फील्डिंग टीम के काम में 'टांग अड़ाना'. आसान शब्दों में कहें तो, जब कोई बल्लेबाज जानबूझकर फील्डर के रास्ते में आता है, उसे धक्का देता है, या थ्रो की गई गेंद की दिशा को अपने बल्ले या शरीर से बदल देता है ताकि वह रन-आउट होने से बच सके, तो उसे इस नियम के तहत आउट दिया जाता है. यहां सबसे जरूरी चीज बल्लेबाज का 'इरादा' है. अगर बल्लेबाज ने यह सब जानबूझकर किया है, तभी वह आउट होगा. लेकिन, अगर वह खुद को चोट से बचाने के लिए या अनजाने में गेंद के सामने आ जाता है, तो अंपायर उसे आउट नहीं देते.
क्रिकेट के नियम यह भी साफ करते हैं कि चाहे गेंद 'नो बॉल' ही क्यों न हो, अगर बल्लेबाज जानबूझकर फील्डर का ध्यान भटकाता है या बाधा डालता है, तो उसे पवेलियन लौटना होगा. यहां तक कि अगर बल्लेबाज फील्डर की इजाजत के बिना गेंद को हाथ या बल्ले से छूकर उसे वापस फील्डर को देता है, तो भी उसे आउट करार दिया जा सकता है. दिलचस्प बात यह है कि पहले 'हैंडलिंग द बॉल' (हाथ से गेंद को छूना) एक अलग नियम था, लेकिन अब इसे भी 'ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड' की श्रेणी में ही शामिल कर लिया गया है.
इससे पहले केकेआर के हेड कोच अभिषेक नायर भी अंपायर से काफी देर तक बातचीत करते हुए नजर आए और उनके चेहरे पर गुस्सा साफतौर पर झलक रहा था. हालांकि, अंगकृष से पहले आईपीएल में अमित मिश्रा, रवींद्र जडेजा, युसूफ पठान को भी 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड'की वजह से आउट दिया जा चुका है.
अंगकृष 8 गेंदों में 9 रन बनाकर पवेलियन लौटे. केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 155 रन लगाए. टीम की ओर से रिंकू सिंह ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 51 गेंदों में 83 रनों की नाबाद पारी खेली. अपनी इस पारी में रिंकू ने 7 चौके और 5 छक्के लगाए. वहीं, कैमरून ग्रीन ने 21 गेंदों में 34 रनों का योगदान दिया.
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