विज्ञापन

हरभजन सिंह का राजनीतिक 'दूसरा', राघव चड्ढा का दावा-भज्जी ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी

Harbhajan Singh joined BJP: क्रिकेट के दिनों में अपनी फिरकी से बड़े-बड़े बल्लेबाजों को नचाने वाले हरभजन सिंह ने अपने फैसले से सभी को हैरान कर दिया

हरभजन सिंह का राजनीतिक 'दूसरा', राघव चड्ढा का दावा-भज्जी ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी
Harbhajan Singh joins BJP: हरभजन सिंह
X: social media

खेल के सक्रिय दिनों मे अपनी फिरकी से दुनिया के बड़े-बड़े धुरंधर बल्लेबाजों को नाच नचाने वाले महान ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह (HarbHajan Singh) ने शुक्रवार को राजनीति की पिच पर सभी को हैरान करते हुए "दूसरा" (वह गेंद जो टप्पा खाकर अंदर आने की बजाय बाहर जाती है) फेंक कर अपनी (पूर्व) ही आम आदमी पार्टी (आप) को 'बोल्ड' कर दिया. निश्चित तौर पर इस 'दूसरा' के बारे दूर-दूर तक किसी ने कल्पना नहीं की थी, लेकिन जब यह खबर आई कि 'टर्बनेटर' ने  आम आदमी पार्टी (AAP) के बाकी पांच राज्य संभा सांसदों के साथ आप का दामन छोड़कर बीजीपी का हाथ थाम लिया, तो एक बार को सभी हैरान रह गए. हालांकि, राघव चड्ढा के बारे में पिछले कुछ दिनों से ऐसी अटकलें लग रही थीं, लेकिन दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह का आप छोड़कर बीजेपी में शामिल होना तमाम पॉलिटिकल पंडितों को चौंका गया है. 

साल 2022 में आप से जुड़े थे.

अगर इस दिग्गज ऑफी के रानजीतिक करियर की बात करें, तो हरभजन सिंह ने 10 अप्रैल 2022 को पंजाब से राज्यसभा सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया. तब उन्हें  आम आदमी पार्टी की तरफ से नामित किाय गया था. भज्जी ने 18 जुलाई, 2022 को शपथ ग्रहण की थी और उनका यह कार्यकाल सा 2028 तक चलेगा. बहरहाल, अब बीजीपी में शामिल होने के बाद उनकी सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है क्योंकि वह नियम के तहत कुल दो तिहाई सदस्यों के साथ बीजेपी से जुड़े हैं.

संसद में खासे सक्रिय रहे भज्जी

खेल के मैदान पर भज्जी राज्यसभा में भी जब भी 'बॉलिंग' करने उतरे, तो पूरी तैयारी के साथ उतरे. उन्होंने राज्यसभा में खेल और खिलाड़ियों से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं. विशेष रूप से उन्होंने खेलों में महिलाओं और लड़कियों की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत के प्रदर्शन को सुधारने पर जोर दिया है. भज्जी ने संसद में पंजाब में रेल परियोजनाओं की देरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के घरों के निर्माण जैसे मुद्दों पर भी प्रश्न पूछे हैं, लेकिन अब वह यही सवाल अब बीजेपी की तरफ से पूछते दिखाई पड़ेंगे. 

अपनी पूरी सैलरी दान करने का संकल्प

जब हरभजन सिंह राज्यसभा सदस्य बने थे, तो उन्होंने घोषणा की थी कि वह बतौर  सांसद के रूप में मिलने वाली अपनी पूरी सैलरी (वेतन) किसानों की बेटियों की शिक्षा और उनके कल्याण के लिए दान करेंगे. यह उनकी सबसे चर्चित और प्रशंसित राजनीतिक घोषणाओं में से एक रही है.

T20 विश्व कप 2026 और खेल कूटनीति

फरवरी-मार्च 2026 में हुए T20 विश्व कप के दौरान, उन्होंने न केवल एक विशेषज्ञ के रूप में काम किया, बल्कि संसद के मंच से भारत में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की वकालत भी की. उन्होंने अक्सर इस बात पर जोर दिया है कि भारत को दुनिया की 'स्पोर्टिंग सुपरपावर' बनाने के लिए ज़मीनी स्तर पर निवेश की जरूरत है.
 

यह भी पढ़ें:   'गाने में देखा और दिल दे बैठे', गीता और हरभजन को मिलाने में युवराज सिंह को बेलना पड़ा था पापड़

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com