पिछले दिनों सुपर किड वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Soorayavanshi) के अंतरराष्ट्रीय करियर में आगाज के बाद अब पूर्व क्रिकेटरों उन्हें लेकर नए नजरिए से बयान आने शुरू हो गए हैं. वैभव ने सीनियर टीम के लिए खेले पहले मैच में 10 गेंदों पर सिर्फ 14 ही रन बनाए, लेकिन जड़े दो छक्कों से ही उन्होंने अपने बारे दिग्गजों को अलग राय बनाने पर मजबूर कर दिया. पूर्व स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का मानना है कि चूंकि उन्हें पदार्पण (डेब्यू) का मौका दे दिया गया है, इसलिए अब उन्हें ज्यादा से ज्यादा मैच खिलाए जाने चाहिए. खुद भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों में शामिल शिवरामकृष्णन का यह भी मानना है कि सूर्यवंशी को वनडे क्रिकेट में भी मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने इस किशोर खिलाड़ी का समर्थन करते हुए कहा कि वह संभावित रूप से 2027 विश्व कप में खेल सकते हैं.
'वनडे में भी मौका मिले सूर्यवंशी को'
शिवरामकृष्णन ने कहा, 'अगर वह टी20 प्रारूप में बेहद शानदार प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें आगामी 50 ओवर के विश्व कप में निश्चित रूप से मौका मिलना चाहिए. उन्हें अवसर मिलना चाहिए क्योंकि वह एक मैच-विजेता (मैच विनर) बनने वाले हैं. जब वह रन बनाएंगे, तो वह सीमित ओवरों (व्हाइट-बॉल) के क्रिकेट के सभी प्रारूपों में मैच-विजेता साबित होंगे.' शिवरामकृष्णन को यह भी लगा कि सूर्यवंशी को उनकी उम्र और एक बल्लेबाज होने के नाते आराम (रेस्ट) की जरूरत नहीं होगी.
'पूरे साल बिना रेस्ट के खेल सकते हैं'
उन्होंने कहा, 'उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट में पर्याप्त मौके दिए जाने चाहिए और देखना चाहिए कि वह कैसा प्रदर्शन करते हैं. उन्हें लगातार खेलते रहना चाहिए. मेरा मतलब है कि किसी युवा खिलाड़ी को टीम में लाने और फिर उसे ब्रेक देने या आराम कराने का कोई मतलब नहीं है. उन्हें आराम की जरूरत नहीं है. वह पूरे साल लगातार खेल सकते हैं.' तमिलनाडु के इस पूर्व लेग-स्पिनर ने कहा, 'खासकर एक बल्लेबाज के रूप में, उन्हें किसी गेंदबाज जैसी फिटनेस की आवश्यकता नहीं होती है. और लंबे समय तक बल्लेबाजी करने से उनमें एकाग्रता भी आएगी, जिससे वह मानसिक रूप से लंबे समय तक टिके रहने का अभ्यास कर सकेंगे.'
हालांकि सूर्यवंशी ने अपने पहले मैच में दो छक्कों की मदद से 10 गेंदों पर 14 रन बनाए, लेकिन शिवरामकृष्णन ने भारतीय टीम प्रबंधन से आग्रह किया कि वे अब से उन्हें आराम देने के बारे में न सोचें.
'कप्तान और कोच के समर्थन की जरूरत'
उन्होंने कहा, 'एक बार जब आप उन्हें खिलाने का फैसला कर लेते हैं, तो आपको उन्हें भरपूर मौके देने होंगे. याद रखें कि वह अगले 20 वर्षों के लिए एक निवेश (इन्वेस्टमेंट) हैं. मुझे लगता है कि वैभव को इस समय कोच (गौतम गंभीर), कप्तान (श्रेयस अय्यर) और बाकी खिलाड़ियों से बहुत अधिक समर्थन की आवश्यकता है. अगर वह कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं भी कर पाते हैं, तो भी उनका समर्थन किया जाना चाहिए. उन्हें लगातार टीम में बनाए रखना चाहिए.'
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