भारत के पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर मनिंदर सिंह ने कुलदीप यादव को लगातार मौके नहीं मिलने को एक "रहस्य" बताया है. मनिंदर का मानना है कि भारतीय टीम प्रबंधन को इस बाएं हाथ के रिस्ट स्पिनर की क्षमता पर पूरा भरोसा नहीं है, जबकि वह सीमित ओवरों के साथ-साथ टेस्ट क्रिकेट में भी मैच जिताने का दम रखते हैं. कुलदीप यादव ने अब तक 124 वनडे मुकाबलों में 201 विकेट लिए हैं, जो मौजूदा भारतीय टीम के किसी भी गेंदबाज से ज्यादा हैं. इसके बावजूद न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल में समाप्त हुई टी20 सीरीज में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला. आमतौर पर उपमहाद्वीप से बाहर उनके चयन न होने के पीछे टीम संयोजन का तर्क दिया जाता है.
मुख्य कोच गौतम गंभीर ऐसी टीम चाहते हैं, जिसमें आठवें नंबर तक बल्लेबाजी की गहराई मौजूद हो. हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में भारत ने अक्सर तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला किया है. यही वजह है कि पिछले दो वर्षों में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में खेले गए भारत के 35 मुकाबलों में कुलदीप सिर्फ तीन मैच खेल पाए हैं.
मुरली कार्तिक से की तुलना
मनिंदर सिंह ने कुलदीप की स्थिति की तुलना पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक से भी की. उन्होंने कहा, "मुझे एक घटना याद है जब मुरली कार्तिक शानदार गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन उन्हें लगातार मौके नहीं मिले. कुछ वैसा ही कुलदीप यादव के साथ भी हो रहा है. शायद कुछ लोगों को लगता है कि उन्हें खेलना आसान है, लेकिन मेरे लिए यह हमेशा रहस्य रहेगा कि उन्हें उतने मौके क्यों नहीं दिए गए जितने दिए जाने चाहिए थे."
डेरिल मिशेल के खिलाफ क्या होनी चाहिए रणनीति?
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिशेल का नाम लेते हुए मनिंदर ने भारतीय गेंदबाजों को सतर्क रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा, "डेरिल मिशेल सकारात्मक सोच वाले बल्लेबाज हैं. अगर आप सिर्फ उन्हें रोकने की कोशिश करेंगे तो मुश्किल में पड़ सकते हैं. गेंदबाजों को उनका विकेट लेने की सोच के साथ गेंदबाजी करनी चाहिए. जैसे ही आपकी सोच विकेट लेने की होगी, गेंदबाजी में धार नजर आएगी." मिशेल ने इस साल भारत में हुई वनडे सीरीज में कुलदीप के खिलाफ अच्छी बल्लेबाजी की थी. उस श्रृंखला में कुलदीप ने तीन मैचों में सिर्फ तीन विकेट लिए थे और प्रति ओवर 7.28 रन खर्च किए थे.
हार्दिक पांड्या की कमी महसूस कर रही है टीम
मनिंदर सिंह ने माना कि भारतीय टीम को हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी का नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, "जब हार्दिक फिट होते हैं तो वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में शामिल होते हैं. वह अकेले अपने दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं. भारतीय टीम को निश्चित रूप से उनकी कमी महसूस हो रही है." हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थितियां दूसरे खिलाड़ियों के लिए अवसर लेकर आती हैं. उन्होंने कहा, "यह किसी और ऑलराउंडर के लिए मौका भी हो सकता है. कभी-कभी ऐसे समय में टीम को नया खिलाड़ी मिल जाता है."
नीतीश कुमार रेड्डी पर भी टिप्पणी
मनिंदर ने कहा कि टीम प्रबंधन ने नीतीश कुमार रेड्डी पर भरोसा दिखाया है, लेकिन चोटों की वजह से वह निरंतरता नहीं रख पाए हैं. उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार रेड्डी को मौके मिले हैं, लेकिन वह लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. वह बार-बार चोटिल भी होते रहे हैं. इसलिए हार्दिक पांड्या की कमी भारतीय टीम को महसूस हो रही है, इसमें कोई संदेह नहीं है."
न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज से पहले मनिंदर सिंह के बयानों ने एक बार फिर कुलदीप यादव की भूमिका, टीम संतुलन और हार्दिक पांड्या की वापसी को चर्चा के केंद्र में ला दिया है.
यह भी पढ़ें | IND vs NZ: न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज से पहले भारत को बड़ी राहत, प्रसिद्ध कृष्णा हुए फिट घोषित
यह भी पढ़ें | अजिंक्य रहाणे की अंडररेटेड ODI XI ने किया हैरान, भारत के सिर्फ 2 खिलाड़ियों को चुना
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं