अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा का कहना है कि उन्हें ICC टूर्नामेंट के दबाव में खेलना पसंद है. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ़ भारत के पहले महिला T20 वर्ल्ड कप मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को जीत दिलाई. ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ़्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ़ खराब सीरीज़ के बाद, दीप्ति ने शानदार वापसी करते हुए 5/10 के अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ आंकड़े हासिल किए. भारत ने रविवार को 64 रन की बड़ी जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की. उनका यह स्पेल महिला T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी भारतीय गेंदबाज़ का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था और टूर्नामेंट में कुल मिलाकर तीसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी प्रदर्शन था.
यह प्रदर्शन ODI वर्ल्ड कप फ़ाइनल में दीप्ति के पांच विकेट लेने के एक साल से भी कम समय बाद आया, जिससे भारत को अपना पहला 50-ओवर का वर्ल्ड कप ख़िताब जीतने में मदद मिली थी. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में दीप्ति ने कहा, "मुझे दबाव वाली स्थितियां और ICC टूर्नामेंट पसंद हैं; मुझे लगता है कि मैंने वहीं से शुरुआत की है जहां मैंने छोड़ा था, इसलिए अच्छा लग रहा है. मैं अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दे रही हूं... जो चीज़ें मैं प्रैक्टिस में करती हूं, वही मैचों में भी लागू कर रही हूं."
"ये चीज़ें मेरी मदद करती हैं और बस मुझे आगे बढ़ते रहना है, रुकना नहीं है और हर दिन सुधार करते रहना है." 28 वर्षीय दीप्ति उस भारतीय टीम का हिस्सा थीं जो 2017 में ODI वर्ल्ड कप फ़ाइनल में पहुंची थी.
उस समय से अब तक के अपने सफ़र के बारे में बात करते हुए दीप्ति ने कहा, "जब आप युवा दीप्ति और अब सीनियर दीप्ति को देखते हैं तो बहुत अच्छा लगता है. पुराने मैचों और 2017 वर्ल्ड कप को याद करते हुए, मैंने उस वर्ल्ड कप से बहुत कुछ सीखा और मैं हर मैच से सीखती हूं कि कहां गलतियां हो रही हैं और मैं कहां बेहतर हो सकती हूं."
"मैं नियमित रूप से अविष्कार सर से बात करती हूं कि मेरे लिए क्या मददगार है; मैं अपने वीडियो देखती हूं, इसलिए मुझे लगता है कि हर मैच से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आप जीत रहे हैं या नहीं."
उन्होंने आगे कहा, "आपको एक अच्छा खिलाड़ी तभी माना जाता है जब आप अपनी अच्छी खूबियों को और बेहतर बनाने के बारे में सोचते हैं, और हर मैच मेरे लिए महत्वपूर्ण है और मैं बस इसका आनंद ले रही हूं. इसलिए अच्छा लग रहा है." पाकिस्तान के खिलाफ़ दीप्ति ने ओपनर गुल फ़िरोज़ा, आयशा ज़फ़र, आलिया रियाज़, नशरा संधू और तस्मिया रुबाब को आउट किया, साथ ही 9 गेंदों पर नाबाद 12 रन भी बनाए.
"मैंने अपनी योजनाएं बहुत सरल रखीं और मुझे खुद पर भरोसा था कि जब भी ऐसी स्थिति आएगी, तो मुझे आगे बढ़कर खेलना होगा. और चूंकि विकेट थोड़ी टर्न हो रही थी, इसलिए मैं अच्छी गेंदें डाल रही थी और उन्हें सही जगह पर पिच करा रही थी; बस अच्छी जगहों पर लगातार गेंदबाजी करने की बात थी.
"आज की पिच पर गति बहुत महत्वपूर्ण थी, इसलिए मैं हर ओवर में गति बदल रही थी, और इससे मुझे मदद मिली." स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर ने 91 रनों की साझेदारी करके भारत को मुश्किल स्थिति से निकाला, जब टीम का स्कोर 2 विकेट पर 18 रन हो गया था. "मुझे लगता है कि स्मृति ने अविश्वसनीय बल्लेबाजी की और उस साझेदारी का विशेष उल्लेख करना चाहूंगी; स्मृति और हरमनप्रीत ने वास्तव में बहुत अच्छी बल्लेबाजी की.
"वहां से हमें गति मिली क्योंकि शुरुआत में हमने जल्दी विकेट खो दिए थे, लेकिन हमें हमेशा विश्वास था कि हमारी बल्लेबाजी लाइन-अप अच्छी है और हम योगदान दे सकते हैं; और जिस तरह से उन्होंने बल्लेबाजी की, वह सराहनीय है." भारत का अगला मुकाबला पहली बार खेल रही नीदरलैंड्स की टीम से होगा.
"मुझे लगता है कि वे आज खेले और वे एक अच्छी टीम हैं; वे पहली बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किए हैं और हम उस मैच को हल्के में नहीं ले रहे हैं. लेकिन उस मैच में अभी कुछ दिन बाकी हैं और अभी हम अच्छी स्थिति में हैं, अच्छा खेल रहे हैं और हमारा पूरा ध्यान इस बात पर है कि हमारे लिए हर मैच महत्वपूर्ण है और हम सकारात्मक क्रिकेट खेलेंगे."
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