पूर्व भारतीय स्पिनर मनिंदर सिंह ने मंगलवार को कुलदीप यादव को लगातार खेलने का मौका न मिलने को एक 'रहस्य' बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि टीम मैनेजमेंट को इस बाएं हाथ के रिस्ट स्पिनर की काबिलियत पर पूरा भरोसा नहीं है. कुलदीप ने 124 वनडे मैचों में 201 विकेट लिए हैं, जो भारत की मौजूदा टीम के किसी भी अन्य गेंदबाज से ज्यादा हैं. इसके बावजूद, न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में हुई 3-2 की T20I सीरीज में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला. उपमहाद्वीप के बाहर, कुलदीप को टीम में न चुनने की वजह अक्सर 'टीम बैलेंस' बताई जाती है.
हेड कोच गौतम गंभीर ऐसी टीम चाहते हैं जिसमें आठवें नंबर तक बल्लेबाजी की गहराई हो. हार्दिक पांड्या के बाहर होने की वजह से, भारत ने आमतौर पर तीन स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाजों को खिलाने का फैसला किया है. नतीजतन, पिछले दो सालों में SENA देशों में खेले गए भारत के 35 मैचों में से कुलदीप सिर्फ तीन में ही खेल पाए हैं. हालांकि, बुधवार से ऑकलैंड के ईडन पार्क में शुरू होने वाली पांच वनडे मैचों की सीरीज के लिए कुलदीप पर विचार किया जा सकता है.
मनिंदर ने मंगलवार को सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क द्वारा आयोजित एक वर्चुअल बातचीत के दौरान कहा,"देखिए, मेरे लिए भी यह एक रहस्य बन गया है कि कुलदीप यादव को लगातार खेलने का मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है. वह एक रिस्ट स्पिनर हैं, जो वनडे और टी20 क्रिकेट में बहुत असरदार साबित होते हैं. लेकिन मुझे लगता है कि अगर उन्हें सही भरोसा दिया जाए, तो कुलदीप यादव टेस्ट क्रिकेट में भी बहुत कारगर साबित हो सकते हैं."
मनिंदर ने कुलदीप को लेकर आगे कहा,"आपको याद होगा कि डेढ़ साल पहले इंग्लैंड में एक टेस्ट सीरीज हुई थी जो 2-2 से बराबर रही थी, और हम सब उससे बहुत खुश थे. लेकिन मैं खुश नहीं था, क्योंकि मुझे पता है कि अगर हमने उन पांच टेस्ट मैचों में कुलदीप यादव को लगातार खिलाया होता, तो भारत वह सीरीज 3-1 से जीत जाता. कुलदीप यादव पर मेरा इतना भरोसा था और आज भी है. लेकिन मुझे लगता है कि टीम मैनेजमेंट को उन पर पूरा भरोसा नहीं है, जिसकी वजह से उन्हें बार-बार मौके नहीं मिल रहे हैं - चाहे वह कोई भी फॉर्मेट हो."
पूर्व स्पिनर ने आगे कहा,"मुझे लगता है कि वह हर तरह के फॉर्मेट में अच्छा खेल सकते हैं. उनके पास ऐसी विविधताएं हैं, जिनकी हर फॉर्मेट में जरूरत होती है. रिस्ट स्पिनर, खासकर बाएं हाथ के रिस्ट स्पिनर, विश्व क्रिकेट में बहुत कम देखने को मिलते हैं." उन्होंने कुलदीप की मौजूदा स्थिति की तुलना पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर मुरली कार्तिक से भी की. "ऐसे में, यह ज्यादा जरूरी होता कि हम उन्हें लगातार भरोसा देते. मुझे एक घटना याद है, जब मुरली कार्तिक बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन उस समय उनके कप्तान कौन थे?
"सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़, जो खुद बाएं हाथ के स्पिनरों को बहुत अच्छे से खेलते थे, उन्हें लगता था कि मुरली कार्तिक में वह खूबी नहीं है जो बाकी गेंदबाजों में होती है. इसी वजह से उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले. मुझे लगता है कि कुलदीप यादव के साथ भी बिल्कुल ऐसा ही हो रहा है. उन्हें टीम मैनेजमेंट से वह भरोसा नहीं मिल पा रहा है."
मनिंदर ने आगे कहा,"शायद कुछ खिलाड़ी और कप्तान ऐसे हैं जिन्हें लगता है कि वे कुलदीप के खिलाफ बहुत आसानी से खेल सकते हैं. इसलिए उन्हें लगता होगा कि बाकी दुनिया भी उनके खिलाफ आसानी से खेल लेती होगी, और शायद यही वजह है कि उन्हें मौके नहीं मिल रहे हैं. लेकिन मेरे लिए यह अभी भी एक रहस्य है और हमेशा रहेगा कि उन्हें इतने मौके क्यों नहीं दिए गए."
भारत के सीम बॉलिंग विभाग में अनुभव की कमी है। टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं. मोहम्मद सिराज, जिन्होंने 51 वनडे मैचों में 77 विकेट लिए हैं, इस गेंदबाजी आक्रमण के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं.
ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी पहले मैच के बाद टीम से अलग हो रहे हैं, ताकि वे दो टेस्ट मैचों के लिए खुद को तैयार कर सकें. अर्शदीप सिंह, जिनके नाम 18 वनडे मैच हैं, इस गेंदबाजी समूह की अगुवाई करेंगे. इस समूह में गुरनूर बराड़ (9 मैच), अंशुल कंबोज और आकिब नबी (एक-एक मैच) शामिल हैं. इसके अलावा यश ठाकुर भी हैं, जिन्होंने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है और उन्हें केवल आखिरी दो मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया है.
अगर कुलदीप खेलते हैं, तो उनका सामना डेरिल मिशेल से होगा. इस साल की शुरुआत में भारत में हुई वनडे सीरीज में मिशेल ने कुलदीप के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था, और न्यूजीलैंड ने वह सीरीज 2-1 से जीती थी. उस सीरीज में कुलदीप ने प्रति ओवर 7.28 रन दिए, जो उनके करियर की सबसे महंगी वनडे सीरीज रही. उन्होंने तीन मैचों में 60.7 की औसत से केवल तीन विकेट लिए. अब तक उनके बीच जो भी मुकाबले हुए हैं, वे सभी एशिया में हुए हैं. ऐसे में न्यूजीलैंड में यह उनका पहला वनडे आमना-सामना हो सकता है.
वनडे मैचों में मिशेल का 'स्वीप' शॉट उनके लिए रन बनाने का एक भरोसेमंद हथियार रहा है. आंकड़ों से पता चलता है कि 2024 की शुरुआत से स्पिनरों के खिलाफ इस शॉट का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने 109 गेंदों में 147 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 135 रहा है और इस शॉट को खेलते हुए वे अब तक कभी आउट नहीं हुए हैं. मनिंदर का कहना है कि भारतीय गेंदबाजों को मिशेल को सिर्फ रोकने के बजाय उनका विकेट लेने की कोशिश करनी चाहिए.
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