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'टूर्नामेंट की देन' में इस खिलाड़ी से पिछड़े वैभव सूर्यवंशी, शेडगे की टीम इंडिया में दस्तक

वैभव की क्षमता ऐसी है कि बचे मैचों में कुछ भी कर सकते है, लेकिन फैंस मुश्किल से ही अब यह कह पाएंगे कि वह त्रिकोणीय सीरीज की देन रहे

'टूर्नामेंट की देन' में इस खिलाड़ी से पिछड़े वैभव सूर्यवंशी, शेडगे की टीम इंडिया में दस्तक
वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे

श्रीलंका में तीन देशों की 'ए' टीमों की भागीदारी वाली त्रिकोणीय सीरीज लगभग समाप्ति की ओर है. भारत 'A' का आखिरी मैच बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ है. निश्चित रूप से यहां से सूनामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि उनके भीतर क्षमता है, लेकिन यह भी सच है कि अभी तक के सफर में वह 'टूर्नामेंट की देन' के मामले में बहुत पीछे चले गए हैं. भारत A केलिए वैभव के अलावा तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़ सहित कई बड़े नाम खिलाड़ी खेल रहे हैं. सूर्यवंशी को छोड़ दें, तो तिलक और गायकवाड़ ने खासा अच्छा किया है, लेकिन इन सभी के बीच सूर्यांश शेडगे ने बाजी मारते हुए टीम इंडिया के दरवाजे पर जोरदार दस्तक दी है. और उनका अभी तक जैसा प्रदर्शन रहा है, वह दिन जयादा दूर नहीं है, जब यह खिलाड़ी भारत के लिए व्हाइट बॉल फॉर्मेट में खेलते दिखाई पड़ेगा. 

गेंदबाज़ी क्षमता वाला फिनिशर

इस बॉलिंग ऑलराउंडर ने परिस्थितियों के अनुसार मैच को फिनिश (समाप्त) भी किया है और टीम को संकट से निकाला भी है. 9 जून को श्रीलंका 'ए' के खिलाफ खेले गए शुरुआती मैच में 23 सा के सूर्यांश ने 14 गेंदों में 26 रनों की तेज़ पारी खेली. भारत 'ए' ने मैच के अंतिम से पहले वाले ओवर में जीत हासिल की और मुकाबले को 8 रनों से अपने नाम कर लिया। उनकी यह छोटी और आक्रामक पारी (कैमियो) ही सब कुछ नहीं थी. शेडगे ने इसके साथ ही 8 ओवरों में 41 रन देकर गेंदबाजी भी की.


इसके बाद 111 जून को अफगानिस्तान 'ए' के खिलाफ दूसरे मैच में शेडगे ने 27 गेंदों में 40 रन बनाए. वह मैच भारत 'ए' के पक्ष में नहीं रहा और बारिश ने खेल का मज़ा किरकिरा कर दिया. लेकिन उस मैच में भी शेडगे ने 2 ओवर गेंदबाजी की. वह कोई मुख्य (फ्रंटलाइन) गेंदबाज़ नहीं हैं, लेकिन छठे गेंदबाज़ के रूप में एक बेहद उपयोगी विकल्प हैं. 

तीसरे मैच में आया अर्द्धशतक

हालांकि, त्रिकोणीय श्रृंखला में उनका सबसे शानदार पल 15 जून को श्रीलंका 'ए' के खिलाफ आया, जब शेडगे बल्लेबाजी करने उतरे, तब इंडिया 'ए' का स्कोर 123/5 था. गायकवाड़ अब तक 42 गेंदों में 37 रन बनाकर सबसे अच्छे बल्लेबाज दिख रहे थे, लेकिन बाकी कोई भी बल्लेबाज टिक नहीं पा रहा था. आयुष बडोनी और अनुकूल रॉय बिना खाता खोले जल्द ही पवेलियन लौट गए. अब सिर्फ 4 विकेट हाथ में बचे थे जबकि 17.5 ओवर का खेल बाकी था.

ऐसे में शेडगे जिनके नाम इससे पहले कोई लिस्ट ए अर्धशतक नहीं था, संकटमोचक बनकर खड़े हो गए. विपराज निगम ने उनका अच्छा साथ निभाया. अगले कुछ ओवरों तक दोनों ने सिर्फ स्ट्राइक रोटेट करते हुए  एक-एक रन लिया और फिर शेडगे ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सहान अराचिगे के 37वें ओवर में 17 रन कूट डाले. वे पारी को आगे बढ़ाते रहे और इस मुंबईकर (मुंबई के खिलाड़ी) ने महज 47 गेंदों में अपना पहला लिस्ट ए अर्धशतक पूरा कर लिया. कुल मिलाकर नंबर-7 पर आने वाले सूर्यांश शेडगे ने 66 गेंदों पर 3 चौकों और 2 छक्कों से 72 रन बनाए. 

यहां से वैभव बचे मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन उने लिए फैंस या पंडितों से यह कहलवाना मुश्किल होगा कि वह ट्राई सीरीज की देन रहे. 3 मैचों के सफर के बाद वैभव 26.33 के औसत से 79 रन बनाक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में  फिलहाल 12वें नंबर पर हैं. वहीं, सूर्यांश शेडगे इतने ही मैचों से 69.00 के औसत से 138 रन बनाकर पांचवें नंबर पर हैं. साथ ही, दाएं हाथ के मीडियम पेसर शेडगे ने 3 मैचों में फेंके 13 ओवरों में 1 विकेट भी चटकाया है. 

 

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