मंगलवार को अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में अफगानिस्तान ने शानदार ड्रॉ हासिल किया. इसमें सेदिकुल्ला अटल के बेहतरीन शतक और निचले क्रम के बल्लेबाजों - यामीन अहमदज़ई, क़ैस अहमद और ज़िया-उर-रहमान अकबर - के ज़बरदस्त संघर्ष की अहम भूमिका रही. 479 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए, अफ़गानिस्तान ने 8 विकेट पर 346 रन बनाए और सबसे बड़ी बात यह रही कि उन्होंने 142 ओवर तक बल्लेबाजी करके एक यादगार ड्रॉ हासिल किया. बांग्लादेश ने कई मौके गंवा दिए और बाकी बचे दो विकेट नहीं ले पाए. क़ैस 80 गेंदों पर 49 रन बनाकर नाबाद रहे और ज़िया-उर-रहमान ने बिना कोई रन बनाए 12 गेंदों का सामना किया.
अफगानिस्तान के लिए अटल ने चौथी पारी में शानदार बचाव किया. उन्होंने क्रीज़ पर डटे रहकर 332 गेंदों में 111 रन बनाए, जो उनके टेस्ट करियर की एक अहम पारी साबित हो सकती है. इस नतीजे के लिए उन्होंने आठ घंटे और 34 मिनट तक बल्लेबाजी की, जो टेस्ट की चौथी पारी में अब तक की सातवीं सबसे लंबी पारी है. अटल का शतक टेस्ट की चौथी पारी में किसी अफगान खिलाड़ी द्वारा लगाया गया पहला शतक भी है.
अफ़गानिस्तान ने आखिरी दिन की शुरुआत 3 विकेट पर 132 रन से की, जिसमें अटल और हशमतुल्ला शाहिदी क्रीज़ पर थे. पहले सेशन में ही डीप फील्डर के थ्रो से घुटने पर चोट लगने के कारण शाहिदी को 'रिटायर्ड हर्ट' होना पड़ा. अटल ने इकराम अलीखिल के साथ मिलकर समय बिताया. उन्होंने 166 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और बाद में 70 रन के स्कोर पर लिटन दास द्वारा स्टंपिंग का मौका चूकने से भी बचे.
हालांकि, लंच से ठीक पहले अलीखिल की 33 रनों की पारी का अंत हो गया. उन्होंने पुल शॉट खेलने की कोशिश की और गेंद उनके ग्लव्स से लगकर दास के पास चली गई, जिन्होंने एक हाथ से शानदार कैच लपका. इस समय अफ़गानिस्तान का स्कोर 4 विकेट पर 203 रन था और शाहिदी अभी भी मैदान से बाहर थे.
इसके बाद दूसरे सेशन में अटल का साथ इस्मत आलम ने दिया. आलम ने 40 रनों की साझेदारी में 60 गेंदों पर चार रन बनाकर समय निकाला. हालांकि, अटल के शतक बनाने के कुछ ही देर बाद मेहदी हसन मिराज ने आलम को आउट कर दिया. इसके बाद शहीदी क्रीज़ पर आए, लेकिन चाय के ब्रेक से पहले 36 रन पर आउट हो गए. उस समय अफ़गानिस्तान का स्कोर दूसरे सेशन के बाद 265/6 था. खेल का एक पूरा सेशन बाकी था और अटल के साथ अब निचले क्रम के बल्लेबाज़ ही बचे थे.
अफ़गानिस्तान के लिए स्थिति और खराब हो गई जब अटल आखिरी सेशन के पहले घंटे में ही आउट हो गए, जिससे टीम का स्कोर 281/7 हो गया. अभी भी लगभग 22 ओवर बाकी थे और हाथ में सिर्फ़ तीन विकेट थे. बांग्लादेश ने फील्डिंग में कुछ गलतियां कीं; उन्होंने रन-आउट के कुछ मौके गंवा दिए, जबकि हसन महमूद ने मिड-विकेट पर कैस का कैच छोड़ दिया. बांग्लादेश को तब राहत मिली जब अहमदज़ई 19 रन पर आउट हो गए. मोमिनुल हक ने शॉर्ट फाइन लेग पर शानदार कैच लपककर अफ़गानिस्तान का आठवां विकेट गिराया. हालांकि, कैस और ज़िया-उर-रहमान ने बाकी गेंदों को रोका और कैस ने अंत में हैमस्ट्रिंग का इलाज भी कराया, जिससे मैच ऐतिहासिक रूप से ड्रॉ पर समाप्त हुआ.
यह भी पढ़ें: एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भारतीय हॉकी टीम में बड़ा बदलाव, एक झटके में चार खिलाड़ी होंगे रिटायर
यह भी पढ़ें: NDTV Exclusive: रोहित पर नहीं हुई बात, मुंबई के पास सूर्या-तिलक समेत कई विकल्प, हार्दिक पर फैसला बाकी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं