तीन मैच हो गए और जब इकॉनमी रन रेट 11 से ऊपर चला जाए, तो दुनिया तो आपके बारे में बातें करेगी ही. और अब पूर्व दिग्गजों ने भी भुवनेश्वर कुमार के प्रदर्शन के बारे में बात करना शुरू कर दिया है. उन भुवनेश्वर कुमार के बारे में, जिनको लेकर शुरुआती तीन मैचों से पहले एक अलग ही नजरिया था. और ऐसा ही नजरिया रखने वाले पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने भुवनेश्वर के खराब प्रदर्शन की 3 बड़ी वजह बताते हुए बड़ी भविष्यवाणी करते हुए कहा कि अगर बाकी बचे दो मैचों में भुवनेश्वर के प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ, तो यह उनकी आखिरी सीरीज हो सकती है. पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने अपने सबसे हालिया व्लॉग में कहा, 'भुवनेश्वर कुमार के बारे में बात करनी होगी क्योंकि उनका सैंपल साइज अब बड़ा हो चला है. अब देखना होगा कि लड़का कर कैसा रहा है. क्या वापसी के लिहाज से भुवनेश्वर यहां है? सीरीज से पहले हम सभी यह कह रहे थे कि टी20 तो महज शुरुआत भर है और उनकी वापसी के पीछे असल वजह तो अगले साल के आखिर में आयोजित होने वाला टी20 विश्व कप है. और भुवनेश्वर की वापसी इसी तैयारी का हिस्सा है.'
चोपड़ा ने आगे कहा,'लेकिन अभी तक जो हमने देखा है, वह ज्यादा उत्साहित नहीं करता. कभी-कभी खिलाड़ी विशेष की वापसी डेब्यू से भी ज्यादा मुश्किल होती है क्योंकि हर कोई आपके बारे में जानता है कि गेंदबाज कैसी गेंदबाजी करेगा. देखने वाला भी आपको ज्यादा स्पेस नहीं देता और एक झटके में करके आगे बढ़ता है. लेकिन बात यह है कि कंडीशन अच्छी हैं. हम सभी यह बात कर रहे थे कि न्यूजीलैंड वह जगह है, जहां भुवी जलवा बिखरेंगे', बहरहाल आकाश चोपड़ा ने वापसी के बाद भुवनेश्वर की 3 बड़ी खामियां बताते हुए भविष्यवाणी की है कि यह कुमार के करियर की आखिरी सीरीज हो सकती है. चलिए चोपड़ा की गिनाई तीन बड़ी खामियों के बारे में बारीज-बारी से जान लें.
1. गेंदों की लंबाई छोटी हो गई है
पूर्व ओपनर ने कहा, 'लेकिन अभी तक जो उन्होंने 12 ओवर फेंके हैं, उन्होंने इसमें बहुत ज्यादा रन दिए हैं. और यहां कुछ बातें निकल कर आ रही हैं. एक तो गेंदों की लंबाई छोटी रह जा रही है.पहले उनकी लेंथ 6-7 मीटर के आस-पास होती थी. यहां से वह सीम और स्विंग कराते थे, लेकिन अब गेंदों की लंबाई कम हो गई है.
2. भुवी की गति भी कम दिख रही
आकाश ने एक और खामी की ओर इशारा करते हुए कहा कि भुवनेश्वर की गति कम दिख रही है. मुझे उनकी गेंदों में 130 प्लेस में ज्यादा बढ़ती गति दिखाई नहीं दी. वह ज्यादा से ज्यादा 131-132 किमी/घंटा स्पीड निकाल रहे हैं. और यह गति पर्याप्त नहीं है. और यह निकलकर आया कि वह वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए उतने तैयार नहीं हैं.
3. श्रेयस अय्यर के इस्तेमाल पर भी सवाल
भुवनेश्वर के तीन मैचों में 12 ओवरों में करीब 12 रन प्रति ओवर की दर की वजह के लिए चोपड़ा ने कप्तान अय्यर के भुवी के इस्तेमाल को भी बताया. उन्होंने कहा, 'देखने में आया है कि अय्यर भुवनेश्वर को आखिर के ओवरों के लिए बचा कर ही नहीं रखते. भुवनेश्वर के ओवर 16वें ओवर तक खत्म करा दिए जाते हैं. हम 19वां और 20वां ओवर नितीश रेड्डी का देखते हैं, लेकिन भुवी गायब रहते हैं! जब आप किसी भी नजर से भुवी को देखते हैं, तो पाते हैं कि वापसी तो कर चुके हैं, लेकिन जिस उम्मीद से सभी ने सपने संजाए थे, वे तो पूरे नहीं ही हुए. अब बचे हुए दो मैच भुवनेश्वर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं और अगर इनमें बेहतर नहीं होता है, तो यह भुवनेश्वर कुमार की आखिरी सीरीज हो सकती है क्योंकि परंपरा कुछ ऐसी ही रही है. आप जल्द ही युवाओं का रुख कर लेते हैं. प्रबंधन ने पहले मैच मे अच्छा करने वाले मयंक यादव को बाहर बैठाया हुआ है. और भी गेंदबाज हैं.'
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