भारतीय टीम के चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव लंबे समय से प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी के बावजूद कुलदीप को मौका नहीं मिला. पूरी सीरीज़ में बेंच पर बैठे रहने के बाद अब उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हेड कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में भी कुलदीप को लगातार मौके नहीं मिले हैं. 9 जुलाई 2024 को गंभीर के कोच बनने के बाद भारत ने 104 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, लेकिन कुलदीप इनमें सिर्फ 38 मुकाबलों का हिस्सा बन सके.
अश्विन ने जताई नाराजगी
पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कुलदीप को लेकर टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर खुलकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अब उन्हें नहीं लगता कि कुलदीप को नियमित तौर पर खेलने का मौका मिलेगा. अश्विन ने कहा, "अगर टीम में उन्हें मौका ही नहीं मिलना है तो फिर उनके साथ बने रहने का क्या मतलब है? एक गेंदबाज का आत्मविश्वास और लय तभी बनती है जब उसे लगातार मैच खेलने का अवसर मिले."
उन्होंने आगे कहा कि कुलदीप अभी ऐसे दौर में हैं, जहां वह अगले कई साल तक भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं. ऐसे में उन्हें लगातार बाहर बैठाना समझ से परे है.
'दुनिया के सर्वश्रेष्ठ रिस्ट स्पिनरों में हैं कुलदीप'
अश्विन ने कुलदीप की तारीफ करते हुए उन्हें मौजूदा दौर के सर्वश्रेष्ठ रिस्ट स्पिनरों में से एक बताया. उन्होंने कहा कि कुलदीप का रिकॉर्ड खुद उनकी काबिलियत की गवाही देता है. अश्विन ने कहा, "कुलदीप ने करीब 120 अंतरराष्ट्रीय मैचों में लगभग 170 विकेट लिए हैं. अगर आप दुनिया के रिस्ट स्पिनरों की तुलना करें तो वह एडम ज़म्पा जैसे गेंदबाजों से भी बेहतर हैं."
'बुमराह नहीं थे, फिर भी मौका नहीं मिला'
अश्विन का मानना है कि लॉर्ड्स वनडे कुलदीप के लिए सबसे बड़ा झटका था. उन्होंने कहा कि जब बुमराह टीम में नहीं थे और भारत अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प के साथ उतरा, तब भी कुलदीप को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. उन्होंने कहा, "इस फैसले से साफ लगता है कि टीम मैनेजमेंट को कुलदीप पर बिल्कुल भरोसा नहीं है. अगर ऐसे मौके पर भी उन्हें नहीं खिलाया जा रहा, तो आगे उनका रास्ता क्या है?"
'हर किसी के पसंदीदा खिलाड़ी होते हैं'
अश्विन ने यह भी माना कि हर कोच और कप्तान की अपनी पसंद होती है, लेकिन कुलदीप के मामले में स्थिति चिंताजनक दिखाई देती है. उन्होंने कहा, "हर किसी के कुछ पसंदीदा खिलाड़ी होते हैं और यह स्वाभाविक है. लेकिन कुलदीप के साथ जो हो रहा है, वह काफी अजीब है. लॉर्ड्स वनडे उनके लिए बहुत बड़ा झटका था."
इस बयान के बाद कुलदीप यादव के भविष्य और भारतीय टीम में उनकी भूमिका को लेकर बहस तेज हो गई है. फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले मुकाबलों में टीम मैनेजमेंट उन्हें मौका देता है या नहीं.za
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