Haunted Sounds: अक्सर आपने फिल्मों में देखा होगा कि पुराने महल, हवेलियां या वीरान इमारतों में जाते ही कई लोगों को अजीब सा डर लगता है. किसी अनदेखी की मौजूदगी का एहसास होने लगता है. अक्सर लोग इसे भूत-प्रेत या अलौकिक शक्तियों से जोड़ते हैं. लेकिन वैज्ञानिकों ने एक ऐसा कारण खोजा और बताया कि इन जगहों पर ऐसे अनुभव क्यों होते हैं.
पुराने भवनों में मौजूद इन्फ्रासाउंड (Infrasound)
वैज्ञानिकों ने बकायदा ऐसी जगहों पर जाकर अध्ययन किया और पाया कि पुराने भवनों में मौजूद इन्फ्रासाउंड (Infrasound) लोगों को असहज और डरा हुआ महसूस करा सकते हैं. इन्फ्रासाउंड बेहद कम आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगें होती हैं, जो लगभग 20 हर्ट्ज से नीचे होती हैं. इंसान इन्हें सुन नहीं सकता, लेकिन शरीर इनका प्रभाव महसूस कर सकता है.
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क्यों ऐसी जगहों पर होता है कंपन
वैज्ञानिकों का कहना है कि पुराने भवनों में जर्जर पाइपलाइन, वेंटिलेशन सिस्टम, बॉयलर और अन्य मशीनें कम आवृत्ति वाली कंपन पैदा कर सकती हैं. यही कंपन लोगों के मूड और शरीर पर असर डालती हैं, जिससे अचानक घबराहट, तनाव या बेचैनी महसूस हो सकती है.
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कहां किया गया ये अध्ययन
इस अध्ययन का नेतृत्व कनाडा की मैकइवान यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिक प्रोफेसर रॉडनी श्माल्ट्ज ने किया था. शोधकर्ताओं ने 36 प्रतिभागियों पर एक प्रयोग किया. उन्हें एक कमरे में बैठाकर संगीत सुनाया गया. कुछ प्रतिभागियों को बिना बताए 18 हर्ट्ज का इन्फ्रासाउंड भी सुनाया गया, जिसे वे सुन नहीं सकते थे.
प्रयोग के बाद प्रतिभागियों से उनकी भावनाओं के बारे में पूछा गया और उनके लार (Saliva) के नमूनों की जांच की गई. परिणामों में पाया गया कि जिन लोगों को इन्फ्रासाउंड के संपर्क में रखा गया था, उनमें तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल का स्तर अधिक बढ़ गया. उन्होंने अधिक चिड़चिड़ापन और असहजता भी महसूस की. खास बात यह रही कि उन्हें यह पता ही नहीं चला कि वे इन्फ्रासाउंड के संपर्क में थे.
क्यों होते हैं इस तरह के अनुभव
वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पहले से मानता है कि कोई इमारत भूतिया है, तो इन्फ्रासाउंड से होने वाली बेचैनी को वह अलौकिक अनुभव समझ सकता है. यानी डर की भावना वास्तव में किसी भूत की नहीं, बल्कि वातावरण में मौजूद अदृश्य कंपन की प्रतिक्रिया हो सकती है.
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