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बचपन का संघर्ष, 'जोर का झटका', शानदार वापसी, फिर 'बड़ा इनाम' ईशान किशन की रोचक कहानी

साल 2023 में बीसीसीआई ने ईशान को जोर का झटका दिया था, लेकिन फिर यहां से इस झारखंडी ने ऐसे समीकरण बदले कि आप बात उनकी टेस्ट टीम में चयन तक पहुंच गई है

बचपन का संघर्ष, 'जोर का झटका', शानदार वापसी,  फिर 'बड़ा इनाम' ईशान किशन की रोचक कहानी
Ishan Kishan: इशान किशन दोहरे शतक के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में हैं
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चेन्नई के एम चिदंबरम स्टेडियम में खेली जा रही दलीप ट्रॉफी के दूसरे दिन भारतीय टेस्ट टीम में वापसी में जुटे ईशान किशन ने 270 रन की पारी खेलकर टीम के संतुलन पर जोरदार वार किया है. ईशान ने इस पारी से चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को मैसेज भेज दिया है कि वह उनकी पारी से पैदा हुए संदेश को ऋषभ पंत के साथ-साथ ध्रुव जुरेल तक भी पहुंचा  दें. 270 की पारी के बाद समीकरण बदल रहे हैं. कमेंटरी बॉक्स से लेकर सोशल मीडिया और जमीनी फैंस के बीच ईशान के बारे में बात हो रही है, जिन्हें बचपन से लेकर खासा संघर्ष करना पड़ा. टीम इंडिया में आने के बाद वावजूद बड़ा झटका झेलना पड़ा, लेकिन इस लेफ्टी बल्लेबाज ने  हार नहीं मानी. वास्तव में ईशान किशन की कहानी आपको भाव विभोर कर देगी. 

पटना से रांची और फिर अलग संघर्ष

बिहार में क्रिकेट के हालात और कम मौकों को देखकर उनके पिता ने ईशान ने सिर्फ 12 साल की उम्र में रांची भेजा, जहां वह अपने से कहीं उम्र में बड़े सीनियरों के साथ एक कमरे में रहते थे. कम उम्र में ईशान को खाना बनाना आता नहीं था, तो वह बर्तन धोने और साफ-सफाई का काम करते थे. कई बार जब मैच या प्रैक्टिस से लौटने में देर हो जाती, या सीनियर खिलाड़ी बाहर चले जाते, तो इशान को खाना नहीं मिलता था.और कई रातें ईशान ने बिना खाना खाए  गुजारीं बहरहाल, रांची में ईशान का टीम इंडिया के लिए खेलने का सपना परवान चढ़ा. और वह हर दिन पांच सौ गेंद खेलने की प्रैक्टिस करते थे. रांची में ईशान की मेहनत रंग लाई और उन्होंने सिर्फ 16 साल की उम्र में ही रणजी ट्ऱॉफी टीम में जगह बना ली. 

रणजी आगाज, अंडर-19 विश्व में कप्तानी, नाकामी और फिर वापसी

किशन ने 2014 में 16 साल की उम्र में झारखंड के लिए फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था और अपने पहले दस फर्स्ट-क्लास मैचों में एक शतक और पांच अर्धशतक जड़े. उनके शुरुआती करियर की मुख्य झलकियों में अक्टूबर 2015 में सौराष्ट्र के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में राजकोट की टर्निंग विकेट पर आठ छक्कों की मदद से बनाई गई 87 रनों की तेज तर्रार पारी शामिल थी. 2016 में उन्होंने बांग्लादेश में हुए अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम की कप्तानी की जहां उनकी टीम वेस्टइंडीज से हारकर उपविजेता रही, हालांकि तेज गेंदबाजों की मददगार पिचों पर वह खुद बल्ले से खास कमाल नहीं दिखा सके. साल 2016-17 के रणजी ट्रॉफी सीजन में परिस्थितियां फिर बदलीं, जहां उन्होंने दस मैचों में 57 से अधिक की औसत से 799 रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया. इस सीजन में ईशान ने 273 रन दिल्ली के खिलाफ तब बनाए, जब झारखंड पहली पारी में 80 रन पर 4 विकेट गंवा चुका था. इसके बाद अगले मैच में सौराष्ट्र के खिलाफ उन्होंने 136 रनों की पारी खेली.

शानदार अंतरराष्ट्रीय आगाज

अंतरराष्ट्रीय व्हाइट-बॉल (सीमित ओवर) क्रिकेट में किशन का पदार्पण 2021 में हुआ और उन्होंने दोनों प्रारूपों के अपने पहले ही मैच में अर्धशतक बनाए. लेकिन अगला साल उनके लिए और भी बेहतरीन साबित हुआ, जब उन्होंने श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों के भीतर तीन T20I अर्धशतक जड़े, और फिर दिसंबर में बांग्लादेश के खिलाफ उनके घर में 210 रनों की पारी खेलकर सभी को हैरान कर दिया. साल 2023 के मध्य में भी उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा, जहां उन्होंने लगातार चार वनडे अर्धशतक बनाए, हालांकि इसके बावजूद अक्टूबर में हुए विश्व कप में उन्हें सिर्फ दो मैचों की प्लेइंग इलेवन में जगह मिल सकी. 

बड़ा झटका, तूफानी प्रदर्शन और वापसी...

साल 2023 में दक्षिण अफ्रीका के बीच दौरे में मौका न मिलने से मानसिक रूप से थके ईशान किशन व्यक्तिगत कारणों से भारत लौटने का फैसला किया, लेकिन ब्रेक में ईशान किशन दुबई में अपने भाई के जन्मदिन की पार्टी में नजर आए और टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में भी दिखे, तो कोच राहुल द्रविड़ और मैनेजमेंट नाराज हो गए

.वहीं, जब द्रविड़ ने ईशान से घरेलू क्रिकेट में खेलने को कहा,तो  रेड-बॉल के लिए 'तैयार न होने' की बात कहते हुए आईपीएल की तैयारी करते दिखाई पड़े. पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने इसे जोरदार तरीके से उठाया, तो बीसीसीआई ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए ईशान को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से भी बाहर कर दिया. 


ईशान की जोरदार वापसी

बहरहाल, ईशान ने इससे उबरते हुए फिर से टीम इंडिया में वापसी की तैयारियों में जुट गए. शुरुआत अगस्त 2024 में तमिलनाडु में आयोजित बुची बाबू ऑल-इंडिया रेड-बॉल टूर्नामेंट से की. झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) ने उन्हें टीम का कप्तान नियुक्त किया. और  मध्य प्रदेश के खिलाफ अपने पहले ही मैच में इशान ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 107 गेंदों में 114 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 10 छक्के शामिल थे

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इसके बाद दिलीप ट्रॉफी में इशान को इंडिया C टीम में जगह मिली. चोट के कारण पहला मैच न खेल पाने के बाद उन्होंने दूसरे दौर में इंडिया B के खिलाफ प्लेइंग-11 में वापसी की.  और अनंतपुर के मैदान पर जब इंडिया C ने जल्दी विकेट गंवा दिए थे, तब इशान ने चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 126 गेंदों में 111 रन बनाए ,लेकिन उनकी प्रोफाइल बड़ी हुई सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी से


खिताबी जीत ने बदल दिया पूरा नजरिया, मिला बड़ा इनाम

यूं तो ईशान लगातार अच्छा खेल रहे थे, लेकिन जब पिछले साल झारखंड एसोसिएशन ने उन्हें कप्ताना बनाया, तो रणजी ट्ऱॉफी में तो उन्होंने बेहतर किया ही, लेकिन सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन और खिताबी जीत ने चयन समिति को बड़ा मैसेज दिया. ईशान देश के प्रीमियर टी20 में 10 पारियों में 57.44 के औसत से सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बने, तो इस प्रदर्शन का इनाम उन्हें ऐसे मिला, जो एक बार को शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा. अगरकर एंड कंपनी ने ईशान को इस साल की शुरुआत में टी20 विश्व कप में जगह दी, तो लोग चौंक, तो लेकिन बहुत ज्यादा हैरान नहीं हुए. एक बार टीम में जगह पक्की हुई, तो अब ईशान की नजर टेस्ट XI पर टिक गई है. 

F & Q: freqeuntly Asked Questions

प्र 1: ईशान किशन ने अपने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट की शुरुआत कब की और अंडर-19 स्तर पर उनका क्या योगदान रहा?

उत्तर: ईशान किशन ने 2014 में महज़ 16 साल की उम्र में झारखंड के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था. इसके बाद साल 2016 में उन्होंने अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम की कप्तानी की, जहां उनकी अगुवाई में टीम उपविजेता रही थी.

प्र 2: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ईशान किशन के नाम कौन सी बड़ी पारियां और रिकॉर्ड दर्ज हैं?

उत्तर: ईशान ने 2021 में अपने व्हाइट-बॉल डेब्यू के दोनों प्रारूपों (T20I और ODI) के पहले ही मैच में अर्धशतक जड़े. इसके अलावा, उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ शानदार 210 रनों की दोहरी शतकीय पारी खेली और 2023 के मध्य में लगातार चार वनडे अर्धशतक बनाने का कारनामा भी किया.

प्र 3: बीसीसीआई ने ईशान किशन को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर क्यों कर दिया था?

उत्तर: साल 2023 के दक्षिण अफ्रीका दौरे से मानसिक थकान का हवाला देकर लौटने के बाद, ईशान दुबई में पार्टी करते और टीवी शो 'केबीसी' में नजर आए.  कोच राहुल द्रविड़ के घरेलू क्रिकेट खेलने के निर्देश को नज़रअंदाज़ कर उन्होंने सीधे आईपीएल की तैयारी शुरू कर दी. बोर्ड ने इसे अनुशासनहीनता माना और उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया.

प्र 4: विवादों के बाद ईशान ने घरेलू क्रिकेट में किस तरह से अपनी फॉर्म और वापसी साबित की?

उत्तर: ईशान ने अगस्त 2024 में बुची बाबू टूर्नामेंट से वापसी की, जहां उन्होंने झारखंड की कप्तानी करते हुए 114 रनों की तूफानी पारी खेली. इसमें  10 छक्के शामिल थे. इसके बाद उन्होंने दलीप ट्रॉफी में इंडिया C की तरफ से खेलते हुए इंडिया B के खिलाफ भी 111 रनों का शानदार शतक जड़ा.

प्र 5: सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन का ईशान को क्या बड़ा इनाम मिला?

उत्तर: सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में ईशान ने अपनी कप्तानी में टीम को खिताबी जीत दिलाई और 10 पारियों में 57.44 की औसत से टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ बने. इस शानदार प्रदर्शन के इनाम के रूप में चयनकर्ताओं ने उनकी टीम इंडिया में वापसी कराई और उन्हें टी20 विश्व कप टीम में जगह दी.
 

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