टीम इंडिया के सुपरकिड वैभव सूर्यवंशी खेलें या खेलें, चर्चा का विषय बने ही रहते हैं. पिछले दिनों वैभव को दलीप ट्रॉफी के जरिए भारतीय टेस्ट टीम में जोरदार दस्तक देने का मौका मिला था, लेकिन वह जहां एक भी शतक नहीं बना सके, तो वहीं वह रेड बॉल फॉर्मेट में मिले बड़े मौके को भुनाने में नाकाम रहे. दुनिया के तमाम दिग्गजों ने उन्हें रेड-बॉल के शीर्ष फॉर्मेट में खेलते देखा. तभी से उनकी बैटिंग को लेकर दिग्गज कमेंट कर रहे हैं और अब इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने सूर्यवंशी को लेकर बड़ी बात कही है. पनेसर ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क के साथ Beyond23 Cricket Podcast पर बातचीत के दौरान वैभव की टेस्ट क्रिकेट तकनीक पर सवाल उठाए.
पूर्व लेफ्टी स्पिनर बोले, 'मैं वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट में ढलते हुए नहीं देख सकता. इस समय हैरी ब्रूक ही ऐसे एकमात्र खिलाड़ी हैं जो टेस्ट और T20I दोनों के टॉप-10 में हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि सूर्यवंशी के पास टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी तकनीक है.' वहीं, कार्यक्रम में एक और इंग्लिश पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने पनेसर की बात से असहमति जाते हुए विराट कोहली और एबी डिविलियर्स का उदाहरण दिया.
अथर्टन बोले, 'मुझे लगता है कि कोई खिलाड़ी अब भी तीनों प्रारूप खेल सकता है. विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ने यह साबित किया है. वे शानदार टेस्ट क्रिकेटर और अविश्वसनीय T20 क्रिकेटर रहे हैं. अगर इस पीढ़ी का सूर्यवंशी जैसा कोई खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में आता है, तो उसे देखना बेहद शानदार होगा.'
इनके बीच माकल क्लार्क ने कहा, 'इस समय ताकत (पावर) उनकी सबसे बड़ी खूबी है और उनकी नजर बहुत तेज है. वह दुनिया के किसी भी युवा क्रिकेटर की तरह गेंद को बहुत जल्दी भांपते हैं. जैसे-जैसे वह भारतीय टीम के साथ दौरे करेंगे और अलग-अलग परिस्थितियों में अभ्यास करेंगे, उनकी तकनीक और बेहतर होगी. अगर वह चाहें, तो उनमें तीनों प्रारूपों का सुपरस्टार बनने की पूरी काबिलियत है.'
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