वैभव सूर्यवंशी को बीते दिनों हुई दलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया था और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने इस फैसले को जल्दबाजी बतायाय. युवा सनसनी वैभव की चर्चा शायद इस समय क्रिकेट जगत में किसी अन्य खिलाड़ी की तुलना में सबसे अधिक हो रही है. बेहतरीन टैलेंट और क्षमता के साथ, सूर्यवंशी भारतीय सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम में शामिल होने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में से एक हैं. 15 साल की उम्र में, वह IPL सीजन के टॉप स्कोरर रहे. रविचंद्रन अश्विन जैसे सुपरस्टार खिलाड़ियों ने उन्हें "पीढ़ी का सबसे बेहतरीन टैलेंट" बताया है.
मंगलवार को रेडिट पर एक सवाल-जवाब सेशन के दौरान सचिन तेंदुलकर से पूछा गया,"सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी को कप्तानी की ज़िम्मेदारी सौंपे जाने के बारे में आप क्या सोचते हैं?" इसका जवाब देते हुए सचिन तेंदुलकर ने कहा,"मुझे लगता है कि दलीप ट्रॉफी में उनके लिए उप-कप्तान बनना अभी बहुत जल्दबाजी होगी. हमें उन्हें रेड बॉल से और अधिक मैच खेलने देने चाहिए और एक बार में एक ही कदम आगे बढ़ाना चाहिए."

उसी बातचीत के दौरान, उनसे पूछा गया कि "इस समय उनके पसंदीदा गैर-भारतीय बल्लेबाज कौन हैं?" सचिन ने जवाब दिया,"हैरी ब्रूक, जो रूट, स्टीव स्मिथ..."
जब उनसे पूछा गया कि "जो रूट आपके टेस्ट रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहे हैं, और उनका कहना है कि आपके साथ उनका नाम लिया जाना ही उनके लिए काफी है, इस पर आपकी क्या राय है?" तो तेंदुलकर ने रूट के बारे में कहा,"मैंने हमेशा उन्हें बहुत ऊंचा दर्जा दिया है, और उनके पहले टेस्ट मैच में ही मुझे लग गया था कि वह बहुत आगे जाएंगे."
भले ही वैभव का इंग्लैंड में डेब्यू हुआ, लेकिन उन्हें अपने मौके के लिए इंतजार करना पड़ा है, क्योंकि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा टॉप ऑर्डर में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दोनों ने इस साल की शुरुआत में भारत के टी20 वर्ल्ड कप खिताब को बचाने में अहम भूमिका निभाई थी. रविवार को भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि उनका काम सभी को खुश करना नहीं है, बल्कि लोकप्रिय फैसलों के बजाय सही फैसले लेना है.
पांचवें T20I से पहले ब्रॉडकास्टर्स से बात करते हुए गंभीर ने कहा,"सबसे पहली बात, मेरा काम सभी को खुश करना नहीं है. मेरा काम सही फैसले लेना है, न कि लोकप्रिय फैसले. और मैं इसी काम के लिए यहां हूं."
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का समर्थन करना भी जरूरी है, ताकि ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों को सुरक्षित महसूस हो. गंभीर ने कहा था,"देखिए, लोकप्रिय फैसला लेना बहुत आसान है. लेकिन मेरे लिए, सबसे अहम बात सही फैसला लेना है और यह सुनिश्चित करना है कि ड्रेसिंग रूम के अंदर खिलाड़ियों को पूरी सुरक्षा (भरोसा) महसूस हो."
"क्योंकि, जैसा कि आपने अभी कहा, यहां बहुत टैलेंट है. लेकिन साथ ही, मुझे लगता है कि जिन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन किया है, वे निश्चित रूप से और अधिक मौके पाने के हकदार हैं. और हम इसी सोच के साथ सीरीज में आगे बढ़ते हैं."
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