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 अभिषेक बनर्जी के कालीघाट आवास पर पहुंची CID की टीम, TMC सांसद बोले- मैं गद्दार नहीं हूं

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को एक सीआईडी ​​अधिकारी ने नोटिस सौंपा है.

 अभिषेक बनर्जी के कालीघाट आवास पर पहुंची CID की टीम, TMC सांसद बोले- मैं गद्दार नहीं हूं
  • टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा पांच से छह जांच एजेंसियां भेजकर उन्हें दबा नहीं सकतीं.
  • बंगाल पुलिस, कोलकाता पुलिस और केएमसी सहित कुल पांच जांच एजेंसियां अभिषेक बनर्जी की जांच कर रही हैं.
  • अभिषेक बनर्जी को सीआईडी अधिकारी ने कालीघाट स्थित आवास पर नोटिस सौंपा है, जिसे वे स्वयं लेने को तैयार हैं.
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TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि उन्हें जो करना है करने दो. वे जो चाहें कर सकते हैं. इसे ऐसे समझो, पहले सिर्फ ईडी और सीबीआई थीं, अब बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के साथ-साथ केएमसी (कोलकाता नगर निगम) भी शामिल हैं. पहले 2-3 जांच एजेंसियां ​​थीं, अब 5 हैं. उन्हें लगता है कि वे मेरे पीछे 5-6 एजेंसियां ​​भेजकर मुझे ब्लैकमेल करके झुका देंगे. मैं वैसा व्यक्ति नहीं हूं. चाहे आप मेरा गला काट दें या जो चाहें करें, मुझे झुकाने के लिए आपको 10 बार सोचना पड़ेगा और 7 जन्म लेने पड़ेंगे. मैं गद्दार नहीं हूं.

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्हें मुझे नोटिस देना था और मुझे उसे स्वयं आकर लेना था. इसलिए वे यहीं इंतजार कर रहे थे. वे गलती से कहीं और चले गए थे. उन्हें पता नहीं था कि मैं कहां रहता हूं. इसलिए, आपके माध्यम से मैंने उनसे कहा कि अगर कोई मुझे नोटिस देना चाहता है, तो मैं यहां हूं. बता दें कि कालीघाट स्थित अपने आवास पर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को एक सीआईडी ​​अधिकारी ने नोटिस सौंपा है.

4 मई को चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद से अभिषेक बनर्जी के हालात में बड़ा बदलाव आया है. एक तरफ राज्य सरकार ने उनकी हाई-प्रोफाइल सुरक्षा व्यवस्था वापस ले ली है, जो उन्हें ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान मिली हुई थी. इसके बजाय अब उन्हें वही सुरक्षा दी गई है, जिसके वे लोकसभा सदस्य के रूप में हकदार हैं.

साथ ही, कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने 17 ऐसी संपत्तियों को नोटिस जारी किए हैं, जिनका मालिकाना हक या तो अभिषेक बनर्जी के पास है या जिनमें वे सह-मालिक हैं. केएमसी ने इन संपत्तियों की 'एलिवेशन कॉपी' भी मांगी है, ताकि यह जांच की जा सके कि इन संपत्तियों के मूल ढांचे में बिना पूर्व अनुमति कोई बदलाव या निर्माण तो नहीं किया गया है.

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