
कोच्चि:
ऐसा लगता है कि खरवास बीतने के साथ भारतीय क्रिकेट टीम लय में लौट आई है। उसने अपने गेंदबाजों और बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर मंगलवार को नेहरू स्टेडियम में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में इंग्लैंड को 128 रनों से हरा दिया। इसके साथ भारत ने पांच मैचों की इस शृंखला में 1-1 से बराबरी कर ली है।
भारत को राजकोट में खेले गए पहले मैच में हार मिली थी। पहले मैच में भारत बहुत कम अंतर से हारा था लेकिन टीम प्रबंधन और प्रशंसकों के लिए चिंता का विषय टीम का लय से भटकना था। कोच्चि में भारत ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में जिस तरह की प्रभावशाली जीत हासिल की है, उसे देखते हुए यही कहा जा सकता है कि खरवास बीतने के साथ भारतीय टीम का भी बुरा वक्त समाप्त हो गया है।
बहरहाल, आंकड़ों की बात करें तो भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 285 रन बनाए थे। जवाब में खेलने उतरी इंग्लिश टीम 36 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 158 रन ही बना सकी। भारत की ओर से युवा गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और रविचंद्रन अश्विन ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि रवींद्र जडेजा को दो सफलता मिली।
कप्तान धोनी की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने अच्छी गेंदबाजी कर रहे भुवनेश्वर से कोटा पूरा करा लिया, जिसका फायदा टीम को मिला। इस मैच में नाबाद 61 रन बनाने के अलावा दो अहम विकेट हासिल करने वाले जडेजा को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।
इंग्लिश टीम के लिए केविन पीटरसन ने सबसे अधिक 42 रन बनाए जबकि जोए रूट ने 36 और क्रेग कीसवेटर ने 18 रनों का योगदान दिया। पीटरसन ने अपनी 44 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। समित पटेल 30 रन बनाकर नाबाद लौटे।
इस मैच में इंग्लिश टीम को अच्छी शुरुआत नहीं मिल सकी क्योंकि अपना दूसरा अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे शमी अहमद ने इयान बेल (1) को चार रनों के कुल योग पर ही पवेलियन लौटा दिया।
इसके बाद कप्तान एलिस्टर कुक (17) और पीटरसन ने दूसरे विकेट के लिए 54 रन जोड़े लेकिन भुवनेश्वर ने इस जोड़ी को सफल नहीं होने दिया। कुक ने 27 गेंदों पर तीन चौके लगाए।
कुक की विदाई के बाद पीटरसन ने पारी को आगे बढ़ाने का काम किया लेकिन 73 रनों के कुल योग पर वह भी पवेलियन लौट गए। इसके बाद इसी योग पर इयोन मोर्गन (0) को आउट करके भुवनेश्वर ने भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
कीसवेटर ने विकेट पर टिकने का प्रयास किया और 38 गेंदों पर तीन चौके लगाए लेकिन रविचंद्रन अश्विन ने उन्हें और सफलता हासिल नहीं करने दी।
इसके बाद जडेजा ने क्रिस वोक्स (0) और अश्विन ने जेम्स ट्रेडवेल (1) को आउट कर इंग्लिश टीम का हार पक्की कर दी। पटेल ने 29 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाने की पूरी कोशिश की लेकिन उनका प्रयास नाकाफी साबित हुआ।
इससे पहले, भारत ने टॉस जीतकर कर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 285 रन बनाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 72 रनों की पारी खेली जबकि रवींद्र जडेजा ने नाबाद 61 रन बनाए। इन दोनों के अलावा सुरेश रैना ने 55 और विराट कोहली ने 37 रनों का योगदान दिया।
युवराज सिंह ने अपनी 32 रनों की पारी में पांच चौके लगाए। धोनी ने अपनी पारी में 66 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के लगाए। उनका विकेट 270 रनों के कुल योग पर गिरा। धोनी और जेडजा ने छठे विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी करके भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
भारत की पारी शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसके दोनों सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर और अजिंक्य रहाणे 18 रनों के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए थे।
भारत का पहला विकेट गम्भीर के रूप में गिरा। वह आठ रन के निजी स्कोर पर जेड डेर्नबैक की गेंद पर बोल्ड हो गए। उनके बाद रहाणे भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सके और स्टीवन फिन की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए।
इसके बाद युवराज और कोहली ने अच्छी बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 53 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई।
युवराज 16वें ओवर में स्पिन गेंदबाज जेम्स ट्रैडवेल की गेंद पर पगबाधा हो गए। भारत का चौथा विकेट कोहली के रूप में गिरा। वह क्रिस वोक्स की गेंद पर इयान बेल के हाथों कैच हो गए।
युवराज और कोहली के आउट होने के बाद भारतीय पारी एक बार फिर से लड़खड़ाती नजर आ रही थी, लेकिन रैना ने सूझबूझ का परिचय देते हुए शानदारी पारी खेली। रैना और धोनी के बीच पांचवें विकेट के लिए 55 रनों की साझेदारी हुई।
भारत का छठा विकेट धोनी के रूप में गिरा। उन्हें डेर्नबैक की गेंद पर जोए रूट ने सीमा रेखा के पास कैच किया। इंग्लैंड की ओर से फिन और डेर्नबैक ने दो-दो विकेट चटकाए, जबकि वोक्स और ट्रैडवेल को एक-एक सफलता मिली।
भारत को राजकोट में खेले गए पहले मैच में हार मिली थी। पहले मैच में भारत बहुत कम अंतर से हारा था लेकिन टीम प्रबंधन और प्रशंसकों के लिए चिंता का विषय टीम का लय से भटकना था। कोच्चि में भारत ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में जिस तरह की प्रभावशाली जीत हासिल की है, उसे देखते हुए यही कहा जा सकता है कि खरवास बीतने के साथ भारतीय टीम का भी बुरा वक्त समाप्त हो गया है।
बहरहाल, आंकड़ों की बात करें तो भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 285 रन बनाए थे। जवाब में खेलने उतरी इंग्लिश टीम 36 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 158 रन ही बना सकी। भारत की ओर से युवा गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और रविचंद्रन अश्विन ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि रवींद्र जडेजा को दो सफलता मिली।
कप्तान धोनी की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने अच्छी गेंदबाजी कर रहे भुवनेश्वर से कोटा पूरा करा लिया, जिसका फायदा टीम को मिला। इस मैच में नाबाद 61 रन बनाने के अलावा दो अहम विकेट हासिल करने वाले जडेजा को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।
इंग्लिश टीम के लिए केविन पीटरसन ने सबसे अधिक 42 रन बनाए जबकि जोए रूट ने 36 और क्रेग कीसवेटर ने 18 रनों का योगदान दिया। पीटरसन ने अपनी 44 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। समित पटेल 30 रन बनाकर नाबाद लौटे।
इस मैच में इंग्लिश टीम को अच्छी शुरुआत नहीं मिल सकी क्योंकि अपना दूसरा अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे शमी अहमद ने इयान बेल (1) को चार रनों के कुल योग पर ही पवेलियन लौटा दिया।
इसके बाद कप्तान एलिस्टर कुक (17) और पीटरसन ने दूसरे विकेट के लिए 54 रन जोड़े लेकिन भुवनेश्वर ने इस जोड़ी को सफल नहीं होने दिया। कुक ने 27 गेंदों पर तीन चौके लगाए।
कुक की विदाई के बाद पीटरसन ने पारी को आगे बढ़ाने का काम किया लेकिन 73 रनों के कुल योग पर वह भी पवेलियन लौट गए। इसके बाद इसी योग पर इयोन मोर्गन (0) को आउट करके भुवनेश्वर ने भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
कीसवेटर ने विकेट पर टिकने का प्रयास किया और 38 गेंदों पर तीन चौके लगाए लेकिन रविचंद्रन अश्विन ने उन्हें और सफलता हासिल नहीं करने दी।
इसके बाद जडेजा ने क्रिस वोक्स (0) और अश्विन ने जेम्स ट्रेडवेल (1) को आउट कर इंग्लिश टीम का हार पक्की कर दी। पटेल ने 29 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाने की पूरी कोशिश की लेकिन उनका प्रयास नाकाफी साबित हुआ।
इससे पहले, भारत ने टॉस जीतकर कर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 285 रन बनाए। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 72 रनों की पारी खेली जबकि रवींद्र जडेजा ने नाबाद 61 रन बनाए। इन दोनों के अलावा सुरेश रैना ने 55 और विराट कोहली ने 37 रनों का योगदान दिया।
युवराज सिंह ने अपनी 32 रनों की पारी में पांच चौके लगाए। धोनी ने अपनी पारी में 66 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और दो छक्के लगाए। उनका विकेट 270 रनों के कुल योग पर गिरा। धोनी और जेडजा ने छठे विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी करके भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
भारत की पारी शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसके दोनों सलामी बल्लेबाज गौतम गम्भीर और अजिंक्य रहाणे 18 रनों के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए थे।
भारत का पहला विकेट गम्भीर के रूप में गिरा। वह आठ रन के निजी स्कोर पर जेड डेर्नबैक की गेंद पर बोल्ड हो गए। उनके बाद रहाणे भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सके और स्टीवन फिन की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए।
इसके बाद युवराज और कोहली ने अच्छी बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 53 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई।
युवराज 16वें ओवर में स्पिन गेंदबाज जेम्स ट्रैडवेल की गेंद पर पगबाधा हो गए। भारत का चौथा विकेट कोहली के रूप में गिरा। वह क्रिस वोक्स की गेंद पर इयान बेल के हाथों कैच हो गए।
युवराज और कोहली के आउट होने के बाद भारतीय पारी एक बार फिर से लड़खड़ाती नजर आ रही थी, लेकिन रैना ने सूझबूझ का परिचय देते हुए शानदारी पारी खेली। रैना और धोनी के बीच पांचवें विकेट के लिए 55 रनों की साझेदारी हुई।
भारत का छठा विकेट धोनी के रूप में गिरा। उन्हें डेर्नबैक की गेंद पर जोए रूट ने सीमा रेखा के पास कैच किया। इंग्लैंड की ओर से फिन और डेर्नबैक ने दो-दो विकेट चटकाए, जबकि वोक्स और ट्रैडवेल को एक-एक सफलता मिली।
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