भारत की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर मंगलवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे और आखिरी T20 मैच में 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाने के बाद भावुक हो गईं. इससे पहले, हरमनप्रीत अपने पिछले 10 मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाई थीं. दाएं हाथ की इस बल्लेबाज को महिला T20 एशिया कप और एशियाई खेलों में भी बल्ले से कुछ खास सफलता नहीं मिली थी. हालांकि, भारत ने वे दोनों टूर्नामेंट आसानी से जीत लिए थे.
इनिंग्स ब्रेक के दौरान ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा,"बहुत अच्छा लग रहा है. मैं बस खेल का आनंद लेना चाहती थी. अच्छी बात यह रही कि मुझे क्रीज पर काफी समय बिताने को मिला और मैंने मैदान पर वाकई बहुत मजे किए."
37 वर्षीय हरमनप्रीत, जिन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ घरेलू T20 सीरीज से पहले भारत की कप्तानी (सभी फॉर्मेट से) छोड़ दी थी. जब हरमन कमेंटेटर्स से बातचीत करते समय अपने आंसू नहीं रोक पाईं. भारतीय महिला टीम के पूर्व हेड कोच डब्ल्यू.वी. रमन जब हरमनप्रीत से बात कर रहे थे, तभी वह भावुक हो गईं.
उन्होंने कहा,"मैं बस खेल का आनंद लेना चाहती थी और जितना हो सके उतनी देर तक बल्लेबाजी करना चाहती थी. मुझे खुशी है कि मैं ऐसा कर पाई. मुझे लगता है कि इसका श्रेय आपको (डब्ल्यू.वी. रमन को) भी जाना चाहिए." "जब हम आए, तो आपने आकर कहा, 'अब तुम वही करो जो तुम करना चाहती हो.' मैं भी यही करना चाहती थी और सच में खेल का आनंद लेना चाहती थी. उन शब्दों के लिए धन्यवाद."
After that OUTSTANDING innings, Harmanpreet Kaur got emotional 🥹❤️ Her first innings after stepping down as captain 🇮🇳🏏 #HarmanpreetKaur https://t.co/0L1ZJEGtiB
— Kuuuu.... (@FunnyMagarKuy) October 20, 2026
दाएं हाथ की इस बल्लेबाज ने 10 चौके और 5 छक्के लगाए, जिसमें मैदान के सामने की तरफ खेले गए कुछ शानदार शॉट्स भी शामिल थे. उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय नेट्स में की गई कड़ी मेहनत को भी दिया. उन्होंने आगे कहा,"एशियाई खेलों के बाद, मुझे नेट्स में अभ्यास करने के लिए कुछ समय मिल गया था. मैं हिमांशु भैया (उनके बैटिंग कोच) को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने मुझ पर बहुत मेहनत की है. आज की मेरी बैटिंग पूरी तरह से उन्हीं की बदौलत है."
जब हरमनप्रीत अपनी पूरी लय में होती हैं, तो वह भारत को मिडिल ओवरों में भी तेजी से रन बनाने में मदद करती हैं. मंगलवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ. शेफाली वर्मा की शानदार शुरुआत के बाद हरमनप्रीत ने भी जमकर रन बरसाए.
भले ही यह पारी एक कमजोर टीम के खिलाफ आई हो, लेकिन इससे हरमनप्रीत को काफी आत्मविश्वास मिलेगा. यह उनके लिए बहुत जरूरी था, खासकर अगले साल की शुरुआत में भारत में होने वाली 6 टीमों की पहली ICC महिला चैंपियंस ट्रॉफी (T20 फॉर्मेट) जैसे अहम टूर्नामेंटों को देखते हुए.
बहुत कम खिलाड़ी ही हरमनप्रीत की तरह गेंद को इतनी अच्छी तरह हिट कर पाते हैं, और उन्होंने अपनी इस शानदार पारी में यही करके दिखाया. 37 वर्षीय हरमनप्रीत महिला टी20 एशिया कप की धीमी पिचों पर अपनी लय नहीं ढूंढ पाई थीं, और जापान में हुए एशियाई खेलों में भी, जहां टीम ने जीत हासिल की, उन्हें बल्लेबाजी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला था.
बात अगर मैच की करें तो जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के तीसरे और आखिरी टी20I मैच में, पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 41 गेंदों पर नाबाद 91 रनों की शानदार पारी खेली. उनकी इस पारी की मदद से भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 92 रनों की बड़ी जीत दर्ज की. शेफाली वर्मा ने 37 गेंदों पर 69 रनों की मनोरंजक पारी खेली, जिसके बाद हरमनप्रीत ने अपने आक्रामक अंदाज में वापसी करते हुए भारत को 7 विकेट पर 216 रनों तक पहुंचाया.
उम्मीद के मुताबिक, जिम्बाब्वे की टीम इस बड़े लक्ष्य के आस-पास भी नहीं पहुंच सकी और 20 ओवरों में 7 विकेट पर 124 रन ही बना पाई. इसके साथ ही भारत ने सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली. अब दोनों टीमें 23 अक्टूबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए वडोदरा जाएंगी.
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