श्रीलंका के खिलाफ गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होने वाले सीरीज के पहले टेस्ट से पूर्व भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन कमजोरी को लेकर काफी शोर था. सवाल मानव सुथार को लेकर भी थे, कि क्या वो कुलदीप, जडेजा जैसे दिग्गजों के होते हुए अपना नाम कमा पाएंगे, लेकिन टेस्ट के चौथे दिन के खेल के बाद परिस्थितियां पूरी तरह से बदल गई हैं. पहले टेस्ट के शुरुआती दो दिन जिस तरह से देवदत्त पडिक्कल ने बल्लेबाजी की और फिर जब मानव सुथार ने अपनी फिरकी से जाल बुना तो फैंस की चिंताएं दूर हुईं. पडिक्कल और मानव ना सिर्फ इस टेस्ट में भारत के सबसे बड़े पॉजिटिव रहे, बल्कि दोनों ने एक संदेश भी दिया है कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं.
देवदत्त के रूप में मिला नंबर-3
देवदत्त पडिक्कल का यह पहला श्रीलंकाई दौरा था. इसके लिए उन्होंने काफी पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी. बेंगलुरु में अपने बचपन के कोच के साथ मिलकर उन्होंने कूकाबुरा गेंदों के खिलाफ, अलग-अलग हाइट के स्पिनरों के खिलाफ जमकर अभ्यास किया. एक योद्धा के अभ्यास और कौशल की वास्तविक परख युद्ध के मैदान में ही होती है. लंकाई स्पिनर प्रभात जयसूर्या को गॉल का राजा कहा जाता है और पडिक्कल ने उनकी अगुवाई में मेजबान देश के स्पिन गेंदबाजी अटैक को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया.
पहले दिन शतक जड़ने के बाद उन्होंने दूसरे दिन भी अपना जबरदस्त फुटवर्क दिखाया. पडिक्कल 167 रन बनाकर आउट हुए. लेकिन उन्होंने भारत के बड़े स्कोर का बेस तैयार कर दिया था. पहली पारी में टीम इंडिया ने अगर 462 रन बनाकर, श्रीलंका को समीकरण के बाहर कर दिया तो इसमें बड़ा रोल पडिक्कल का रहा.
पडिक्कल को साई सुदर्शन के चोटिल होने के चलते मौका मिला था. ऐसे में उन्होंने दोनों हाथों से ना सिर्फ इसे भुनाया बल्कि यह भी साबित किया कि वह भारत के नंबर-3 के प्रवल दावेदार हैं. पडिक्कल ने पहले प्रैक्टिस मैच में शतक जड़ा और फिर गॉल में. पडिक्कल ने छोटे-छोटे तकनीकी बदलाव किए थे और इन बदलावों से वह लंबी रेस के घोड़े बन चुके हैं. हालांकि, उनका टेस्ट सेना देश में होगा, अगर चयनकर्ता
कुलदीप-जडेजा से अधिक टर्न मानव को
इस मुकाबले में अगर किसी खिलाड़ी ने सभी को चौंकाय तो वो मानव सुथार रहे. एक ऐसी पिच, जहां स्पिनरों को मदद मिली, वहां पर मानव ने किसी अन्य गेंदबाजों की तुलना में सबसे अधिक टर्न हासिल की.
मानव ने अपने पहले ओवर में, जो टर्न हासिल की गई, वो मैच में फेंके गए 87 ओवरों में सबसे ज्यादा रही. उन्होंने पूरे दिन ऐसी ही काबिलियत दिखाई, यहां तक कि बीच के सेशन में भी, जब गेंद नरम हो गई थी और श्रीलंकाई बल्लेबाज़ सहज महसूस कर रहे थे. मानव ने पहली पारी में 21.4 ओवर फेंके और इस दौरान उनकी 74 फीसदी गेंदों को 4.5 डिग्री से अधिक टर्न मिला. यह सबसे अधिक था. श्रीलंकाई स्पिनरों से भी अधिक.
मानव ने पहली पारी में 4 विकेट लिए और श्रीलंकाई टीम को 284 पर समेट दिया. ऐसे में जब श्रीलंका ने चौथे दिन के आखिरी सेशन में दूसरी पारी शुरू की तो कप्तान ने मानव पर भरोसा जताया. शुरुआत में अटैक पर एक छोर से मोहम्मद सिराज रहे और दूसरे छोर से मानव. मानव ने कप्तान को निराश नहीं किया और विकेट निकाल कर दिया.
मानव ने दिखाया है कि वह क्या कर सकते हैं. अपना दूसरा ही टेस्ट खेल रहे इस स्पिनर में कई पंडितों को अगले दशक का सर्वश्रेष्ठ स्पिनर नजर आने लगा है. मानव भरोसा दिलाते हैं कि आने वाले समय में स्पिन ट्रैक पर उनसे बेहतर लेफ्ट आर्म स्पिनर शायद ही होगा.
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