- वैभव सूर्यवंशी ने SRH के खिलाफ टी20 मैच में आठ छक्के मारे, जो एफर्टलेस थे.
- उनकी स्ट्राइक रेट इस सीजन में 242 से ऊपर है, और IPL में सबसे तेज शतक बनाने के करीब थे.
- वैभव ने एक सीजन में 65 छक्के मारे, जो क्रिस गेल के 59 छक्कों के रिकॉर्ड से बेहतर हैं.
वैभव सूर्यवंशी ने SRH के खिलाफ कल जब पहला छक्का मारा तो वो एफर्टलेस था. गेंद ने बल्ले को छुआ और सीधे डाउन द ग्राउंड. गेंद फुल लेंथ थी, बल्ले तक आई लिहाजा इसे आप बॉलर की गलती कह सकते हैं. गलती इसलिए कि सामने जब वैभव हो तो उसे परोस कर गेंद क्यों देना? लेकिन दूसरे छक्के को क्या कहेंगे. गेंद टप्पा खाने के बाद अच्छी खासी उठी लेकिन उसका भी वही हाल. हुक और गेंद बाउंड्री पार. आगे आने वाले 10 छक्कों में से ज्यादातर में एक बात सामान्य थी, एफर्टलेस.
तीसरा छक्का फिर से स्ट्रेट ड्राइव. इस बार और भी स्मूद, जैसे गेंद को कोई हिट नहीं कर रहा हो, पुचकार रहा हो. उसे कह रहा हूं स्ट्रेट जाओ और गेंद जैसे इस बालक की बात किसी आज्ञाकारी बालक की तरह मान रही हो. स्लो मोशन में देखिए तो पता लगता है कि गेंद बल्ले के एकदम बीचोंबीच आई. तो ये सिर्फ पावर की बात नहीं है, तकनीक भी सटीक है. इसका अगला उदाहरण अगले छक्के में दिखा...अपर कट और गेंद्र सीधे फेंस के बाहर. पांचवें स्ट्रेट ड्राइव छक्के को देखेंगे तो जिस लम्हा गेंद बल्ले को छूती है आपको यकीन ही नहीं होगा कि ये बाउंड्री के पार जाएगी, डर लगेगा कि ये पक्का लपक लिया जाएगा. लेकिन फिर गेंद बाउंड्री के बाहर.
अगर इसपर कोई बहस की गुंजाइश है तो अगला छक्का और भी स्मूद. कवर के ऊपर से छक्का...एक बार फिर वही बात...कोई जोर जबरदस्ती नहीं. हौले से बस गेंद से बातचीत. जैसे बल्ले से ही दोस्ती नहीं, गेंद से भी गहरी छनती हो. लेकिन जहां ताकत की जरूरत है, वहां ताकत भी लगाते हैं. कल वैभव ने जो आठवां छ्क्का मारा उसे देखिए. फील्डर को समझ नहीं आ रहा है, बॉलर झक मारकर रह जाता है. ऐसी बैटिंग का कोई क्या ही कर सकता है?
जब T20 फॉर्मेट शुरू हुआ तो बैटिंग का एक नया दौर शुरू हुआ. एक जमाना वो था जब पहले 6 ओवर में बैटर खुलकर खेलता था. लेकिन अब तो पूरा मैच ही एक ही हिटिंग मोड में चलता है. ऐसा लग रहा है कि वैभव की बैटिंग ने एक और नए दौर की शुरुआत कर दी है. वैभव ने कल जो कमाल किया उसमें उनकी स्ट्राइक रेट थी 334 से ऊपर की. ये कोई एक मैच का तुक्का नहीं है. इस सीजन में उसकी स्ट्राइक रेट 242 से भी ऊपर है. एक ही सीजन में 65 छक्के मारकर गेल के 59 छक्कों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर चुके हैं. पैट कमिंस को लगातार तीन छक्का मारने वैसे भी कोई तुक्के वाली बात नहीं हैं.
आगे क्या?
अब सवाल ये है कि वो यहां से कहां जाएंगे. अभी तक क्रिकेट को समझने वाले कहते रहे कि इतनी जल्दी क्रिकेट के दिग्गजों से तुलना करना ठीक नहीं है लेकिन कल टॉम मूडी ने वैभव की तुलना डॉन ब्रैडमैन से कर दी. अनिल कुंबले ने क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर से तुलना कर दी. कल वैभव IPL में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाते-बनाते रह गए. जिस क्रिस गेल ने 30 गेंदों में शतक का ये रिकॉर्ड बनाया है उन्होंने भी उम्मीद जताई है कि वैभव किसी भी दिन उनका रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं.
जब करियर की ऐसी आतिशी शुरुआत होती है तो बड़े ताकीद करते हैं कि जमीन पर रहना नहीं तो भटक जाओगे. इस मामले में भी वैभव बहुत विनम्र दिखते हैं. अभी तक उन्होंने ऐसा कुछ किया या कहा नहीं है, जो इशारा करता हो कि कामयाबी का नशा चढ़ रहा हो. कल मैदान पर जब उन्होंने सुनील गावस्कर को देखा तो दौड़े चले गए और उनके पैर छुए. बगल में संजय बांगर खड़े थे, उनके भी पांव छुए. और तो और वैभव ने वहीं खड़े क्रिकेट कमेंटेटर जतिन सप्रू के पैर छूने की कोशिश की.
15-year-old Vaibhav Sooryavanshi showing respect by touching the feet of Sunil Gavaskar and Sanjay Bangar was wholesome enough… but Jatin Sapru quickly moving away when Vaibhav came towards him made the moment even more hilarious. 🤣❤️#SRHvsRR #VaibhavSooryavanshi pic.twitter.com/CtdwqieQDh
— Faruk (@uf2151593) May 27, 2026
नादानी है, मासूमियत है लेकिन अभी पांव जमीन पर हैं. और जबतक ऐसा रहेगा उम्मीद यही है कि पिच पर टिके रहेंगे. वैभव को जानने वाले बताते हैं कामयाबी के साथ-साथ वो और विनम्र हो रहे हैं. पता नहीं ये बिहार के संस्कार हैं या फिर क्रिकेट की दुनिया में चमकने वाले कई सितारों के टूटकर गिरने की कहानियों ने वैभव को ये सब सिखाया है, या कुछ और...लेकिन अब तक देखकर यही लग रहा है कि क्रिकेट के आसमान में नया सूर्य उग चुका है और इसकी रोशनी दूर तक जाएगी.
यह भी पढ़ें: यूनिवर्स बॉस की दहशत Vs बेबी बॉस का खौफ, वैभव के 97 Vs क्रिस गेल के 175 रन-दोनों पारियों में कौन बेहतर?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं