गुजरात सरकार द्वारा पूर्व क्रिकेटर एवं तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद यूसुफ पठान को स्थानीय महानगरपालिका का भूखंड देने का प्रस्ताव रखे जाने के कुछ दिन बाद, वडोदरा के एक पूर्व पार्षद ने भारतीय स्पिनर राधा यादव को एक क्रिकेट अकादमी स्थापित करने के लिए जमीन देने की मांग की है. पूर्व पार्षद बंदिश शाह ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि वडोदरा महानगरपालिका (वीएमसी) को एक प्रस्ताव सौंपा गया है, जिसमें यादव को क्रिकेट अकादमी स्थापित करने के लिए महानगरपालिका की नगर नियोजन योजना के तहत भूखंड आवंटित करने का अनुरोध किया गया है. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य क्रिकेट को बढ़ावा देना है.
उन्होंने कहा कि वडोदरा को 'खेल नगरी' के रूप में विकसित करने की सामूहिक परिकल्पना है. उन्होंने कहा कि महानगरपालिका की नगर नियोजन (टीपी) योजनाओं के तहत खेल गतिविधियों के लिए निर्धारित जमीन उपलब्ध है. शाह ने कहा, 'हमने राधा यादव के लिए एक भूखंड का प्रस्ताव दिया है. इससे स्थानीय खिलाड़ियों के बीच क्रिकेट को बढ़ावा देने और वडोदरा की प्रतिष्ठा को और बढ़ाने में मदद मिलेगी. वह फिलहाल एक इनडोर क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण देती हैं, हालांकि, उचित प्रशिक्षण के लिए आउटडोर स्टेडियम जरूरी है.'
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उन्होंने कहा कि पठान के लिए प्रस्तावित जमीन आवासीय है, जबकि यादव के लिए मांगे गए भूखंड पर क्रिकेट अभ्यास मैदान विकसित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलेगा और वडोदरा का गौरव बढ़ेगा. शाह ने कहा, 'हम अपने खर्च पर इस सुविधा का विकास करना चाहते हैं और महानगरपालिका को किराया भी देंगे. हम किसी तरह की मुफ्त सहायता नहीं मांग रहे हैं. हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के माध्यम से वडोदरा के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकें. वीएमसी का रुख सकारात्मक रहा है, हालांकि प्रशासनिक प्रक्रिया में स्वाभाविक रूप से कुछ समय लगता है.'
पठान को जमीन देने का प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब 2024 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की बहरामपुर सीट से निर्वाचित पूर्व क्रिकेटर ने करीब चार महीने पहले तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के उस समूह का साथ दिया था, जिसने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय कर लिया था.
पठान 2012 से वडोदरा के तंदलजा इलाके में अपने परिवार के घर के पास स्थित 978 वर्ग मीटर का आवासीय भूखंड पाने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, इस मामले में उन्हें वर्षों तक कानूनी अड़चनों और महानगरपालिका की ओर से अतिक्रमण हटाने के नोटिस का सामना करना पड़ा.
नए प्रस्ताव के तहत, वीएमसी के स्वामित्व वाली जमीन के 500 वर्ग मीटर हिस्से को पठान को 'उपहार' में दिया जाएगा, जबकि शेष 478 वर्ग मीटर जमीन वडोदरा शहरी विकास प्राधिकरण (वीयूडीए) की मूल्यांकन समिति द्वारा निर्धारित दर के 55 प्रतिशत मूल्य पर यानी 45 प्रतिशत रियायत के साथ दी जाएगी.
यह भूखंड क्रिकेटर से नेता बने पठान और महानगरपालिका के बीच करीब एक दशक से जारी विवाद का केंद्र रहा है. वर्ष 2012 में पठान ने अपने घर से सटी जमीन खरीदने का अनुरोध किया था. हालांकि, वीएमसी ने शुरुआत में सहमति जताई थी, लेकिन गुजरात सरकार ने 2014 में जमीन की बिक्री की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
वर्ष 2024 में पश्चिम बंगाल की बहरामपुर सीट से तृणमूल के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतने के बाद महानगरपालिका ने पठान को नोटिस जारी करके कथित अतिक्रमण हटाने और महानगरपालिका की जमीन खाली करने को कहा था.
पठान ने गुजरात उच्च न्यायालय में इस नोटिस को चुनौती देते हुए दलील दी थी कि मामला एक दशक से अधिक पुराना है और कथित अतिक्रमण हटाने का निर्देश देने से पहले महानगरपालिका को ‘कारण बताओ नोटिस' जारी करना चाहिए था. उन्होंने यह भी कहा था कि जमीन राज्य सरकार की नहीं, बल्कि महानगरपालिका की है.
इसके बाद उच्च न्यायालय ने भूखंड आवंटित करने के उनके अनुरोध को खारिज करने के राज्य सरकार के फैसले को बरकरार रखा. पठान ने इस आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी, लेकिन इस साल अगस्त में उनके वकील ने अदालत को बताया कि वह राज्य सरकार की नीति के तहत अपना दावा आगे बढ़ा रहे हैं, जिसके बाद अपील वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दी गई.
यदि स्थायी समिति इस नवीनतम प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है, तो नगर आयुक्त द्वारा निर्धारित शर्तों के तहत उक्त भूखंड के आवंटन का रास्ता साफ हो जाएगा.
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