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पाकिस्तान U-19 टीम को दक्षिणी इंग्लैंड में समझ लिया गया शरणार्थी, होटल के बाहर जुटी प्रदर्शनकारियों की भीड़

दक्षिणी इंग्लैंड में पाकिस्तान की अंडर-19 क्रिकेट टीम उस समय असहज स्थिति में फंस गई जब आव्रजन-विरोधी प्रदर्शनकारियों ने उन्हें शरण चाहने वाले प्रवासी समझ लिया.

पाकिस्तान U-19 टीम को दक्षिणी इंग्लैंड में समझ लिया गया शरणार्थी, होटल के बाहर जुटी प्रदर्शनकारियों की भीड़
ब्रिटेन में पाकिस्तान अंडर-19 क्रिकेट टीम को समझा गया प्रवासी

ब्रिटेन में पाकिस्तान की अंडर-19 क्रिकेट टीम एक अजीबोगरीब गलतफहमी का शिकार हो गई. दक्षिणी इंग्लैंड के पोर्ट्समाउथ क्षेत्र में कुछ आव्रजन-विरोधी प्रदर्शनकारी उस होटल के बाहर इकट्ठा हो गए, जहां युवा पाकिस्तानी क्रिकेटर ठहरे हुए थे. प्रदर्शनकारियों को लगा कि होटल में शरण चाहने वालों का एक समूह पहुंचा है. यह घटना मंगलवार शाम पोर्ट्समाउथ के उत्तरी इलाके कोशम में स्थित मैरियट होटल के बाहर हुई. ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी खबरें फैल गई थीं कि होटल में युवा एशियाई पुरुषों से भरी एक बस पहुंची है. इसके बाद आव्रजन-विरोधी प्रदर्शनकारी मौके पर जमा होने लगे.

बताया गया कि यह विवाद उस घटना के करीब 48 घंटे बाद सामने आया, जब पोर्ट्समाउथ के पास बड़ी संख्या में प्रवासियों के उतरने का विरोध किया गया था और प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई थी. उस घटना की ब्रिटेन में व्यापक आलोचना हुई थी.

'द गार्डियन' की रिपोर्ट के अनुसार, आव्रजन-विरोधी राजनीतिक दल 'रिफॉर्म यूके' के एक स्थानीय पार्षद भी मौके पर पहुंचे. जब उन्हें पता चला कि होटल में ठहरे लोग पाकिस्तान की अंडर-19 क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हैं, तो उन्होंने भीड़ को समझाने और वहां से हटाने में मदद की.

इस बीच, हैम्पशायर पुलिस ने पुष्टि की कि उन्हें होटल के आसपास लोगों के जमा होने की सूचना मिली थी. पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर भीड़ से बातचीत की और उनकी चिंताओं को दूर किया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों को लेकर आशंका जताई जा रही थी, वे शरणार्थी या प्रवासी नहीं थे. इसके बाद करीब 30 लोगों की भीड़ शांतिपूर्वक वहां से चली गई और किसी भी तरह की आपराधिक घटना दर्ज नहीं हुई.

ब्रिटेन में आव्रजन (Immigration) और छोटी नावों के जरिए यूरोप से आने वाले शरणार्थियों का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है. हाल के वर्षों में इस मुद्दे को लेकर कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें कुछ मामलों में हिंसा भी देखने को मिली है. नस्लवाद विरोधी संगठन 'स्टैंड अप टू रेसिज्म' ने इस घटना की कड़ी आलोचना की.

संगठन के राष्ट्रीय आयोजक माइकल ब्रैडली ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि प्रवासियों और शरणार्थियों को लगातार निशाना बनाने वाली राजनीति किस तरह गलतफहमियां और सामाजिक तनाव पैदा कर सकती है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी प्रवृत्तियां जारी रहीं तो इससे नस्लीय हमलों और हिंसा का खतरा बढ़ सकता है.

गौरतलब है कि पाकिस्तान की सीनियर क्रिकेट टीम इस समय इंग्लैंड दौरे पर है और बर्मिंघम के एजबेस्टन में मेजबान टीम के खिलाफ तीसरा टेस्ट मैच खेल रही है.

(AFP इनपुट के साथ)

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