Harbhajan Singh on T20I V/S ODI: हालिया सालों में टी20 का फॉर्मेट दिग्गजों के निशाने पर है. फिर चाहे टेस्ट क्रिकेट में खेल का स्तर नीचे जाना है, तो वनडे की कम हो रही लोकप्रियता या फिर कुछ और, तमाम पहलुओं के लिए टी20 पर ही ठीकरा फोड़ा जा रहा है. और अब दिग्गज हरभजन सिंह ने भी सुर लगाते हुए कहा कि कहा है कि विश्व भर की प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने वाली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) जैसी टी20 लीग की बढ़ती लोकप्रियता के कारण द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के खत्म होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. हरभजन ने एक पॉडकास्ट साक्षात्कार में टी20 लीग की बढ़ती संख्या के कारण लगातार व्यस्त होते जा रहे क्रिकेट कैलेंडर को देखते हुए खेल के तीनों प्रारूपों के भविष्य के बारे में खुलकर अपनी राय रखी. इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि उनकी आत्मकथा इस साल के अंत में प्रकाशित होगी. वह इस पर पिछले कुछ समय से काम कर रहे हैं.
'फैंस क्लब क्रिकेट ज्यादा देख रहे'
क्या टी20 लीग आखिर में वह जगह ले लेंगी जो पारंपरिक रूप से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए रही है, पर भज्जी बोले, ‘ऐसा पहले ही हो चुका है, 70 प्रतिशत लोग अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बजाय क्लब क्रिकेट देख रहे हैं.' उन्होंने कहा,‘भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच को देखने के लिए पर्याप्त संख्या में दर्शक पहुंचते हैं, लेकिन अगर भारत, श्रीलंका या अफगानिस्तान से खेलता है तो बहुत कम दर्शक वह मैच देखते हैं. इसी तरह से ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मैच में दर्शक संख्या अच्छी होती है, लेकिन इंग्लैंड-बांग्लादेश श्रृंखला में ऐसा नहीं होता है.'
'सभी को टेस्ट को बचाए रखना चाहिए'
वनडे में 236 मैचों में 269 विकेट लेने वाले हरभजन ने कहा, ‘अगर भारत-ऑस्ट्रेलिया, भारत-दक्षिण अफ्रीका या भारत-इंग्लैंड के बीच कोई श्रृंखला होती है, तो मैं उसे देखना पसंद करूंगा. मैं टेस्ट क्रिकेट देखने के लिए भुगतान करने के लिए भी तैयार हूं. मुझे वनडे में कोई दिलचस्पी नहीं है. मैंने इसे देखा है, खेला है.' हरभजन ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में एक क्रिकेटर के कौशल और जज्बे की परीक्षा होती है और इसे खेल के चरम पर बने रहना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट ही मुख्य क्रिकेट है. खेल से जुड़े सभी हितधारकों को टेस्ट क्रिकेट को बचाए रखना चाहिए और इसे बढ़ावा देना चाहिए क्योंकि टेस्ट क्रिकेट ही सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट है. यह एक क्रिकेटर के तौर पर आपकी हर तरह से परीक्षा लेता है.'
भारत में बेहद लोकप्रिय आईपीएल से लेकर ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (बीबीएल) और इंग्लैंड की द हंड्रेड तक, फ्रेंचाइजी क्रिकेट ने अपनी एक अलग पहचान बना ली है. दर्शकों ने भी इसको पूरा समर्थन दिया है. टी20 क्रिकेट के बढ़ते दबदबे ने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट को अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया है. हरभजन ने कहा कि फ्रेंचाइजी आधारित लीग मैचों में खचाखच भरे स्टेडियम क्रिकेट प्रेमियों की पसंद में आए इस बदलाव को समझने के लिए पर्याप्त सबूत है.
'द हंड्रेड में आप भीड़ देखें'
उन्होंने कहा, ‘आप ‘द हंड्रेड' देख लीजिए, स्टेडियम खचाखच भरे होते हैं. बीबीएल में भी स्टेडियम खचाखच भरे होते हैं. आईपीएल में तो टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है. पहले से ही ऐसी संस्कृति विकसित हो चुकी है कि आईपीएल के दो महीने किसी उत्सव की तरह होते हैं. इसलिए यह बदलाव आया है जिसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पिछड़ गया है.' लीग के व्यावसायिक रूप से भी अधिक शक्तिशाली होने के कारण हरभजन को नहीं लगता कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अपनी पुरानी प्रतिष्ठा फिर से हासिल कर पाएगा.
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