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T20 वर्ल्ड कप में नहीं दिखेगी बांग्लादेशी टीम? BCB निदेशक और क्रिकेटर्स आमने-सामने, बॉयकॉट की धमकी

Bangladesh Players Association threatened Boycott: बांग्लादेश के क्रिकेटरों ने बुधवार को कहा है कि वह तब तब क्रिकेट के सभी फॉर्मेट का बहिष्कार करेंगे, जब तक बीसीबी निदेशक एम नजमुल इस्लाम अपनी अपमानजनक टिप्पणियों के लिए इस्तीफा नहीं दे देते हैं.

T20 वर्ल्ड कप में नहीं दिखेगी बांग्लादेशी टीम? BCB निदेशक और क्रिकेटर्स आमने-सामने, बॉयकॉट की धमकी
Bangladesh: बांग्लादेश क्रिकेट में मची अफरा-तफरी, खिलाड़ियों ने BCB निदेशक के खिलाफ खोला मोर्चा

आईपीएल 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज किया था. बीसीसीआई के आदेश के बाद फ्रेंचाइजी ने यह फैसला लिया था और इस फैसले से एक तूफान उठा. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इसके बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 मैच भारत के बाहर करने को कहा था. बीसीबी और बीसीसीआई के बीच जारी खींचतान के बीच बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमिम इकबाल ने बीबीसी को सलाह दी थी कि वह भारत में टी-20 विश्व कप नहीं खेलने का फैसला भावुक होकर नहीं, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखकर ले. तमीम के इस फैसले के बाद बीसीबी की वित्त समिति के चेयरमैन नजमुल ने फेसबुक पोस्ट पर तमीम को भारत का एजेंट करार दिया था. उनके इस बयान से तूफान खड़ा हो गया था. कई क्रिकेटरों ने इस पर आपत्ती जताई थी. वहीं अब नजमुल ने एक और अटपटा बयान दिया है.  हालांकि, उनके इस बयान के बाद बांग्लादेश के खिलाड़ी खुलकर उनके खिलाफ आ गए हैं. 

नजमुल इस्तीफा दें नहीं तो होगा बॉयकॉट

नजमूल ने कहा है कि वर्ल्ड कप बोर्ड के लिए 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' का मसला है. उनके मुताबिक जो नफ़ा-नुकसान होगा वो खिलाड़ियों का होगा. उनके इस बयान के बाद बांग्लादेश के क्रिकेटरों ने चेतावनी दी है कि वे सभी तरह के क्रिकेट का बहिष्कार करेंगे, जब तक कि बीसीबी निदेशक एम नजमुल इस्लाम अपना इस्तीफा नहीं देते. 

ईएसपीएन की रिपोर्ट के अनुसार, क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश (CWAB) के अध्यक्ष मोहम्‍मद मिथुन ने नजमुल इस्लाम की टिप्पणियों के कुछ ही घंटों बाद इस बहिष्कार की बात कही है. 15 जनवरी को दो बीपीएल मैच निर्धारित हैं और इनके प्रभावित होने की आशंक है. अगर नजमुल इस्लाम का इस्तीफा नहीं होता है तो.

ताजा बयान से बढ़ा विवाद 

बांग्लादेश में पूर्व कप्तान तमीम को ‘इंडिया का एजेंट' या देशद्रोही कहने के बाद BCB  के वित्त कमेटी के अध्यक्ष नजमूल इस्लाम ने फिर से एक विवाद पैदा करने वाला अटपटा बयान दिया है. नजमूल ने कहा है, वर्ल्ड कप बोर्ड के लिए 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' का मसला है. उनके मुताबिक जो नफ़ा-नुकसान होगा वो खिलाड़ियों का होगा.  ज़ाहिर है ICC मेन्स टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की टीम मैदान में उतरेगी या नहीं, यह सवाल अभी भी सुलझने से दूर ही लगता है. इस अनिश्चितता के दरमियान बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के फ़ाइनेंस प्रमुख नजमूल इस्लाम के एक बयान ने मसले को और उलझा दिया है. उन्होंने कहा कि अगर गतिरोध बना रहता है, तो नुकसान सबसे ज्यादा खिलाड़ियों को होगा, न कि बोर्ड को. 

"बोर्ड को यहां कोई लाभ या नुकसान नहीं है," BCB वित्त समिति के अध्यक्ष एम. नजमुल इस्लाम ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "बांग्लादेश यहां खेले या नहीं, बोर्ड को यहां कोई लाभ या नुकसान नहीं है. कम से कम इस वर्ल्ड कप के लिए तो नहीं."

'क्रिकेटर्स का नुकसान'

ये ज़रूर है कि खिलाड़ियों को प्राइज़ मनी या पार्टिसिपेशन मनी का सीधा नुकसान ज़रूर होगा. ICC के नियमों के तहत, प्राइज मनी - मैच फीस, प्रदर्शन बोनस या मैन ऑफ द मैच पुरस्कार - सीधे खिलाड़ियों को जाता है. वर्ल्ड कप के नॉक आउट दौर में नहीं पहुंचने वाली टीमों को भी न्यूनतम रकम ज़रूर मिलती है. ऐसे में अगर बांग्लादेश भाग नहीं लेता है, तो नजमुल इस्लाम के मुताबिक उनकी टीम के खिलाड़ी उस पैसे और मौक़ों से वंचित रह जाएंगे. नज़मुल ने ज़ोर देकर कहा, "क्रिकेटर ही नुकसान में रहेंगे, वे खेलेंगे, तो मैच फीस पाएंगे. प्रदर्शन करेंगे, तो आईसीसी नियमों के तहत उन्हें उनका हिस्सा मिलेगा. वह पैसा बोर्ड का नहीं है."

बोर्ड ने बनाई दूरी

BCB ने अपने प्रेस रीलीज़ में कहा,"बोर्ड के एक सदस्य द्वारा की गई टिप्पणियों के बारे में स्पष्ट करना चाहता है, जिन्होंने चिंता पैदा की है. बोर्ड ने उन टिप्पणियों के लिए खेद व्यक्त किया है जो अनुचित, अपमानजनक या दुखदायक हो सकती हैं. ऐसी टिप्पणियां बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के मूल्यों, सिद्धांतों या आधिकारिक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करती हैं."

क्रिकेट बोर्ड ने ये भी कहा,"बीसीबी दोहराता है कि वह किसी भी निदेशक या बोर्ड सदस्य द्वारा की गई किसी भी बयान या टिप्पणी के लिए समर्थन या जिम्मेदारी नहीं लेता है, जब तक कि इसे बोर्ड के नियुक्त प्रवक्ता या मीडिया और संचार विभाग के माध्यम से औपचारिक रूप से जारी नहीं किया जाता है. इन अधिकृत चैनलों के बाहर की गई कोई भी टिप्पणी निजी तरह की होती है और इसे बोर्ड के विचारों या नीतियों का प्रतिनिधित्व करने के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए."

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