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PMAY-G : छत्तीसगढ़ में हर दिन 1600 से अधिक पक्के आवास का निर्माण; CM साय ने कहा- हजारों महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी'

छत्तीसगढ़ में PMAY-G के तहत रोज 1600 घर बन रहे, 10.60 लाख आवास पूर्ण, 2677 करोड़ जारी, 10 हजार महिलाएं बनीं लखपति दीदी. सीएम साय ने क्या कुछ कहा जानिए.

PMAY-G : छत्तीसगढ़ में हर दिन 1600 से अधिक पक्के आवास का निर्माण; CM साय ने कहा- हजारों महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी'
PMAY-G : रोज 1600 घर बनाकर छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में शामिल

PMAY-G Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत आवास निर्माण को तेजी मिल रही है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने “हर गरीब को पक्का घर” के लक्ष्य को तेजी से आगे बढ़ाया है. प्रदेश में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के मकानों का निर्माण हो रहा है और पिछले ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं. सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2677 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी कर निर्माण कार्यों को और गति दी है. इस योजना के जरिए न सिर्फ गरीबों को मकान मिल रहे हैं, बल्कि महिला समूहों को रोजगार और आय के नए अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं.

राज्य को 2677 करोड़ से अधिक राशि जारी

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपये की राशि जारी की है. यह राशि SNA SPARSH मॉड्यूल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से वितरित की गई है, जिससे आवास निर्माण समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सके.

रोज 1600 से अधिक मकानों का निर्माण

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में निर्माण कार्य तेज गति से जारी है. प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के घर बनाए जा रहे हैं. पिछले ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक मकान पूरे किए गए हैं. वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से ज्यादा आवास निर्माण हुआ. इन आंकड़ों के साथ छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है.

“हर गरीब को पक्का घर” लक्ष्य पर फोकस

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पक्का घर केवल आश्रय नहीं बल्कि सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है. सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार इस मूलभूत सुविधा से वंचित न रहे. इस दिशा में प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी हितग्राहियों के आवास समय पर पूरे किए जाएं.

महिला समूहों की बड़ी भूमिका

इस योजना में महिला स्व-सहायता समूहों की सहभागिता उल्लेखनीय रही है. 10 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी' बनीं और हजारों समूह निर्माण सामग्री आपूर्ति से जुड़े. इससे महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण और स्थायी आय का माध्यम मिला है.

नक्सल प्रभावित परिवारों को भी लाभ

राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी योजना का विस्तार कर रही है. आत्मसमर्पित नक्सलियों और प्रभावित परिवारों को पक्का आवास देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. इससे इन क्षेत्रों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनने की उम्मीद है.

नवाचार: रेन वाटर हार्वेस्टिंग और डिजिटल निगरानी

योजना के तहत 1.5 लाख से अधिक मकानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है. इसके अलावा शिकायत समाधान के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1290 और पारदर्शिता के लिए ग्राम पंचायतों में QR कोड लगाए गए हैं.

पारदर्शिता और सुशासन पर जोर : CM

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है. सरकार लगातार मॉनिटरिंग कर रही है ताकि हर जरूरतमंद तक इस योजना का फायदा पहुंच सके.

समाज में बदलाव का माध्यम बन रही योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अब सिर्फ आवास योजना नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव का माध्यम बन रही है. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने, आत्मनिर्भरता बढ़ाने और विकास को नई गति देने में अहम भूमिका निभा रही है.

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