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बंगाल के सोनारपुर में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला, पत्थर फेंके, हेलमेट पहनकर भागना पड़ा

हमले पर अभिषेक बनर्जी ने कहा कि ये सब भाजपा कर रही है. आप देख सकते हैं कि मेरा क्या हाल किया गया है. ये इनका लोकतंत्र का नमूना है. पुलिस कहीं पर भी दिखाई नहीं दे रही है.

बंगाल के सोनारपुर में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला, पत्थर फेंके, हेलमेट पहनकर भागना पड़ा
  • बंगाल के सोनारपुर में चुनाव हिंसा के पीड़ितों से मिलने गए टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर लोगों ने हमला कर दिया
  • अभिषेक बनर्जी ने इस हमले को भाजपा प्रायोजित बताया और इसकी शिकायत हाई कोर्ट और गवर्नर से करने की बात कही
  • चुनाव के बाद अभिषेक बनर्जी की हाई-प्रोफाइल सुरक्षा वापस ले ली गई और अब उन्हें सदस्य के अनुसार सुरक्षा मिली है
कोलकाता:

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में चुनाव के दौरान हिंसा में पीड़ितों के परिवारों से मिलने पहुंचे टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया. मारपीट के साथ उनपर पत्थर फेंके गए. इसके बाद अभिषेक बनर्जी को हेलमेट लगाकर वहां से भागना पड़ा.

हमले के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, "यह सब भाजपा प्रायोजित है. देखो उन्होंने क्या किया है. यह उनके लोकतंत्र का उदाहरण है. एक महीना भी नहीं हुआ है, और पुलिस कहीं दिखाई नहीं दे रही है."

उन्होंने कहा, "...वे मुझे मारना चाहते थे. पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है. हम इस बारे में हाई कोर्ट को जरूर बताएंगे. हम गवर्नर को भी इस बारे में बताएंगे. मैं जरूर कोर्ट जाऊंगा."

सोनारपुर पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में आता है. जहां तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे. यहां स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ मारपीट की तथा पत्थर और अंडे फेंके.

तृणमूल कांग्रेस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रहे अभिषेक बनर्जी के शनिवार को दो कार्यक्रम तय थे. ये दोनों कार्यक्रम उन पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात से जुड़े थे, जो हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा से प्रभावित बताए जा रहे थे.

टीएमसी महासचिव सोनारपुर-दक्षिण विधानसभा सीट पर पार्टी कार्यकर्ता संजू कर्मकार से मिलने गए थे, जो इस महीने की शुरुआत में चुनाव के बाद हुई हिंसा का शिकार हुए थे. इसके बाद उनका उत्तरी कोलकाता की बेलेघाटा विधानसभा सीट पर पार्टी कार्यकर्ता बिस्वजीत पट्टनायक से मुलाकात का कार्यक्रम था, वो भी चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित हुए हैं.

4 मई को चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद से अभिषेक बनर्जी के हालात में बड़ा बदलाव आया है. राज्य सरकार ने उनकी हाई-प्रोफाइल सुरक्षा व्यवस्था वापस ले ली है, जो उन्हें ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान मिली हुई थी. साथ ही अब उन्हें वही सुरक्षा दी गई है, जिसके वे लोकसभा सदस्य के रूप में हकदार हैं.

इसके साथ ही, कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने 17 ऐसी संपत्तियों को नोटिस जारी किए हैं, जिनका मालिकाना हक या तो अभिषेक बनर्जी के पास है या जिनमें वे सह-मालिक हैं. केएमसी ने इन संपत्तियों की 'एलिवेशन कॉपी' भी मांगी है, ताकि यह जांच की जा सके कि इन संपत्तियों के मूल ढांचे में बिना पूर्व अनुमति कोई बदलाव या निर्माण तो नहीं किया गया है.

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चुनाव से पहले एक प्रचार रैली में कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने के आरोप में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक एफआईआर भी दर्ज की गई है. हालांकि, कलकत्ता हाई कोर्ट की एकल-न्यायाधीश पीठ ने पिछले हफ्ते उन्हें इस मामले में जुलाई तक किसी भी तरह की पुलिस कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है, से अंतरिम राहत दे दी थी. वहीं, अदालत ने उनके विदेश दौरे पर कुछ पाबंदियां भी लगाई थीं.

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Rittick Mondal
Principal Correspondent, Kolkata Editorial
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