अगर आप भी एक वर्किंग मदर हैं, तो शायद इस भावना को अच्छी तरह समझती होंगी. 17 महीने के अपने बच्चे को रोज डे केयर छोड़ते समय उसके चेहरे की उदासी देखकर कई बार ऐसा लगता है कि नौकरी छोड़ देना ही बेहतर होगा. वहीं, शाम को जब बच्चा गले लगाकर 'मम्मा-मम्मा' कहता है, तो मन में यह सवाल फिर उठता है कि आखिर उसे इतने घंटों तक किसी और के भरोसे क्यों छोड़ना पड़ रहा है. लेकिन दूसरी ओर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां और अपने करियर की जरूरतें भी होती हैं, जो अगले दिन फिर ऑफिस जाने के लिए प्रेरित करती हैं. ऐसी दुविधा न सिर्फ मेरी है, बल्कि आज के समय में लाखों कामकाजी माताओं की यह हकीकत है.
अगर आपके मन में भी अक्सर नौकरी छोड़कर बच्चे के साथ ज्यादा समय बिताने का ख्याल आता है, तो इसका एक बेहतर समाधान बिजनेस के रूप में भी निकल सकता है. दरअसल, डे केयर सेंटर एक ऐसा बिजनेस आइडिया है, जिसे आप अपने बच्चे के साथ रहकर भी शुरू कर सकती हैं. इससे न सिर्फ आप अपने बच्चे की देखभाल खुद कर पाएंगी, बल्कि उन दूसरे माता-पिता की भी मदद कर सकेंगी, जो अपने बच्चों के लिए भरोसेमंद डे केयर की तलाश में रहते हैं. कम निवेश और बढ़ती मांग के कारण डे केयर बिजनेस आज महिलाओं, खासकर माताओं के लिए एक बेहतरीन स्वरोजगार विकल्प बनकर उभर रहा है. क्योंकि सिर्फ 8 से 9 घंटे के काम में आप लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं. यहां जानते हैं इसकी पूरी डिटेल-
कैसे खोल सकते हैं डे केयर?
डे केयर खोलने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होता है, जैसे-
- सबसे पहले डे केयर के कुछ सेंटर्स पर जाएं और वहां की व्यवस्था देखें.
- इसके बाद एक ठोस बिजनेस प्लान तैयार करें, जिसमें लागत, जगह जैसी चीजों को डिसाइड करें.
- फिर बच्चों को अनूकुल जगह ढूंढें, अगर आपके पास पहले से जगह है तो उसे बच्चों के अनुकूल तैयार करें.
- अब स्थानीय नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस लें.
- फिर जरूरी स्टाफ जैसे- बच्चों की देखभाल करने वाली महिलाएं, टीचर्स को हायर करें.
- साथ ही बच्चों को जरूरी खिलौने, प्ले स्टेशन जैसी चीजों की व्यवस्था करें.
किन चीजों का रखना होता है ध्यान
अगर आप डे केयर खोलने का प्लान कर रहे हैं, तो आपको कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है, जैसे-
- जहां बच्चे रहते हों, वहां पूरी साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए. साथ ही हमेशा प्रशिक्षित और योग्य स्टाफ चुनें.
- कानूनी लाइसेंस लेना न भूलें और बच्चों के अनुकूल बुनियादी स्ट्रक्चर तैयार करें.
- बच्चों के रहने की व्यवस्था ऐसी जगह करें, जहां खुली हवा और जहां पर्याप्त धूप आती हो.
- दीवारों के कोने नुकीले न हों, बिजली के सॉकेट्स अच्छे से कवर किए गए हों.
- बच्चों के आकार के हिसाब से टॉयलेट सीट तैयार कराएं और साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था कराएं.
- माता-पिता की संतुष्टि के लिए पूूरे डे केयर परिसरों में लाइव सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था करें, इत्यादि.
कौन सा डे केयर खोलना है फायदेमंद, फ्रेंचाइजी या अपना
अगर आप पहली बार डे केयर खोल रहे हैं, तो किसी स्थापित ब्रांड की फ्रेंचाइजी लेना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. वहीं, अगर आपको पहले से ही डे केयर का अच्छा अनुभव है, तो आप अपना खुद का ब्रांड बना सकते हैं. हालांकि, अपना ब्रांड बनाने के लिए आपको अधिक मेहनत लग सकती है और मुनाफा कमाने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है. लेकिन जब भी आपका ब्रांड अच्छा चलने लगेगा, तो आपको किसी को रॉयल्टी नहीं देनी पड़ेगी. ऐसे में ज्यादा मुनाफा होने की संभावना बढ़ जाती है.
वहीं, अगर आप फ्रेंचाइजी लेते हैं, तो आपको मेहनत कम लगती है. क्योंकि अधिकतर माता-पिता ब्रांड्स पर भरोसा करके अपने बच्चों को ऐसी जगहों में डालना पसंद करते हैं. ऐसे में आपके डे केयर पर जल्दी बच्चे आ सकते हैं.
डे केयर खोलने की लागत क्या है?
डे केयर खोलने की लागत इस बात पर निर्भर करती है कि आप कौन सा खोल रहे हैं, अगर आप खुद ही अपना ब्रांड शुरू कर रहे हैं, तो आपको 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की लागत लग सकती हैं. हालांकि, अगर आपको घर का किराया नहीं देना पड़ रहा है, तो पहले महीने को छोड़कर अगले महीने से सिर्फ रोजमर्रा की चीजों पर ही पैसे खर्च होंगे. वहीं, अगर आप किसी बड़े कमर्शियल या फिर ब्रांडेड फ्रेंचाइजी लेते हैं, तो आपका लागत बढ़ जाता है, इसमें 5 लाख से 25 लाख रुपये या फिर उससे अधिक रुपये भी लग सकती है.
डे केयर का मुनाफा कितना हो सकता है?
डे केयर का मुनाफा भी इस बात पर निर्भर होता है कि आपने इसे अपने घर से शुरू किया है या फिर फ्रेंचाइजी ली है. घर से डे केयर खोलने वालों को घर का किराया, फ्रेंचाइजी के पैसे इत्यादि बच जाते हैं. वहीं, अगर आप किसी कमर्शियल या बड़े ब्रांड की फ्रेंचाइजी लेते हैं, तो लागत बढ़ जाती है. ऐसे में मुनाफा कम भी हो सकता है.
हालांकि, घर में अगर कोई डे केयर खोलता है, तो उन्हें थोड़ा कम फीस रखनी पड़ती है. वहीं, फ्रेंचाइजी लेने पर फीस पहले से तय की गई होती है. ऐसे में मुनाफा इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपके डे केयर की फीस कीतनी है और उसमें कितनी लागत आई है.
उदाहरण के लिए अगर आप 5000 से 15000 रुपये प्रति माह फीस रखते हैं और आपके पास 20 से 25 बच्चे हैं, तो 1 लाख रुपये से 3 लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है, जिसमें आप 50 फीसदी लागत को हटा लेते हैं, तो शुद्ध मुनाफा 50 हजार से 1.50 लाख रुपये तक की हो सकती है.
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