
- एशिया कप 2025 के आगामी मैच में भारत और पाकिस्तान के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा और विवाद की उम्मीद है.
- एशिया कप 2010 में हरभजन सिंह और शोएब अख्तर के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी जिससे मैच और रोमांचक बना.
- गौतम गंभीर और कामरान अकमल के बीच भी 2010 के मुकाबले में आउट अपील को लेकर जुबानी विवाद हुआ था.
India vs Pakistan, Asia Cup 2025: एशिया कप के आगाज में अब गिनती के महज कुछ दिन शेष रह गए हैं. प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के 17वें सीजन को लेकर क्रिकेट प्रेमी काफी उत्साहित हैं. लोग 14 सितंबर को खेले जाने वाले भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबले को लेकर लगातार अपना विचार साझा कर रहे हैं. यहां दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतिद्वंद्विता देखने को मिली है. खिलाड़ियों के बीच मैदान में काफी वाद विवाद देखने को भी मिला है. एशिया कप 2025 का आगाज हो. उससे पहले बात करें यहां भारत और पाक के बीच हुए तीन बड़े विवाद के बारे में तो वो कुछ इस प्रकार है-
हरभजन सिंह बनाम शोएब अख्तर (एशिया कप 2010)
एशिया कप 2010 के एक मुकाबले में भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह और पाक तेज गेंदबाज शोएब अख्तर आमने सामने आ गए थे. दरअसल, आखिरी के कुछ ओवरों में भारतीय टीम को जीत के लिए अहम रन बनाने थे. क्रीज पर हरभजन सिंह मौजूद थे और विपक्षी टीम की तरफ से शोएब अख्तर गेंदबाजी कर रहे थे. अख्तर के इस ओवर में हरभजन छक्का लगाने में कामयाब रहे. जिसके बाद पाक तेज गेंदबाज तिलमिला उठा. दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली. मैच का परिणाम यह रहा कि भारतीय टीम यह मुकाबला अपने नाम करने में कामयाब रही.
गौतम गंभीर बनाम कामरान अकमल (एशिया कप 2010)
एशिया कप 2010 के ही एक मुकाबले में गौतम गंभीर और कामरान अकमल भी आमने सामने हो गए थे. दरअसल, मामला कुछ यूं था कि अकमल ने गंभीर के खिलाफ आउट की जोरदार अपील की थी, जो कि वो नहीं थे. यही बात गंभीर को नागावार गुजरी. वह सीधे अकमल से जा भिड़े. इस दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच काफी जुबानी जंग देखने को मिली थी.
हाइब्रिड मॉडल विवाद (एशिया कप 2023)
एशिया कप 2023 का आयोजन पाकिस्तान में होने वाला था. मगर भारतीय टीम ने सुरक्षा और राजनीतिक कारणों की वजह से पाकिस्तान की यात्रा करने से मना कर दिया था. जिसके बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल ने टूर्नामेंट के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाया. जिसके तहत कुछ मुकाबले पाकिस्तान में, जबकि कुछ मैच श्रीलंका में खेले गए.
मामला यहीं तक नहीं थमा. इस दौरान दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड के बीच काफी जुबानी जंग देखने को मिली. हालांकि, इसका असर भारतीय टीम के खिलाड़ियों पर कुछ खास नहीं पड़ा. भारतीय टीम उस साल खिताब पर कब्जा जमाने में कामयाब हुई थी.
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