मंगलवार को एकाना क्रिकेट स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज़ की शुरुआत भारत ने आठ विकेट से जीत के साथ की. इस जीत के बाद भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने कप्तान श्रेयस अय्यर के आक्रामक खेलने के तरीके और डेब्यू करने वाले नमन धीर की निडर गेंदबाजी की तारीफ की. जहां अय्यर के नाबाद 102 रनों की मदद से 172 रनों का लक्ष्य हासिल किया गया, वहीं धीर के तीन विकेटों ने भारत को मेहमान टीम को 171 रनों पर रोकने में मदद की.
किशन 27 गेंदों पर 37 रन बनाकर नाबाद रहे और तीसरे विकेट के लिए अय्यर के साथ 137 रनों की अटूट साझेदारी की. भारत के दोनों ओपनर शुरुआती चार ओवरों में ही आउट हो गए थे, इसलिए यह साझेदारी लक्ष्य का पीछा करने में सबसे अहम साबित हुई; अय्यर ने मोर्चा संभाला और किशन ने पारी को आगे बढ़ाने के लिए ज़रूरी साथ दिया.
अपनी सहायक भूमिका को समझौता मानने के बजाय, किशन ने कहा कि जब उन्हें एहसास हुआ कि उनके कप्तान गेंद को बहुत अच्छी तरह से देख पा रहे हैं, तो यह एक समझदारी भरा तरीका था.
"एक बल्लेबाज के तौर पर, जब मैं अच्छी लय में नहीं दिख रहा होता और दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाज शानदार फॉर्म में होता है और गेंद को अच्छे से कनेक्ट कर रहा होता है - इस मामले में श्रेयस अय्यर - तो मुझे दूसरे नंबर पर खेलने में कोई दिक्कत नहीं होती. हमारी साझेदारी में ज़्यादातर रन वही बना रहे थे, और जब वह शानदार बल्लेबाजी कर रहे हों, तो मेरा काम यही है कि उन्हें विपक्षी गेंदबाजों की धुनाई करने दूं.
"उन्होंने यह काम बहुत अच्छे से किया और आखिर में हमने सफलतापूर्वक लक्ष्य हासिल कर लिया. योजना सरल थी. हमारे दिमाग में एक लक्ष्य था और हमने उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लिया. जब भी गेंदबाज ने मेरे ज़ोन में गेंदबाजी की, मैंने रन बनाने की कोशिश की. दूसरी तरफ, श्रेयस पूरी लय में थे, इसलिए हमने बस स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाते रहे. कोई घबराहट नहीं थी क्योंकि हमें पता था कि एक अच्छा ओवर खेल बदल सकता है." किशन ने JioStar से कहा, "ऐसा ही हुआ और हमने जीत हासिल की."
अय्यर की पारी में 10 चौके और छह छक्के शामिल थे, जिसमें उन्होंने 42 गेंदों में अपना पहला T20I शतक पूरा किया. भारत ने 14.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और सीरीज़ में 1-0 की शुरुआती बढ़त बना ली.
इससे पहले, वेस्टइंडीज की पारी के दौरान धीर ने भारत को ज़रूरी सफलता दिलाई थी. अपने डेब्यू मैच में इस ऑलराउंडर ने 3/31 के आंकड़े के साथ गेंदबाजी की और शाई होप, रोमारियो शेफर्ड और शमार स्प्रिंगर को आउट किया. छक्का खाने के बाद उनके रिएक्शन ने किशन को खास तौर पर प्रभावित किया.
मुंबई इंडियंस के साथ अपने समय के दौरान धीर को गेंदबाजी करते हुए देखने के बाद, किशन ने युवा खिलाड़ी के नज़रिए में अंतर देखा और कहा कि झटके के बावजूद अटैक करने की उनकी इच्छा इस बात का संकेत थी कि उन्होंने अपनी गेंदबाजी पर कितनी मेहनत की है.
"मैंने मुंबई इंडियंस के दिनों में नमन को गेंदबाजी करते देखा है और उस समय मैं कहूंगा कि वह ज़्यादातर पार्ट-टाइम बॉलर थे. लेकिन इस मैच में जिस तरह से वह गेंदबाजी कर रहे थे और उनमें जो आत्मविश्वास था... डेब्यू मैच में छक्का खाने के बाद, अक्सर खिलाड़ी ज़्यादा डिफेंसिव हो जाते हैं. लेकिन नमन ने ऐसा नहीं किया और विपक्षी बल्लेबाजों को लगातार एक्स्ट्रा फ्लाइट देते रहे, जिससे उन्हें अपने डेब्यू गेम में कुछ विकेट मिले.
"डिफेंसिव न होना और बल्लेबाजों पर अटैक करना यह बताता है कि इस खिलाड़ी ने वास्तव में अपनी गेंदबाजी और अपनी स्किल पर कड़ी मेहनत की है. इससे पता चलता है कि उनमें सिर्फ़ टिके रहने के बजाय विकेट लेने का माइंडसेट है. अगर वह इसी तरह गेंदबाजी करते रहे, तो वह बहुत आगे जाएंगे," कीपर-बल्लेबाज ने आगे कहा.
धीर के स्पेल ने भारत के गेंदबाजी यूनिट के अनुशासित प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई, जिसमें कुलदीप यादव ने भी दो विकेट लिए. वेस्टइंडीज की टीम आखिरकार 19.1 ओवर में 171 रन पर ऑलआउट हो गई, जिसके बाद अय्यर और किशन ने सुनिश्चित किया कि लक्ष्य का पीछा करने में कोई खास मुश्किल न हो.
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