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T20 World Cup 2026: 'यह पहलू संजू को खास बनाता है', रैना ने किया सैमसन का समर्थन, क्या इस स्टार के साथ संजू की तुलना सही?

Sanju Samon becomes big quesiton: अब जब भारत टी20 विश्व कप से पहले फाइनल XI को अंतिम रूप देने के एकदम आखिरी दौर में है, संजू सैमसन सबसे बड़ा सवाल बन चुके हैं

T20 World Cup 2026: 'यह पहलू संजू को खास बनाता है', रैना ने किया सैमसन का समर्थन, क्या इस स्टार के साथ संजू की तुलना सही?

Suresh Raina's bold views on Sanju Samson, T20 World Cup 2026: भारत-श्रीलंका में अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) से पहले टीम इंडिया के धुरंधरों ने अपनी फॉर्म दिखा दी है, लेकिन यह भी  सही है कि अब जबकि उसके पास सिर्फ एक मैच बाकी बचा है, तो उसके पास अभी भी कसने के लिए कई पेच हैं. और इनमें सबसे बड़ा पेच बन चुके हैं संजू सैमसन. पांच मैचों की शुरुआती सीरीज में संजू एकदम  नाकाम हुए, तो पूर्व दिग्गजों के शब्दों के बीच फंस गए.  अब पूर्व दिग्गज और वर्ल्ड कप विजेता सुरेश रैना ने संजू सैमसन के समर्थन में आते हुए कहा है कि मैनेजमेंट को केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के साथ वही धैर्य दिखाना चाहिए, जैसा कभी कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ दिखाया गया था.

सैमसन की खराब फॉर्म के बाजूद रैना ने कहा, 'उनकी क्लास, तेज़ और स्पिन दोनों तरह की गेंदबाज़ी के खिलाफ खेलने की क्षमता उन्हें मौजूदा चैंपियन टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी बनाती है. रैना ने सैमसन की मौजूदा स्थिति की तुलना उस दौर से की, जब सूर्यकुमार यादव की निरंतरता पर सवाल उठ रहे थे. पूर्व बल्लेबाज बोले,'उन्होंने लगभग एक साल तक रन नहीं बनाए थे, लेकिन फिर भी कप्तान और कोच उनका समर्थन करते रहे.' रैना ने वर्ल्ड लीजेंड्स प्रो टी20 लीग के दौरान NDTV से बातचीत में सूर्यकुमार यादव का ज़िक्र करते हुए कहा.

अपने समय के मिस्टर तूफानी बल्लेबाज ने कहा, 'मुझे लगता है कि संजू के साथ भी वही कहानी है. अगर उन्हें मौके मिलते रहे, तो वह ज़रूर अच्छा प्रदर्शन करेंगे. रैना ने यह भी ज़ोर दिया कि सैमसन का अनुभव और उनके पिछले प्रदर्शन खासकर दक्षिण अफ्रीका में लगाए गए शतक इस बात का सबूत हैं कि वह उच्चतम स्तर पर खेलने की पूरी क्षमता रखते हैं. उनका मानना है कि टीम के टॉप-4 बल्लेबाज़ ही तय करेंगे कि भारत 190 का स्कोर बनाएगा या 210 जैसा विशाल लक्ष्य खड़ा करेगा.

भारत के टॉप-4 पर सुरेश रैना की राय

रैना के विश्लेषण का बड़ा हिस्सा 'टॉप-4' बल्लेबाज़ी ढांचे पर केंद्रित रहा, जिसे वह भारत की सफलता की कुंजी मानते हैं. उनके मुताबिक बल्लेबाज़ी का यह इंजन रूम ही तय करता है कि टीम साधारण स्कोर बनाएगी या विरोधियों के लिए नामुमकिन लक्ष्य खड़ा करेगी. रैना खासतौर पर अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की जोड़ी से प्रभावित दिखे. उन्होंने दोनों के निडर इरादों की तारीफ करते हुए कहा कि ये खिलाड़ी 150 रनों का लक्ष्य महज़ 10 ओवरों में हासिल करने की क्षमता रखते हैं.

उन्होंने कहा, 'जिस तरह ईशान और अभिषेक खेल रहे हैं, वे पहली गेंद से ही आक्रामकता दिखाते हैं. लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन   का होना भी बड़ी रणनीतिक बढ़त है. अगर जल्दी विकेट गिरता है, तो अभिषेक के साथ संजू सैमसन की ओपनिंग और उसके बाद नंबर 4 पर सूर्यकुमार यादव का आना गेंदबाज़ों पर लगातार दबाव बनाए रखता है.'रैना के अनुसार, टॉप-4 बल्लेबाज़ों की भूमिका सिर्फ विकेट बचाने की नहीं, बल्कि अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की है/ उनका मानना है कि पहले छह ओवरों में सेट हुआ टेम्पो ही आगे आने वाले विशेषज्ञ बल्लेबाज़ों के लिए मंच तैयार करता है.

मध्य ओवरों में भारत की ताकत

चूंकि टूर्नामेंट उपमहाद्वीप में सह-मेज़बानी में खेला जाएगा, रैना ने कहा कि 7 से 14 ओवरों के बीच का समय 'मिस्ट्री स्पिनर्स' और 'वाइड स्पिनर्स' का होगा. ऐसे हालात में सूर्यकुमार यादव, रिंकू सिंह और हार्दिक पांड्या की तिकड़ी भारत को बेहद खतरनाक बनाती है. रैना का मानना है कि अगर टॉप-4 मज़बूत आधार दे देता है, तो यह मिडिल ऑर्डर विपक्षी गेंदबाज़ी आक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर सकता है और भारत को खिताब बचाने की मज़बूत स्थिति में ला सकता है.

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