देश में 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 15 अक्टूबर से लगने वाले MDR चार्ज को इस साल टाला जा सकता है. व्यापारियों के संगठनों ने इस संबंध में NPCI को प्रस्ताव भेजा है. व्यापारियों ने आग्रह किया है कि 15 अक्टूबर से लागू होने वाले UPI-MDR चार्ज को फेस्टिव सीजन या फिर इससे भी आगे 31 दिसंबर तक टाल दिया जाए. आग्रह है कि अगले साल की शुरुआत से ये चार्ज लागू किया जाए.
हालांकि, NPCI ने सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत के बाद अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है. NDTV को सूत्रों के हवाले से ये जानकारी मिली है. अगर व्यापारिक संगठनों का प्रस्ताव मान लिया जाता है तो ये व्यापारियों के लिए त्यौहारों के मौसम में बड़ी राहत होगी. कारण कि इस दौरान बंपर सेल होती है और बड़ी संख्या में लोग UPI से शॉपिंग करते है.
वित्त मंत्री से भी किया गया है आग्रह
NDTV को एक बड़े व्यापारिक सूत्र ने बताया कि व्यापारी संगठनों ने वित्त मंत्री से UPI लेनदेन पर MDR लगाने को टालने का आग्रह किया है. ट्रेडर्स ने वित्त मंत्री से अपील की है कि UPI के पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR के प्रस्ताव को 6 हफ्ते के लिए टाल दिया जाए.
वित्त मंत्री को दिए एक लिखित मेमोरेंडम में व्यापारी संगठनों ने कहा है कि MDR को लेकर व्यापारियों में संशय की स्थिति है. इसलिए इसे लागू करने की तारीख 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 1 जनवरी 2027 किया जाए.
UPI-MDR चार्ज पर क्या है प्रस्ताव?
NPCI के मुताबिक, 2,000 रुपये से ऊपर के पर्सन टू मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 % का MDR चार्ज लागू किया जाना है.
इस हिसाब से 75,000 रुपये के लेनदेन पर चार्ज 300 रुपये बनते हैं.हालांकि एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेनदेन रखी गई है.
ऐसे में 75,000 रुपये से ऊपर के जो भी ट्रांजैक्शन होंगे, उनपर अधिकतम यानी 300 रुपये MDR चार्ज लिए जाने का प्रावधान है.
2,000 रुपये से ऊपर हर ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं?
2,000 रुपये से ज्यादा के सिर्फ तय Person-to-Merchant यानी P2M ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होगा. सामान्य दर 0.4% होगी, जबकि 75,000 रुपये या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर अधिकतम MDR 300 रुपये होगा.
रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे जरूरी सेक्टरों में 2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर सिर्फ 5 रुपये का फ्लैट MDR होगा.
अहम बात ये है कि ग्राहक से MDR नहीं लिया जाएगा. बैंकों को निर्देश दिया गया है कि व्यापारी इसका बोझ ग्राहकों पर न डालें.
96% UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं
सरकार के मुताबिक, करीब 96% UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन MDR से प्रभावित नहीं होंगे. ₹2,000 तक के सभी UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR शून्य रहेगा.
इसके अलावा व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI पेमेंट किसी भी रकम पर फ्री रहेगा. छोटे व्यापारियों को UPI QR के जरिए महीने में 1 लाख तक मिलने वाली रकम पर भी MDR नहीं लगेगा. RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर भी MDR शून्य रहेगा.
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