अमेरिकी राष्ट्रपति और ईरान के बीच सीजफायर यानी युद्धविराम खत्म करने का ऐलान किया तो बुधवार को भारत समेत दुनियाभर के बाजारों में गिरावट देखी गई. अमेरिकी बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा. आज गुरुवार को भी गिरावट का अनुमान लगाया गया था, लेकिन ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत जोरदार रही. सुबह मार्केट खुलने के बाद सेंसेक्स में 336 अंक या 0.42% की तेजी देखी गई, जबकि निफ्टी 50 में भी 112 अंक या 0.47% की तेजी देखी गई. सेंसेक्स तो एक समय फिर से 77,000 के पार चला गया.
अमूमन यही देखा गया है कि जियो-पॉलिटिकल तनाव बढ़ते ही मार्केट में गिरावट देखी जाती है. मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने के मामले में भी यही ट्रेंड देखा गया है. लेकिन आज अलग स्थिति देखी जा रही है. अमेरिका-ईरान में लड़ाई के बावजूद शेयर बाजार में ये चढ़ाई कैसे देखी जा रही है, इसके पीछे की वजहों को एक्सपर्ट से समझने की कोशिश करते हैं.
भारतीय बाजार में तेजी कैसे, Expert ने बताया
शेयर मार्केट के जानकारों के मुताबिक, बाजार में तेजी की वजह निचले स्तरों पर निवेशकों की ओर से खरीदारी करना है. इसके साथ विदेशी निवेशकों के लगातार 6 दिनों से खरीदार बने रहने से भी बाजार को सपोर्ट मिल रहा है.
बुधवार के कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 1,963 करोड़ रुपए का निवेश इक्विटी में किया था. इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इक्विटी में 790.16 करोड़ रुपए का निवेश किया था.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम होने के बीच भारतीय बाजार धीरे-धीरे मजबूत हो रहा था, लेकिन बुधवार को तनाव फिर बढ़ गया. लेकिन बाजार के संकेत बताते हैं कि हालात आशंका के मुताबिक खराब नहीं होंगे. इसके पीछे उन्होंने तर्क भी दिए.
उन्होंने कहा, 'पहली बात तो ये है कि 80 अमेरिकी डॉलर पर ब्रेंट क्रूड कोई समस्या नहीं है. इससे भुगतान संतुलन (BoP) का संकट पैदा नहीं होगा. संकट तभी दोबारा उभर सकता है, जब तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से बंद हो जाए और परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतें 100 अमेरिकी डॉलर से ऊपर पहुंच जाएं. मौजूदा वायदा बाजार ऐसा कोई निराशावादी परिदृश्य नहीं दर्शाता है.
2 रिपोर्ट और ब्लू चिप शेयरों में खरीदारी
कुछ एक्सपर्ट भारतीय शेयर बाजार को लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का सकारात्मक रुख और भारत के पक्ष में आईं 2 रिपोर्ट का भी असर मान रहे हैं. IMF ने भारत के सबसे तेज गति से आगे बढ़ने का दर्जा बरकरार रखा है. वहीं दूसरी ओर UN ने एक रिपोर्ट में भारतीय बाजार को अन्य बाजारों की तुलना में बेहतर बताया है.
विदेशी फंड फ्लो के अलावा ब्लू-चिप शेयरों में खरीदारी भी इस तेजी के पीछे की एक वजह बताई जा रही है. गुरुवार को बाजार की तेजी का नेतृत्व कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी स्टॉक्स कर रहे थे. सूचकांकों में निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी रियल्टी अब तक टॉप गेनर्स रहे हैं.
सेंसेक्स पैक में इटरनल, सन फार्मा, टाइटन, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, बीईएल, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, आईटीसी और एचयूएल गेनर्स थे.
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