वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम उछलकर 92 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने और बॉन्ड यील्ड में तेजी के कारण बुधवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत सपाट (Flat) हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 17.41 अंक की मामूली गिरावट के साथ 77,218.05 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 2.85 अंक फिसलकर 24,152.05 पर ओपन हुआ.
आईटी शेयरों में मजबूती, मेटल और ऑटो में गिरावट
कारोबार के शुरुआती दौर में मिला-जुला रुख देखने को मिला. सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी शेयरों में अच्छी खरीदारी रही और निफ्टी आईटी 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा. इसके अलावा निफ्टी रियल्टी और टेलीकॉम शेयरों में भी हल्की तेजी दर्ज की गई. वहीं दूसरी ओर, निफ्टी मेटल, ऑटो, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा और ये लाल निशान के साथ बंद हुए.
क्यों दबाव में है ग्लोबल मार्केट?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे तनाव के कारण ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को बंद रखने के बयान और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में 2007 के बाद की सबसे बड़ी तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. कच्चे तेल के तीन हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला है.
घरेलू मजबूती से बाजार को मिल रहा सहारा
वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत के मजबूत घरेलू फंडामेंटल्स, बेहतर जीडीपी ग्रोथ और वित्त वर्ष 2027 के लिए अनुमानित आय के आंकड़े बाजार को मजबूती दे रहे हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस गिरावट का फायदा उठाकर लॉन्ग-टेरर इन्वेस्टर्स क्वालिटी ग्रोथ शेयरों में निवेश कर सकते हैं, खासकर मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में अभी भी अच्छा मोमेंटम बना हुआ है.
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