इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के बाद टीम इंडिया का सबसे पहला दौर आयरलैंड का होगा. यहां भारतीय टीम 2 टी20 मैच खेलेगी. सीजन नया है, नई शुरुआत है, तो अब BCCI का नजरिया भी नया हो चला है. सूर्यकुमार यादव (Suryakumar yadav) भले ही भारत को शानदार प्रदर्शन के साथ टी20 वर्ल्ड कप का खिताब बचाने में सफल रहे हों, लेकिन उनके बल्लेबाजी फॉर्म में निरंतरता की कमी को देखते हुए यह सवाल गंभीर हो गया है कि क्या वह 2028 में लॉस एंजिलिस ओलिंपिक (Olympic Games) अभियान के लिए भारतीय टीम की योजना में शामिल रहेंगे या नहीं. वजह BCCI के सूत्र से अलग सहित कई हैं
तब 38 के हो जाएंगे यादव
इसी पहलू से जून-जुलाई में भारत का इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा महत्वपूर्ण होने जा रहा है, जहां कप्तान के तौर पर नहीं बल्कि बल्लेबाज के रूप में सूर्यकुमार का प्रदर्शन कड़ी जांच के दायरे में रहेगा. यह दौरा तय कर सकता है कि उन्हें 2028 में होने वाले बड़े आयोजनों- ऑस्ट्रेलिया में टी20 वर्ल्ड कप और लॉस एंजिलिस ओलिंपिक शामिल हैं—तक अगले दो साल का मौका मिलेगा या नहीं. सूर्यकुमार अभी भी हेड कोच गौतम गंभीर की पहली पसंद बने हुए हैं, जो खुद 2028 ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप तक कॉन्ट्रैक्ट एक्सटेंशन की उम्मीद कर रहे हैं. हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि अजित अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति इस सोच से सहमत होती है या नहीं, क्योंकि ओलिंपिक के समय तक टी20 कप्तान की उम्र 38 के करीब हो जाएगी.
'प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी'
बीसीसीआई के एक सूत्र ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर कहा, 'जाहिर है सूर्या अब टीम की अगुवाई कर रहे हैं, लेकिन एक बल्लेबाज के तौर पर उन्हें अपने प्रदर्शन में निरंतरता भी सुनिश्चित करनी होगी. वह निश्चित तौर पर यूके दौरे में टीम की कप्तानी करेंगे, लेकिन उसके बाद 2028 तक की चर्चाएं पूरी तरह प्रदर्शन-आधारित हो सकती हैं.'
साल 2025 रहा था बेहद खराब
सूर्यकुमार का 2025 का साल बेहद खराब रहा था, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 120 से नीचे चला गया और वह एक भी अर्धशतक नहीं जमा सके. हालात इतने खराब हो गए कि यादव पिछले साल खेले 21 मैचों में सिर्फ 13.62 के औसत से सिर्फ 218 रन ही बना सके. और अगर वह बड़े सवालों या आलोचना से बच गए, तो उसके पीछे टीम का लगातार जीत हासिल करते रहना रहा. अगर टीम का प्रदर्शन उलट होता, तो किसे पता था कि सूर्यकुमार के नसीब में बतौर कप्तान टी20 विश्व कप होता भी या नहीं?
साल 2026 में वापसी, लेकिन सवाल बराबर बना है?
हालांकि 2026 में उन्होंने वापसी की और टी20 वर्ल्ड कप के अंत तक 160 से अधिक स्ट्राइक रेट के साथ चार अर्धशतक लगाए. लेकिन टी20 वर्ल्ड कप में, अमेरिका के खिलाफ पहले मुकाबले को छोड़ दें तो सूर्यकुमार के प्रदर्शन नोट करने लायक नहीं रहे. यादव ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 18, वेस्टइंडीज के खिलाफ 18, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 11 और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में शून्य का स्कोर किया. जब भारत के पास टॉप तीन में जबरदस्त फायरपावर मौजूद है और वैभव सूर्यवंशी को अभी तक आजमाया भी नहीं गया है, तो ऐसे में सूर्यकुमार के लिए निरंतरता बेहद अहम हो जाती है ताकि वह टीम में अपनी मजबूत जगह बनाए रख सकें.
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