राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है. जांच में पता चला कि SIT के गठन से पहले ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कई लोगों को रंगे हाथों पकड़ा था. ट्रस्ट को आरोपियों के पास से लाखों रुपये कैश, जेवरात और विदेशी मुद्रा भी बरामद कर ली थी. हद तो तब हो गई जब चोरी की रकम काउंटिंग रूम से सटे बाथरूम तक से बरामद की गई.
सरकारी और आधिकारिक अभिलेखों से साफ हुआ है कि जब तक इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन होता, उससे पहले ही ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने शक के आधार पर बड़ी कार्रवाई कर दी थी. दान के पैसों की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े कुछ संदिग्धों को जब पकड़ा गया, तो उनके पास से भारी मात्रा में धनराशि बरामद हुई.
ट्रस्ट ने आरोपियों के पास से लगभग 78.94 लाख रुपये नकद बरामद किए थे. इनके पास से कुछ विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण व अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भी जब्त की गई थीं.
Ram Mandir Trust's funds details and SIT report by
बाथरूम से बरामद हुआ था कैश
4 जून 2026 को जब गहन तलाशी ली गई, तो पैसों की गिनती करने वाले कमरे के ठीक बगल में बने बाथरूम से 2.25 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. चोरों ने इस पैसे को वहां छिपाकर रखा था ताकि मौका मिलते ही इसे बाहर निकाला जा सके. ट्रस्ट की इस शुरुआती जांच और बरामदगी में मुख्य रूप से छह लोगों के नाम सामने आए हैं. यह सारी बरामदगी अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ल, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय और रामाशंकर मिश्रा से संबंधित बताई गई है.
जब इस मामले की जांच आगे बढ़ी और विशेष जांच दल (SIT) ने इन आरोपियों, उनके परिजनों और करीबियों के बैंक खातों को खंगालना शुरू किया, तो भेद खुला.
कम वेतन के बावजूद बैंक खातों में मिली बड़ी राशि
इन व्यक्तियों को हर महीने लगभग 20,000 रुपये का वेतन मिलता था.इसमें से भी कटौतियों के बाद इनके हाथ में महज 15,000 रुपये ही आते थे. इतनी कम सैलरी होने के बावजूद इन लोगों और इनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में भारी-भरकम नकद राशि जमा की जा रही थी. इनके नाम पर बड़ी मात्रा में फिक्स डिपॉजिट (FD) और कई तरह के बड़े वित्तीय लेन-देन पाए गए.
एसआईटी की जांच के मुताबिक, इस चोरी की गई धनराशि को सफेद करने या छिपाने के लिए बकायदा अपनों और सगे-संबंधियों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया.
शुरुआती जांच में यह पुख्ता संदेह जताया गया है कि इन आरोपियों ने गबन के पैसों से भारी मात्रा में चल-अचल संपत्ति अर्जित की है और कई आयोजनों में मोटी रकम खर्च की है.
यह भी पढ़ें: कृष्ण मोहन बने राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव, चंपत राय पर क्या बोले कोषाध्यक्ष
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं