- तेलंगाना के जगतियाल में 3 साल के बच्चे गोद लेने वाले कपल से अलग कर सरकारी चाइल्ड-केयर सेंटर भेजा गया
- पालने वाली मां से बिछड़ रहा बच्चे ने ऐसी बात कही कि वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे
- गोद लेने की कानूनी वैधता पर सवाल उठाते हुए बच्चे को कपल से अलग कर दिया था, फिर कोर्ट ने उनको वापस दे दिया
'अम्मा, मुझे घर ले चलो... मुझे डर लग रहा है...' ये भावुक अपील थी, तीन साल के उस बच्चे की, उसे उसे पालने वाले माता-पिता से अलग कर चाइल्ड केयर सेंटर भेज दिया गया. उसे इस बात से को फर्क नहीं पड़ता कि ये अम्मा उसकी सगी मां नहीं हैं. छोटा सा बच्चा समझता है तो उसके आंचल की छांव, उसका प्यार और दुलार. उसे रिश्तों की पेचीदगी से कोई लेना-देना नहीं. उसके लिए तो कसरपु श्रीनिवास और सरिता ही उसके माता-पिता हैं, जिनके पास वह खुशहाल जीवन बिता रहा था. फिर एक दिन अचानक कुछ लोग आए और उसे चाइल्ड केयर सेंटर ले गए. इस घटना ने नन्हें रुद्र महेश की जैसे ही दुनिया ही उजाड़ दी. मां से बिछड़ने का गम वह बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था.
3 साल के बच्चे की अपील इमोशल कर देगी
जब उसने अपनी तोतलाती आवाज में कहा-अम्मा घर ले चलों, मुझे डर लगता है... ये सुनकर सिर्फ उसके माता-पिता ही नहीं फफक उठे बल्कि वहां मौजूद अधिकाकी और अन्य लोग भी इमोशनल हो गए. बच्चे और इस कपल के बीच का प्यार भरा बॉन्ड साफ दिखाई दे रहा था. इसके लिए किसी और सबूत की कोई जरूरत नहीं थी. क्यों कि बच्चे तो मन के सच्चे होते हैं. वे प्यार को समझते हैं और दिल से महसूस भी करते हैं. उनके लिए रिश्ते नहीं बल्कि प्यार मायने रखता है. ऐसे ही प्यार और इमोशनल बॉन्ड का एक भावुक कर देने वाला मामला तेलंगाना के जगतियाल का है.

जिस मां ने पाला, उससे जुदाई बर्दाश्त नहीं
पूरा मामला यह है कि एक बच्चे को एक ऐसे जो़ड़े ने तीन साल तक पाला, जिसकी अपनी कोई औलाद नहीं थी. इस कपल ने उसे अपने कलेजे से लगाकर रखा और अपने बच्चे की तरह प्यार दिया. अपने इन माता-पिता से जुदाई ये बच्चा सहन नहीं कर सका. जिस मां ने उसे कलेजे से लगाकर रखा, बच्चा जब उससे जुदा हो रही थी तो रोते हुए उसने कुछ ऐसा कह दिया, जिसने भी सुना उसका दिल पसीज उठा.
तीन साल के रुद्र महेश को कसरपु श्रीनिवास और सरिता ने तीन साल पहले उसे गोद लिया था. उसकी कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा था. अधिकारियों ने बच्चे को इस कपल से अलग कर दिया. जबकि उनका कहना था कि जब बच्चा सिर्फ पांच दिन का था, तब उन्होंने उसे गोद लिया था. तीन साल तक उसे अपने बच्चे की तरह पाला. उनका तर्क था कि उन्होंने हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक, बच्चे को गोद लिया था. हालांकि, अधिकारियों ने बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया की कानूनी वैधता पर सवाल उठाए हुए उसे करीमनगर के एक सरकारी चाइल्ड-केयर सेंटर में भेज दिया.
बच्चे की मां से घर वापस ले जाने की गुहार
बच्चे को जब अधिकारी उसके माता-पिता से अलग कर रहे थे तो कपल के साथ ही ये नन्हा सा बच्चा भी उतना ही दुखी था. बच्चा रोते हुए मां सरिता से उसे घर ले जाने की गुहार लगा रहा था. मां से जुदा हो रहे बच्चे नेआवाज लगाते हुए कहा कि अम्मा घर ले चलो, मुझे डर लगता है. छोटे से बच्चे के मुंह से ये शब्द सुनते ही अधिकारियों का भी दिल भर आया. बच्चे के इन शब्दों से पता चल रहा था कि ये कपल उससे कितना प्यार करता है. वह खुद भी अपने इन माता-पिता के बिना नहीं रह सकता. बच्चे की ये बात सुनकर कपल भी अपने जज्बातों पर काबू नहीं कर सका और भावुक हो उठा.
हाई कोर्ट ने माता-पिता को वापस दी बच्चे की कस्टडी
बच्चे की कस्टडी पाने के लिए, यह दंपति तेलंगाना हाई कोर्ट पहुंचा था.16 अक्टूबर 2026 को एक अंतरिम आदेश पारित किया गया था, जिसमें कोर्ट ने निर्देश दिया कि बच्चे की अंतरिम कस्टडी उन्हें वापस सौंप दी जाए. दंपति का आरोप है कि 28 अक्टूबर को चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (CWC) के पास कोर्ट का आदेश जमा करने के बावजूद, बच्चे को सौंपने में देरी की गई.
उन्होंने बताया कि इस देरी को लेकर वे फिर से हाई कोर्ट गए और सोमवार, 2 नवंबर को जगतियाल कलेक्ट्रेट में 'प्रजावाणी' शिकायत कार्यक्रम के दौरान एक आवेदन भी दिया. इस बीच बच्चे की भावुक अपील ने सभी को इमोशनल कर दिया.
बच्चे री बात सुन अधिकारी भी पसीज उठे
इस घटना और लोगों की बढ़ती भावनाओं को देखते हुए, जगतियाल जिला कलेक्टर बी. सत्य प्रसाद ने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार बच्चे को सौंप दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि CWC की मंजूरी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण बच्चा उनको सौंपने में देरी हुई है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह प्रक्रिया सोमवार रात या मंगलवार सुबह तक पूरी कर ली जाएगी. इस आश्वासन के बाद, सोमवार शाम (2 नवंबर) को बच्चा अपने माता-पिता के पास वापस लौट आया.
श्रीनिवास और सरिता के लिए ये पल बहुत ही भावुक कर देने वाला था, जब उनका जिगर का टुकड़ा तीन साल का रुद्र महेश उसकी गोद में फिर से वापस लौट आया, जिसके लिए वह लगातार गुहार लगा रहा था. सोशल मीडिया पर करीमनगर के एक चाइल्ड-केयर सेंटर का वह वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बच्चा रोते हुए कह रहा था, “अम्मा, मुझे घर ले चलो... मुझे डर लग रहा है.” इस मार्मिक अपील ने हजारों लोगों को भावुक कर दिया.
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