फखर जमान की शतकीय पारी के दम पर पाकिस्तान ने शनिवार को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में 3 विकेट से जीत दर्ज करके इतिहास रच दिया. पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने 8 विकेट के नुकसान पर 325 रन बनाए थे. इसके जवाब में पाकिस्तान ने 48.3 ओवर में 7 विकेट खोकर 331 रन बनाए और 9 गेंदें शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर लिया. यह किसी वनडे फाइनल में संयुक्त रूप से सबसे बड़ा सफल रन-चेज है. इससे पहले 2002 में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल में इंग्लैंड से मिले 326 का लक्ष्य हासिल किया था. इस मुकाबले में ओस के कारण श्रीलंकाई गेंदबाजों को गीली गेंद पर काबू पाने में काफी मुश्किल हुई.
पाकिस्तान के लिए जमान ने 99 गेंदों पर 127 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 6 छक्के शामिल थे. इस पारी के साथ, वह वनडे फाइनल में दो शतक लगाने वाले पाकिस्तान के दूसरे बल्लेबाज बन गए. 326 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान को शुरुआत में ही झटके लगे. माज़ सदाकत 5 रन बनाकर आउट हो गए और बाबर आज़म बिना खाता खोले (डक पर) पवेलियन लौट गए, जिससे टीम 14 रन पर 2 विकेट गंवाकर मुश्किल में आ गई.
इसके बाद ज़मान ने विकेटकीपर-बल्लेबाज साद बेग के साथ मिलकर पारी को संभाला. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 149 रन जोड़े और पाकिस्तान को वापस मुकाबले में ला खड़ा किया. बेग ने 75 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से 74 रन बनाए, जिसके बाद महेश तीक्ष्णा ने उन्हें 163 के स्कोर पर आउट कर दिया.
जमान ने पारी को आगे बढ़ाया और अपना शतक पूरा किया. वह दिलशान मदुशंका का शिकार बने और 127 रन बनाकर आउट हुए, उस समय पाकिस्तान का स्कोर 4 विकेट पर 220 रन था. सलमान आगा 17 रन बनाकर आउट हुए, जिससे श्रीलंका ने कुछ समय के लिए मैच पर पकड़ बनाई और पाकिस्तान का स्कोर 5 विकेट पर 230 रन हो गया.
इसके बाद हसन नवाज और अराफात मिन्हास ने लक्ष्य का पीछा करने की जिम्मेदारी संभाली और छठे विकेट के लिए 94 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की. मिन्हास ने सिर्फ 31 गेंदों पर 61 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 4 छक्के शामिल थे, जबकि नवाज 45 गेंदों पर 37 रन बनाकर नाबाद रहे. 324 के स्कोर पर मिन्हास आउट हो गए, और फहीम अशरफ अपनी पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए. इसके बाद पाकिस्तान को जीत के लिए 2 रन चाहिए थे और उनके पास 3 विकेट बचे थे. कप्तान शाहीन अफरीदी ने शानदार अंदाज में छक्का लगाकर पाकिस्तान को जीत दिलाई और टीम को खिताब जिताया.
इससे पहले, पाकिस्तान के कप्तान शाहीन अफरीदी ने फील्डिंग करने का फैसला किया. श्रीलंका ने अपने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट खोकर 325 रन बनाए, जिसमें कामिंडु मेंडिस की पहली वनडे सेंचुरी अहम रही. मेंडिस ने 128 गेंदों पर 131 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 2 छक्के शामिल थे. उन्होंने अविष्का फर्नांडो (38 रन) के साथ मिलकर ओपनिंग विकेट के लिए 87 रन जोड़े, और फिर तीसरे विकेट के लिए पवन रत्नायके के साथ 146 रनों की साझेदारी की.
रत्नायके ने 65 गेंदों पर 77 रन बनाए (जिसमें 8 बाउंड्री शामिल थीं), जिससे श्रीलंका ने मिडिल ओवरों में अपनी स्थिति मजबूत कर ली. हालांकि, पाकिस्तान के गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में शानदार वापसी की और अंतिम 10 ओवरों में 6 विकेट लेकर श्रीलंका को 325 रनों पर ही रोक दिया.
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